Sanju Samson creat unique record in ICC T20 World Cup: संजू सैमसन सिर्फ 5 मैच खेलकर बने टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

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संजू के इस रिकॉर्ड पर किसी का ध्यान ही नहीं गया? T20 WC में पहली बार हुआ ऐसा

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Sanju Samson creat unique record in ICC T20 World Cup: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन ने कमाल कर दिया. संजू सैमसन टीम इंडिया के लिए सिर्फ पांच मैचों में मैदान पर और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया. संजू ने टीम इंडिया के लिए आखिर तीन मैचों में बैक टू बैक अर्धशतकीय पारी खेली. संजू सैमसन की जबरदस्त बल्लेबाजी के कारण ही टीम इंडिया रिकॉर्ड तीसरी बार चैंपियन बनी.

संजू के इस रिकॉर्ड पर किसी का ध्यान ही नहीं गया? T20 WC में पहली बार हुआ ऐसाZoom

संजू सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में रहे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

नई दिल्ली: टीम इंडिया के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 को याद किया जाएगा. संजू ने टीम इंडिया के लिए टूर्नामेंट में सिर्फ पांच मैच खेले और प्लेयर ऑफ द सीरीज बने. खास तौर से आखिरी तीन मैच में तो संजू ने गदर ही मचा दिया है. इसके साथ ही संजू सैमसन के नाम आईसीसी टी20 विश्व कप इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया. सैमसन पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने आईसीसी पुरुष या महिला वर्ग के किसी टूर्नामेंट में अपनी टीम की तरफ से चार मैचों में बाहर रहने के बावजूद ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार हासिल किया.

सैमसन से पहले सिर्फ चार खिलाड़ी ही ऐसे थे जिन्होंने अपनी टीम के सभी मैच नहीं खेलने के बावजूद टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता था. ये वैसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपनी टीम के लिए सिर्फ एक मैच को मिस किया, लेकिन सैमसन के साथ मामला अलग है. सैमसन चार मैच में टीम इंडिया के लिए बाहर थे. बता दें कि टूर्नामेंट के शुरू होने पर सैमसन रन बनाने के लिए जूझ रहे थे और इसलिए उन्हें शुरुआती मैचों में प्लेइंग इलेवन में नहीं चुना गया था. उन्हें बीच में अभिषेक शर्मा के अस्वस्थ होने के कारण एक मैच खेलने का मौका मिला, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया था.

संजू ने आखिर तीन मैचों में जड़ा अर्धशतक

सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका से बड़ी हार के बाद भारत ने अपने शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए दाएं हाथ के बल्लेबाज सैमसन को मौका दिया और केरल के इस खिलाड़ी ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा. सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल की तरह बने मैच में नाबाद 97 रन बनाए. इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी 89 रन बनाकर भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया. भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल नौ मैच खेले, जिनमें से सैमसन पांच मैच ही खेल पाए थे. आईसीसी के पुरुष या महिला वर्ग के टूर्नामेंट में इससे पहले ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनने वाले किसी खिलाड़ी ने या तो अपनी टीम के सभी मैच खेले थे या फिर वे केवल एक मैच से बाहर रहे थे.

जिन खिलाड़ियों ने आईसीसी के किसी टूर्नामेंट में एक मैच नहीं खेलने के बावजूद ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ पुरस्कार हासिल किया था, उनमें ऑस्ट्रेलिया की लिसा कीटली (महिला वनडे विश्व कप 2000, नौ में से आठ मैच खेले), ऑस्ट्रेलिया की ही कारेन रोल्टन (महिला वनडे विश्व कप 2005, आठ में से सात मैच खेले), इंग्लैंड के केविन पीटरसन (पुरुष टी20 विश्व कप 2010, सात में से छह मैच खेले) और न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र (चैंपियंस ट्रॉफी 2025, पांच में से चार मैच खेले) शामिल हैं.

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Jitendra Kumar

अक्टूबर 2025 से नेटवर्क 18 समूह में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव. एबीपी न्यूज डिजिटल में स्पोर्ट्स बीट से करियर की शुरुआत। इंडिया टीवी और नवभारत टाइम्स ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संस्…और पढ़ें

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