मार्च में ही UP का सबसे गर्म जिला बना झांसी, बाहर निकलने से भी लोगों को लग रहा डर, बोले- ‘दोपहर के समय तो…’
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Public Opinion Jhansi Weather: झांसी जिले में गर्मी का भीषण प्रकोप चल रहा है. लोग अब घर से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं. आम जनता ने भीषण गर्मी को लेकर अपनी राय दी है. उन्होंने कहा कि मार्च में ही मई-जून जैसी गर्मी पड़ रही है.
झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में इस समय गर्मी धीरे-धीरे बढ़ रही है और रविवार के दिन गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया, जहां पारा 36 डिग्री तक पहुंच गया. सुबह से ही धूप तेज लगने लगी है. दोपहर में सड़कों पर चलना मुश्किल महसूस होने लगा है. लोग कह रहे हैं कि मार्च में ही मई जैसी गर्मी महसूस हो रही है. बाजार में निकलने वाले लोग सिर पर कपड़ा रखकर चल रहे हैं. पानी और ठंडे पेय की मांग बढ़ रही है. कई लोग बोल रहे हैं कि अगर अभी से इतनी गर्मी है तो आगे के महीने और ज्यादा मुश्किल हो सकती है. बुजुर्ग लोग कह रहे हैं कि पहले भी बुंदेलखंड में गर्मी पड़ती थी. लेकिन इस बार गर्मी जल्दी शुरू होती दिख रही है. आम लोग अब आने वाले दिनों को लेकर चिंता भी जता रहे हैं.
झांसी और पूरे बुंदेलखंड में हर साल गर्मी बहुत तेज पड़ती है. अप्रैल के बाद सूरज की तपन और बढ़ जाती है. मई और जून में हालत और ज्यादा कठिन हो जाती है. दोपहर के समय सड़कें खाली दिखाई देती हैं. लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलते हैं. कई जगह लू जैसी गर्म हवा भी चलती है, जो लोगों को परेशान कर देती है. खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर सबसे ज्यादा दिक्कत महसूस करते हैं. पानी की कमी भी कई बार परेशानी बढ़ा देती है.
दोपहर में अब कम निकल रहे लोग
इस साल भी लोगों को डर है कि गर्मी पिछले साल से ज्यादा पड़ सकती है. कुछ लोग कह रहे हैं कि पेड़ कम होते जा रहे हैं, इसलिए धूप और ज्यादा लगती है. कई लोग यह भी बोल रहे हैं कि शहर में गाड़ियों की संख्या बढ़ने से भी गर्मी का असर ज्यादा महसूस होता है. बाजार में दुकानदार कह रहे हैं कि दोपहर में ग्राहक कम हो जाते हैं. क्योंकि लोग धूप से बचना चाहते हैं कई लोग सुबह जल्दी या शाम को ही बाजार आना पसंद कर रहे हैं.
खाने-पीने पर देना होगा ध्यान
डॉक्टर और जानकार लोग भी गर्मी से बचने की सलाह दे रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि आने वाले महीनों में पानी ज्यादा पीना जरूरी होगा. हल्का खाना खाना होगा और दोपहर की तेज धूप से बचना होगा. बुंदेलखंड में हर साल गर्मी कड़ी परीक्षा लेती है. इस बार भी लोग उसी तरह की तैयारी करते दिख रहे हैं. घरों में पंखे, कूलर ठीक किए जा रहे हैं. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि किसी तरह यह गर्मी का मौसम सुरक्षित निकल जाए.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.