पहले मौसी की बेटी भगाई, फिर सगी साली से मंदिर में रचाई शादी… कत्ल की ये कहानी रूह कंपा देगी
Etawah News: रात के करीब 3 बज रहे थे. इटावा कोतवाली पुलिस सामान्य सुस्ती में था, कि तभी एक शख्स थाने के अंदर दाखिल होता है. उसके हाथों पर ताज़ा खून के निशान थे और आंखों में एक अजीब सी खामोशी. ड्यूटी पर मौजूद सिपाही कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उस शख्स ने जो कहा, उसने पुलिसवालों के पैरों तले जमीन खिसका दी. दरअसल, शख्स ने ठंडे लहजे में कहा, ‘मैंने अपनी पत्नी (साली) को मार दिया है, लाश घर में पड़ी है.’
यह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) पर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में घटी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली हकीकत है. जिस दिन दुनिया महिलाओं के सम्मान की बातें कर रही थी, उसी दिन एक 35 साल के हैवान जीजा ने अपनी 16 साल की मासूम साली की जिंदगी का दीया हमेशा के लिए बुझा दिया.
होली के दिन शुरू हुई थी ‘खूनी प्रेम कहानी’
इस खूनी दास्तान की शुरुआत 4 मार्च यानी होली वाले दिन हुई थी. सैफई इलाके के नगला सुभान गांव की रहने वाली 16 साल की सुनैना (बदला हुआ नाम), जो राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा थी, अचानक गायब हो गई. परिजनों का आरोप है कि उनका रिश्ते का दामाद विजय कुशवाहा (35 वर्ष) उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था. विजय पेशे से हलवाई और दिल्ली में जल बोर्ड में संविदा पर मैकेनिक का काम करता है और उसका सुनैना के घर काफी आना-जाना था.
दरअसल, होली वाले दिन, जब पूरा देश रंगों में डूबा था, विजय जो उम्र में सुनैना से करीब 20 साल बड़ा है ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और उसे भगाकर दिल्ली ले गया. सुनैना के अचानक लापता हो जाने से परिवार बदहवास था, सैफई थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया, लेकिन विजय ने दिल्ली के एक मंदिर में सुनैना की मांग भरकर शादी के फोटो और वीडियो परिजनों को भेज दिए.
‘मम्मी, हमें मारना मत… हम वापस आ रहे हैं’
दरअसल, सुनैना के पिता रघुराज सिंह और भाई शिवम ने बताया कि शादी की खबर मिलने के बाद मां ने फोन पर सुनैना से बात की थी. मां ने उसे फोन कर घर लौटने को कहा और जान का वास्ता दिया. बेटी डरी हुई थी, उसने फोन पर आखिरी शब्द कहे थे, ‘मम्मी, हमें मारना मत, हम घर आ जाएंगे.’ मां ने उसे भरोसा दिया कि सब ठीक हो जाएगा, घर लौट आओ. विजय उसे लेकर इटावा आया, लेकिन उसे घर ले जाने के बजाय उसने मौत के साये में छिपा दिया.
दो शादियां और सनक की इंतहा
मृतक छात्रा के भाई शिवम ने बताया कि विजय ने करीब 5 साल पहले उनकी मौसी की बेटी निशा को भी भगाकर शादी की थी. निशा और विजय का एक बेटा भी है. हालांकि, पिछले कुछ महीनों से विजय और निशा के बीच अनबन चल रही थी, जिसके कारण निशा अपने मायके में रह रही थी. पत्नी को मनाने के बहाने विजय अपनी ससुराल आता-जाता था और वहीं उसकी नजर अपनी साली सुनैना पर पड़ गई.
ईंट से कूचा सिर, चाकू से रेती गर्दन
शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे, विजय ने करनपुरा इलाके के एक कमरे में सुनैना पर हमला बोल दिया. पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, विजय और सुनैना के बीच किसी बात को लेकर अनबन हुई. गुस्से में पागल विजय ने पहले सुनैना पर धारदार हथियार (चाकू) से वार किए और फिर ईंट से उसका सिर तब तक कूचा जब तक कि उसकी सांसें थम नहीं गईं.
अगली सुबह जब अस्पताल में स्ट्रेचर पर 16 साल की बच्ची की लाश मिली, तो मंजर देख डॉक्टरों की रूह भी कांप गई. गर्दन पर रस्सी के निशान और सिर पूरी तरह कुचला हुआ था. इतना ही नहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विजय खुद कोतवाली थाने पहुंचा. उसके हाथ में खून से सनी ईंट थी. उसने पुलिस को बताया, ‘मैंने अपनी साली को मार दिया है, लाश घर में पड़ी है.’
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तो फर्श पर सुनैना का लहूलुहान शव पड़ा मिला. पुलिस ने तुरंत उसे डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल में मौजूद सुनैना के पिता रघुराज सिंह और भाई शिवम का रो-रोकर बुरा हाल है. पिता ने बताया,
हमें रात को पुलिस का फोन आया कि अस्पताल पहुंचो. वहां मेरी बेटी स्ट्रेचर पर मरी पड़ी थी. विजय उम्र में उससे बहुत बड़ा था, उसने मेरी बच्ची की जिंदगी बर्बाद कर दी और फिर उसे मार डाला.
अस्पताल के इमरजेंसी डॉक्टर श्याम मोहन ने बताया कि तड़के करीब 4 बजे पुलिस शव लेकर आई थी, जिसे मोर्चरी में रखवा दिया गया है. शरीर पर चोट के गहरे निशान और गर्दन पर रस्सी जैसे निशान मिले हैं.
पुलिस का क्या कहना है?
इटावा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि आरोपी विजय को हिरासत में ले लिया गया है. उसने खुद जुर्म कबूल किया है. शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग और घरेलू विवाद का लग रहा है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. सैफई थाने में पहले से ही आरोपी के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज था, अब इसमें हत्या की धाराएं जोड़ी जा रही हैं. पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है कि क्या इस कत्ल में कोई और भी शामिल था.