‘इजरायल का साथ दिया तो प्रॉपर्टी जब्त कर लेंगे’, ईरान ने किन लोगों को दी धमकी
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ईरान की यह धमकी न केवल संपत्ति जब्ती तक सीमित है, बल्कि यह विदेशों में रह रहे ईरानी समुदाय के लिए एक संदेश भी है कि वे भले ही देश की सीमाओं से दूर हों, लेकिन तेहरान की नजरें और उसका कानून उन तक पहुंच सकता है.

ईरान से लेबनान तक इजरायली सेना ने मिसाइल स्ट्राइक्स की हैं. (AP)
दुबई/तेहरान. ईरान के भीतर सत्ता परिवर्तन की हलचल के बीच तेहरान ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है. ईरान की सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी ईरानी नागरिक विदेश में रहकर इजरायल या अमेरिका का समर्थन करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी होगी. ईरान के प्रॉसिक्यूटर जनरल ने सोमवार को घोषणा की कि ऐसे लोगों की ईरान में मौजूद सभी संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चेतावनी विशेष रूप से उन ईरानियों के लिए है जो देश से बाहर रह रहे हैं. हाल ही में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के दौरान कुछ ईरानी प्रवासियों ने यूरोपीय और अमेरिकी शहरों की सड़कों पर जश्न मनाया था. यह जश्न विशेष रूप से सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद देखा गया था. ईरान ने अब आधिकारिक तौर पर मुजतबा खामेनेई को उनके पिता के उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया है. इस सत्ता हस्तांतरण के बीच, शासन अपने विरोधियों और बाहरी ताकतों के समर्थकों पर नकेल कसने की तैयारी में है.
संपत्तियां होंगी जब्त, चलेगा कानूनी हंटर
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अभियोजक जनरल के कार्यालय ने कहा, उन ईरानियों को चेतावनी जारी की गई है जो विदेशों में रहकर विभिन्न तरीकों से अमेरिकी-जायोनी (इजरायल) दुश्मन के साथ सहानुभूति रखते हैं, उनका समर्थन करते हैं या सहयोग करते हैं. कानून के अनुसार उनकी सभी संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी और उन्हें अन्य कानूनी दंडों का सामना करना होगा.
यह कदम उन लोगों को डराने और चुप कराने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है जो शासन विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं. ईरान का मानना है कि जो लोग दुश्मन देशों के सैन्य अभियानों का समर्थन कर रहे हैं, वे “देशद्रोही” हैं और उन्हें ईरान की धरती पर आर्थिक लाभ लेने का कोई हक नहीं है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी पैनी नजर
28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के बाद से सोशल मीडिया पर ईरान विरोधी लहर देखी गई है. टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप पर हाल ही में कई ऐसे चैनल बनाए गए हैं जो उन प्रमुख ईरानी प्रवासियों की जानकारी साझा कर रहे हैं जो ईरान के धार्मिक अधिकारियों की आलोचना कर रहे हैं. इन चैनलों पर उनकी पोस्ट, उनके ठिकानों और ईरान में उनके संपर्कों का विवरण दिया जा रहा है ताकि सरकार उन पर कार्रवाई कर सके.
कितनी बड़ी है ईरानी प्रवासियों की संख्या?
ईरान के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लगभग 50 लाख ईरानी नागरिक देश से बाहर रह रहे हैं. हालांकि, कुछ ईरानी मीडिया संस्थानों का दावा है कि यह संख्या 1 करोड़ के करीब हो सकती है. इनमें से अधिकांश लोग अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में बसे हुए हैं.
ईरानी प्रवासियों का एक बड़ा हिस्सा लंबे समय से तेहरान में राजनीतिक बदलाव की मांग करता रहा है. लेकिन अब, जब ईरान सीधे तौर पर युद्ध और आंतरिक नेतृत्व संकट से जूझ रहा है, तो शासन ने इन लोगों की आर्थिक नब्ज पर प्रहार करने का फैसला किया है.
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