बिहार का मशहूर चंपारण मटन कैसे बनाएं? देसी मसालों का ऐसा स्वाद कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे, जानिए रेसिपी
Champaran Mutton Recipe: भारत में मटन की कई तरह की रेसिपी बनाई जाती हैं, लेकिन बिहार का चंपारण मटन अपने खास देसी स्वाद और पकाने के अनोखे तरीके के कारण अलग पहचान रखता है. इस डिश को अहुना या हांडी मीट के नाम से भी जाना जाता है. चंपारण मटन का स्वाद इतना गहरा और मसालेदार होता है कि एक बार खाने के बाद लोग इसका स्वाद लंबे समय तक याद रखते हैं. इस डिश की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा जटिल प्रक्रिया नहीं होती. इसमें मसालों को अलग से भूनने या बार बार चलाने की जरूरत नहीं होती. मटन, मसाले और सरसों का तेल एक साथ हांडी में डाल दिए जाते हैं और फिर इसे ढककर धीमी आंच पर पकाया जाता है. जब मटन धीरे धीरे अपने ही रस में पकता है, तो मसालों का स्वाद उसमें पूरी तरह समा जाता है. यही वजह है कि चंपारण मटन का स्वाद इतना खास और दमदार होता है.
आजकल यह डिश सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में काफी लोकप्रिय हो चुकी है. कई लोग इसे ढाबों और रेस्टोरेंट में खाने के लिए खास तौर पर ऑर्डर करते हैं. अच्छी बात यह है कि थोड़ी सी तैयारी और सही तरीके से पकाने पर आप इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं.
चंपारण मटन की खासियत
चंपारण मटन को खास बनाता है इसका देसी मसाला और पकाने का पारंपरिक तरीका. इसमें धनिया बीज, जीरा, काली मिर्च, लौंग, हरी इलायची, काली इलायची, सौंफ, चक्र फूल, जायफल और जावित्री जैसे मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. इन मसालों को हल्का भूनकर पीस लिया जाता है, जिससे इनकी खुशबू और स्वाद और ज्यादा उभरकर आता है. इसके बाद मटन में कटा प्याज, अदरक लहसुन पेस्ट, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और सरसों का तेल मिलाया जाता है. इस डिश में सरसों का तेल बहुत अहम भूमिका निभाता है. यही तेल मटन को एक अलग देसी फ्लेवर देता है, जो इस रेसिपी की पहचान बन चुका है.
इस डिश का एक और महत्वपूर्ण स्टेप है मेरिनेशन. मटन को कम से कम 6 से 8 घंटे के लिए मसालों में मेरिनेट किया जाता है. अगर समय हो तो इसे पूरी रात भी रखा जा सकता है. इससे मसालों का स्वाद मटन के अंदर तक पहुंच जाता है और पकने के बाद डिश का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है.
चंपारण मटन बनाने के लिए सामग्री
चंपारण मटन बनाने के लिए आपको लगभग 1 किलो मटन, 4 से 5 बारीक कटे प्याज, 2 बड़े चम्मच अदरक लहसुन पेस्ट, 2 छोटे चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 2 छोटे चम्मच धनिया पाउडर, नमक स्वाद अनुसार और आधा कप सरसों का तेल चाहिए. साबुत मसालों में धनिया बीज, जीरा, काली मिर्च, लौंग, हरी इलायची, काली इलायची, सौंफ, चक्र फूल, जायफल और जावित्री का इस्तेमाल किया जाता है.
चंपारण मटन बनाने का तरीका
सबसे पहले साबुत मसालों को बिना तेल के हल्का भून लें. जब मसालों से खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें और उन्हें ठंडा होने दें. इसके बाद इन मसालों को पीसकर बारीक पाउडर बना लें. अब साफ किए हुए मटन में पिसा मसाला, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी, नमक, अदरक लहसुन पेस्ट और कटा प्याज डालें. इसके बाद इसमें भरपूर सरसों का तेल डालकर हाथ से अच्छी तरह मिला लें ताकि मसाला हर टुकड़े पर लग जाए. अब इस मटन को ढककर 6 से 8 घंटे के लिए मेरिनेट होने के लिए रख दें. अब मिट्टी की हांडी लें और उसमें हल्का सा सरसों का तेल लगा दें. मेरिनेट किया हुआ मटन हांडी में डाल दें. ऊपर से बचा हुआ मसाला भी डाल दें.
अब हांडी का ढक्कन लगाकर उसे आटे की मोटी लोई से चारों तरफ से सील कर दें. गैस पर पहले तवा रखें और उसके ऊपर हांडी रखें. आंच बिल्कुल धीमी रखें और मटन को करीब 1 से 1.5 घंटे तक पकने दें. बीच बीच में हांडी को हल्के से हिलाया जा सकता है, लेकिन ढक्कन नहीं खोलना चाहिए. जब मटन अच्छी तरह पक जाए, तो गैस बंद कर दें और कुछ देर बाद हांडी खोलें. अब गरमागरम चंपारण मटन को रोटी, पराठा या चावल के साथ परोसा जा सकता है.