बहराइच के खतरनाक मोड़: सड़क हादसों से सावधान रहें
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बहराइच शहर के आसपास पांच ऐसे खतरनाक मोड़ हैं जहां तेज रफ्तार, लापरवाही और उचित साइनबोर्ड न होने की वजह से आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं. तिकोरा मोड़, गोलवा घाट, झिगहा घाट और शहर के अंदर के कुछ मोड़ इन घटनाओं के मुख्य केंद्र हैं. यात्रियों और स्थानीय लोगों को इन स्थानों से गुजरते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है.
बहराइच शहर से दूर लगभग 5 किलोमीटर लखनऊ रोड पर टिकोरा मोड़ स्थान पड़ता है, जहां से एक रास्ता चेलाहारी घाट होते हुए सीतापुर, लखनऊ समेत कई जिलों को जोड़ता है, तो वही एक रोड सीधे लखनऊ की ओर चली जाती है. लखनऊ की ओर जाने वाली ही रोड वापस बहराइच की ओर आती है. लेकिन यहां पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, जिसको लेकर समय-समय पर यहां पर स्थित चौकी भी बैरिकेडिंग करती है. बावजूद इसके भी यहां पर आए दिन रोड एक्सीडेंट होते हैं.
जब बहराइच शहर की आबादी बढ़ी तब बहराइच शहर के तिकोनी बाग चौकी के पास से एक हाईवे सीधा झिगाह घाट को जोड़ने वाला बनाया गया. लेकिन वही एंडिंग पॉइंट पर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास बीच में बने मकान की वजह से इसका टर्निंग पॉइंट अचानक से घुमा दिया गया. अब बीच में बने हुए मकान की वजह से एक दूसरी तरफ से आने वाले वाहन या लोग दिखाई नहीं देते हैं. वाहन की गति धीमी होने पर तो लोग संभल जाते हैं, लेकिन कई बार तेज रफ्तार की वजह से यहां पर दुर्घटनाएं हो जाती है. तो अगर आप इस मोड़ से गुजरे तो रहे सावधान वरना यहां भी हो सकती है दुर्घटना.
बहराइच का तीसरा डेंजर मोड गोलवा घाट जहां पर हाईवे का निर्माण नेशनल हाईवे ने जल्द ही कराया है. यहां भी जरा संभल कर, दरअसल यहां ना तो कोई अंधा मोड़ है और ना ही कोई वन-वे रोड, यहां पर दिक्कत की बात करें तो नेशनल हाईवे ने जो रोड बनाई है वह रोड सीधे लखीमपुर ,रुपईडीहा को जोड़ती है. जहां पर बीच में कुछ दूरी पर डिवाइडर भी दिया गया है, वही डिवाइडर को बीच से खोला गया है शहर की ओर जाने के लिए लेकिन यहां पर लोग अक्सर चक्रीया जाते हैं. आधी आबादी तो शहर की ओर सिंगल गोलवा घाट से आने वाले रास्ते पर ही जाती है, तो आधी डिवाइडर को पार कर, यही वजह है जो आए दिन यहां पर घटना होती है. कई बार डिवाइडर के रास्ते शहर की ओर जाने वालो को नानपारा की ओर से आने वाले तेज रफ्तार वाहन का सामना करना पड़ जाता है और घटना हो जाती है यहां भी गुजरे तो जरा संभल कर.
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चौथे मोड़ की बात करें तो यहां भी आए दिन छुटपुट घटनाएं होती रहती है, सबसे बड़ी लापरवाही की बात है यहां पर प्रशासन ने ना तो कोई रेडियम ना कोई सिंबल लगा रखा है. इस वजह से यहां पर लोग कंफ्यूज रहते हैं. यह मार्ग झिगहा घाट के उस पर रामगांव थाने अंतर्गत आता है, जो मार्ग सीधा लखनऊ नया हाईवे को जोड़ता है दूसरा रामगाव क्षेत्र को जोड़ता है और तीसरा बहराइच शहर को जोड़ता है. जहां रामगाव क्षेत्र से आने वाली आधी आबादी तो डिवाइडर के उस पार नीलम तारा हॉस्पिटल की ओर से सफर करती है. तो आधी आबादी नानपारा हाईवे की ओर से घूम कर शायद यही वजह है कि यहां भी आए दिन घटनाएं होती है तो यहां भी जाएं तो थोड़ा संभल कर.
पांचवें नंबर के इस डेंजर मोड़ की बात करें तो कहीं दूर मत जाइए यह शहर में ही बना हुआ है जो मोड़ आए दिन पेपर की सुर्खियां बना रहता है. यहां पर आए दिन एक्सीडेंट हुआ करते हैं खासकर एक्सीडेंट तब होते हैं जब रात के समय ट्रकों की नो एंट्री खोली जाती है. यहां पर एक रास्ता शहर से होता हुआ सीधे गोंडा मार्ग को जाता है, तो दूसरा रास्ता आबादी की ओर सलारगंज और तीसरा रास्ता शहर की ओर घंटा घर आता है, तो यहां से भी अगर आप गुजरे तो सावधान होकर.