रमजान में बेहद खास है इस प्रजाति का खूजर, ताकत का है खजाना, बंपर हो रही डिमांड, जानें रेट
रमजान में बेहद खास है इस प्रजाति का खूजर, ताकत का है खजाना, बंपर हो रही डिमांड
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Ramdan Khajoor: रमजान शुरू होते ही पीलीभीत के बाजारों में खजूर की मांग तेजी से बढ़ गई है. स्थानीय व्यापारी सैयद फ़ैज़ अली के अनुसार बाजार में अजवा, कलमी, किमिया और ईरानी समेत कई वैरायटी उपलब्ध हैं. इनमें अजवा और कलमी खजूर की सबसे ज्यादा डिमांड है. साधारण खजूर 150 से 200 रुपये किलो मिल रहे हैं, जबकि प्रीमियम खजूर 800 से 5000 रुपये किलो तक बिक रहे हैं. रोजेदार इफ्तार में खजूर से रोजा खोलना पसंद करते हैं, क्योंकि इसे सुन्नत माना जाता है और यह तुरंत ऊर्जा भी देता है.
पीलीभीत. रमजान के पाक महीने की शुरुआत होते ही पीलीभीत के बाजारों में रौनक बढ़ गई है. गलियों और दुकानों पर इफ्तार से जुड़ी खास चीजें सजने लगी हैं, लेकिन इन सबके बीच खजूर की सबसे ज्यादा मांग देखने को मिल रही है. रोजेदार पूरे दिन की इबादत के बाद शाम को जब रोजा खोलते हैं, तो उनकी पहली पसंद खजूर ही होती है. इसी को लेकर लोकल 18 की टीम ने पीलीभीत के स्थानीय खजूर व्यापारी सैयद फ़ैज़ अली से खास बातचीत की, जिन्होंने बाजार के माहौल और खजूर की अलग-अलग खूबियों के बारे में जानकारी दी.
बाजार में कई वैरायटी के खजूर मौजूद
सैयद फ़ैज़ अली बताते हैं कि इस बार बाजार में खजूर की कई वैरायटी उपलब्ध हैं, लेकिन लोगों के बीच प्रीमियम क्वालिटी के खजूरों को लेकर खासा क्रेज देखने को मिल रहा है. इनमें अजवा खजूर और कलमी खजूर की मांग सबसे ज्यादा है. अजवा खजूर को मेडिना की खास सौगात और खजूरों का राजा माना जाता है, इसलिए लोग इसे बड़े शौक से खरीदते हैं. वहीं कलमी खजूर अपनी बेहतरीन बनावट और खास मिठास के लिए जाना जाता है. इसके अलावा किमिया खजूर और ईरानी खजूर भी मध्यम वर्ग के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं.
खजूर की कीमत 150 से 5000 रुपये तक
अगर कीमत की बात करें तो बाजार में साधारण खजूर करीब 150 से 200 रुपये प्रति किलो से शुरू हो रहे हैं. वहीं प्रीमियम क्वालिटी के खजूर 800 रुपये से लेकर 5000 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं. अलग-अलग वैरायटी और क्वालिटी के हिसाब से उनकी कीमत तय होती है.
रोजा खोलने की सुन्नत है खजूर
खजूर का महत्व केवल स्वाद या कीमत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा धार्मिक महत्व भी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खजूर से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है, क्योंकि पैगंबर Muhammad भी इसी से इफ्तार किया करते थे. यही वजह है कि दुनिया भर के मुसलमान इसे अपनी आस्था से जोड़कर देखते हैं.
सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद
सेहत के लिहाज से भी खजूर को कुदरती ताकत का खजाना माना जाता है। पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के कारण शरीर में शुगर का स्तर कम हो जाता है और कमजोरी महसूस होने लगती है. खजूर में मौजूद नेचुरल शुगर शरीर में पहुंचते ही खून में घुल जाती है, जिससे रोजेदार को तुरंत ऊर्जा और ताजगी मिलती है। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें