CBSE Maths Exam: ‘मैथ्स का खौफ पीछा नहीं छोड़ रहा’, 12वीं गणित का पेपर देकर लौटे छात्र कंफ्यूज
गाजीपुर: गणित विषय का नाम सुनते ही कई छात्रों के माथे पर पसीना आ जाता है, लेकिन सीबीएसई 12वीं के मैथ्स पेपर के बाद गाजीपुर के शाह फैज पब्लिक स्कूल के परीक्षा केंद्र से निकले छात्रों के चेहरे अलग कहानी बता रहे थे. कहीं राहत थी, कहीं कैलकुलस का तनाव. कुल मिलाकर पेपर ने छात्रों को उलझाया भी और उम्मीद भी दी.
परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर छात्रों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ छात्रों ने पेपर को आसान बताया, जबकि कई छात्रों के लिए कैलकुलस के सवाल चुनौतीपूर्ण साबित हुए.
मैट्रिक्स और सेक्शन-बी ने बढ़ाई स्कोर की उम्मीद
परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित रहा. कई छात्रों ने कहा कि मैट्रिक्स (Matrix) से जुड़े सवाल अपेक्षाकृत आसान थे और उन्हें हल करने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई.
छात्र सत्यम ने बताया, पेपर मॉडरेट था और ज्यादातर सवाल उसी सिलेबस से आए थे, जिससे हमने तैयारी की थी. बेसिक कॉन्सेप्ट साफ होने की वजह से पूरा पेपर समय पर हल हो गया. वहीं छात्रों का कहना था कि सेक्शन-बी में दो-दो नंबर के प्रश्न काफी सरल थे, जिससे अच्छे अंक आने की उम्मीद बढ़ गई है. जहां मैट्रिक्स के सवाल आसान रहे, वहीं कैलकुलस (Calculus) का हिस्सा कई छात्रों के लिए थोड़ा कठिन रहा.
कैलकुलस ने बढ़ाई चुनौती
छात्र आयुष ने बताया कि कैलकुलस के प्रश्न हल करने में अपेक्षाकृत ज्यादा समय लगा. हालांकि उन्होंने कहा कि LPP (Linear Programming) से जुड़े सवाल आसान थे, जिससे पेपर संतुलित बना रहा. छात्रों का मानना है कि यदि किसी ने NCERT की अच्छी तैयारी की है, तो 50 से 65 अंक हासिल करना मुश्किल नहीं होगा.
एग्जाम खत्म, लेकिन मैथ्स का डर बरकरार
परीक्षा खत्म होने के बाद भी कई छात्रों ने कहा कि गणित का डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. कुछ छात्रों ने हंसते हुए कहा, “मैथ्स का खौफ एग्जाम हॉल से बाहर निकलने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ता.” कई छात्र भविष्य में इंजीनियरिंग या तकनीकी शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं, इसलिए गणित उनके लिए आगे भी महत्वपूर्ण विषय बना रहेगा.
छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर देखा जाए, तो गाजीपुर में सीबीएसई 12वीं गणित का पेपर मॉडरेट स्तर का रहा. इस पेपर ने मेधावी छात्रों को अच्छा स्कोर करने का मौका दिया, वहीं औसत छात्रों को भी सम्मानजनक अंक की उम्मीद है.