‘बताओ कैसे-कैसे लोग सुना गए?’ डिप्टी CM बृजेश पाठक के लिए क्यों बोले ऐसा कुमार विश्वास, राज्यसभा की खीझ या कुछ और?
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कुमार विश्वास का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसे लेकर सोशल मीडिया दो फाड़ में बंट गया है. एक तरफ जहां इसे हंसी-मजाक के साथ जोड़कर देखने को कहा जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ इसे कुमार विश्वास की खीझ बताई जा रही है. अब सवाल यह है कि कुमार विश्वास को किस बात की खीझ.

कुमार विश्वास ने बृजेश पाठक की ली मौज.
लखनऊः नेताओं का कवि हो जाना आम बात है. लेकिन कवि का नेता हो जाना यह दर्शाता है कि उसके मन में भी राजनीतिक गलियारों में चहलकदमी करने की इच्छा है. अब जब बात कवि की हो और साथ में राजनीति की तो आजकल के दौर में एक ही नाम सबके मन में आता है, वह नाम है डॉ. कुमार विश्वास. कुमार विश्वास इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कुमार विश्वास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के लिए कुछ कह रहे हैं. क्योंकि उसी कार्यक्रम में बृजेश पाठक भी शामिल हुए थे और कुमार विश्वास के साथ हंसी-मजाक करते हुए निकल गए थे.
कहीं राज्यसभा ना भेजे जाने पर खीझे तो नहीं कुमार विश्वास?
कुमार विश्वास का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसे लेकर सोशल मीडिया दो फाड़ में बंट गया है. एक तरफ जहां इसे हंसी-मजाक के साथ जोड़कर देखने को कहा जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ इसे कुमार विश्वास की खीझ बताई जा रही है. अब सवाल यह है कि कुमार विश्वास को किस बात की खीझ. दरअसल, कुमार विश्वास का जिस तरह से बीजेपी के साथ नजदीकियां नजर आती हैं, उस हिसाब से हर कोई यही अटकलें लगा रहा होता है कि कुमार विश्वास को बीजेपी कब राज्यसभा भेजेगी. तो ऐसे में कुमार विश्वास के इस वायरल वीडियो को राज्यसभा ना भेजे जाने की खीझ बताई जा रही है.
आखिर वीडियो में क्या बोले कुमार विश्वास
आपने जो चार घंटे सुनवाया है, इसके लिए मैं आभारी हूं और कैसे-कैसे लोग सुनाकर निकल लिए. वो बृजेश पाठक बताओ. दोनों तरफ बांह फेंक-फेंक के भाषण दिया, मुझे लगा कुछ देकर जाएगा.तो भी अपना देकर नहीं गया, पिता जी का चार वेद देकर गया. अरे भाई उपमुख्यमंत्री है, दो-चार करोड़ रुपये देकर जाता कि मैं दो करोड़ देता हूं, चार करोड़ देता हूं. बोले वेद ले लो. अब वह तो स्वयं में द्विवेदी है. उसके पास दो तो ओरिजनल रखे होंगे. बोले दो वेद मैं दे रहा हूं.’
‘पता है मेरी सैलरी क्यों नहीं बताया’
इसके अलावा कुमार विश्वास ने कहा कि आपको ये (डिप्टी सीएम) बात सीखा गए कि कलेक्टर को इतने पैसे मिलते हैं. दारोगा को इतने मिलते हैं और कुमार विश्वास जी को कितने मिलते हैं, मैं बताऊं क्या. और बताते-बताते वह (डिप्टी सीएम बृजेश पाठक) चुप हो गए. तो विकास दिव्यकीर्ति जी ने मुझसे पूछा की भाई जी इन्होंने क्यों नहीं बताया.मैंने कहा कि इसको पता था कि बाद में मैं बोलूंगा और फिर मैं बताऊंगा की इसके पास कितने हैं. तो नेता तो हैं पर समझदार हैं.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें