इन 3 फिल्मों में थे शिवरंजनी राग पर बने सुपरहिट सॉन्ग, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने किए कंपोज, मेकर्स हुए मालामाल

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Superhit Hindi Songs based on Shivranjani Raag : संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने बॉलीवुड को सबसे ज्यादा पॉप्युलर सॉन्ग दिए. उनके गानों इतने कर्णप्रिय होते थे कि हर कोई उन्हें गुनगना लेता था. आज भी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के गानों पर यंग जनरेशन सोशल मीडिया पर रील्स बनाती है. इस महान संगीतकार जोड़ी के साथ एक अनोखा संयोग जुड़ा हुआ है. इस संगीतकार जोड़ी ने तीन बार ‘शिवरंजनी राग’ पर ऐसे गाने बनाए जो रिलीज होते ही छा गए. इतना ही नहीं, तीनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया. तीनों ही फिल्में सुपरहिट साबित हुईं. ये गाने कौन से थे और फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं…….

शिवरंजनी राग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल बॉलीवुड फिल्मों में किया गया है. लक्ष्मीकांत-प्यारेलान ने अपनी कई फिल्मों में इस राग से सजे गाने बनाए. यह राग सुनने में बहुत ही कर्णप्रिय होता है. करुण-शांत रस से भरे गाने शिवरंजनी राग पर ही बनाए जाते हैं. इसमें 5 स्वर होते हैं : सा, रे, गा, प, ध. इसमें दो स्वर मा और नि वर्जित होते हैं. अगर भोपाली राग के शुद्ध गंधार को शीतल कर दिया जाए तो शिवरंजनी राग बन जाता है. 4 साल में तीन ऐसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर आईं जिनमें शिवरंजनी राग से सजे गाने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने बनाए थे. इन गानों की सुरीली धुनें आज भी दिलों में राज कर रही हैं. तीनों फिल्में सुपरहिट निकलीं. ये फिल्में थीं : एक दूजे के लिए (1981), प्रेम रोग (1982) और प्यार झुकता नहीं (1985).

सबसे पहले बात करते हैं फिल्म 5 जून 1981 को रिलीज हुई फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ की जिसका डायरेक्शन के. बालचंदर ने किया था. प्रोड्यूसर एलवी प्रसाद थे. कमल हासन-रति अग्निहोत्री सपना-वासु के रोल में थे. दोनों की इंटेस लव स्टोरी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. दोनों की यह बॉलीवुड में डेब्यू फिल्म थी. दोनों इससे पहले तमिल और तेलुगू की कई फिल्मों में काम कर चुके थे. लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर रहा था.

फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अनजाना’, ‘मेरे जीवन साथी प्यार किए जा’, ‘हम तुम दोनों जब मिल जाएंगे’, ‘हम बने तुम बने एकदूजे के लिए’ और ‘सोलह बरस की बाली उमर को सलाम’ जैसे सॉन्ग शामिल थे. इन गानों नेआपने भी कहीं ना कही जरूर सुना होगा. गानों की मेलोडी पहली ही नजर में ध्यान खींच लेती है. गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे. इसी फिल्म का ‘तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अनजाना’ शिवरंजनी राग पर आधारित था. इस गाने को एसपी बालासुब्रमण्यम ने गाया था. फिल्म की सैड एंडिंग ने दर्शकों को सिनेमाघरों में खूब रुलाया था. 70 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 10 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. 1981 में बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में यह मूवी 6वें नंबर पर रही थी.

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इसी कड़ी में दूसरा नाम ऋषि कपूर – पद्मिनी कोल्हापुरे स्टारर फिल्म ‘प्रेम रोग’ का है जिसका डायरेक्शन राज कपूर ने किया था. यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म 30 जुलाई 1982 में रिलीज हुई थी. ऋषि कपूर ने देवधर और पद्मिनी कोल्हापुरे ने अमीर परिवार की मनोरमा का किरदार निभाया था. शादी के दूसरे दिन ही उसके पति की मौत हो जाती है. पति की मौत के बाद ससुराल में मनोरमा के साथ दुर्व्यवहार होता है. देवधर मनोरमा से शादी करने का फैसला करता है और कहानी में बड़ा मोड़ आता है. प्रेम रोग में पद्मिनी कोल्हापुरे को रातोंरात स्टार बना दिया. सिर्फ 17 साल की उम्र में बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत लिया था.

प्रेम रोग में म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. फिल्म के ज्यादातर गाने गीतकार संतोष आनंद ने लिखे थे. फिल्म के सभी गाने सुपरहिट थे. इन सुपरहिट गानों में ‘भंवरे ने खिलाया फूल’, ‘मैं हूं प्रेम रोगी’, ‘मेरी किस्मत ने तो नहीं शायद’, ‘मोहब्बत है क्या चीज’, ‘ये गलियां ये चौबारा’ और ‘ये प्यार था कुछ और था’ जैसे सॉन्ग शामिल थे. फिल्म का एक गाना ‘मैं हूं प्रेम रोगी, मेरी दवा तो कराओ’ शिवरंजनी राग पर बेस्ड था. फिल्म का एक गाना, ‘ये गलियां ये चौबारा’ भैरवी हिंदुस्तानी राग पर आधारित था. मूवी सुपरहिट साबित हुई थी.

प्यार एक अहसास है, इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है. प्यार मजहब, ऊंच-नीच नहीं देखता है, कुछ ऐसे ही जज्बातों को लेकर 15 जनवरी, 1985 में एक फिल्म ‘प्यार झुकता नहीं’ रिलीज हुई थी. मिथुन चक्रवर्ती-पद्मिनी कोल्हापूरे स्टारर इस फिल्म के गाने-कहानी को खूब पसंद किया गया था. डायरेक्टर विजय सदाना थे. प्रोड्यूसर केसी बोकाड़िया थे. कहानी एचएस बिहारी ने लिखी थी. म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था. गीत एचएस बिहारी ने लिखे थे. फिल्म के सभी गाने सुपरहिट थे. ‘तुमसे मिलकर ना जाने क्यों’ के तीन वर्जन फिल्म में रखे गए थे.

प्रोड्यूसर केसी बोकाड़िया ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि गीतकार एचएस बिहारी ने ‘प्यार झुकता नहीं’ के सभी गाने लिखे थे. ‘तुमसे मिलकर ना जाने क्यों’ गाने के बोल कुछ और थे. रात में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के घर पर बैठे थे. सुबह रिकॉर्डिंग होनी थी. गाना हारमोनियम पर सुनाया तो अच्छा नहीं लगा. मैंने शिवरंजनी राग पर गाना बनाने का सुझाव दिया. ‘प्यार झुकता नहीं’ फिल्म को 1977 में आई मूवी ‘आईना’ का रीमेक थी. मगर दिलचस्प बात यह है कि ‘पाकिस्तानी मूवी ‘आईना’ भी बॉलीवुड की आंधी, आ गले लग जा… जैसे फिल्मों की कहानी को मिक्स कर बनाई गई थी. आईना फिल्म में एक गाना था जिसके बोल थे : ‘तुम मुझको दिल से, ना भुलाना, चाहे रोके, ये जमाना…’ इतना मुखड़ा उठाकर ‘प्यार झुकता नहीं’ में लिया गया. गाना बना ‘तुमसे मिलकर, ना जाने क्यों…’ बनाया. इस गाने में ‘और भी कुछ याद आता है, याद आता है…’ ये शिवरंजनी नोट्स हैं.

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