1 छोटी सी गलती बिगाड़ देती है मठरी का क्रंच, जानिए हलवाई स्टाइल खस्ता मठरी का असली फॉर्मूला, बनेंगी परफेक्ट और क्रिस्पी
Crispy Mathri Recipe: शाम की चाय हो और साथ में खस्ता, परतदार मठरी मिल जाए तो मजा ही अलग होता है. अक्सर हम सोचते हैं कि बाजार जैसी फूली और लेयर्स वाली मठरी घर पर बनाना मुश्किल होगा, लेकिन सच ये है कि सही तरीका अपनाया जाए तो वही स्वाद अपनी किचन में तैयार हो सकता है. कई लोग मठरी बनाते वक्त यही शिकायत करते हैं कि या तो वह पूड़ी जैसी फूल जाती है या फिर अंदर से कच्ची रह जाती है. असल राज छिपा है आटे की तैयारी, मोयन की मात्रा और धीमी आंच पर तलने के तरीके में, अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी मठरी दिखने में हलवाई की दुकान जैसी लगे, काटने पर परतें साफ दिखें और खाने में जबरदस्त क्रंच आए, तो यह तरीका आपके लिए है. यहां आपको स्टेप बाय स्टेप आसान भाषा में पूरी रेसिपी मिल रही है, जिसे फॉलो करके आप पहली बार में ही परफेक्ट मठरी बना सकते हैं.
सही कॉम्बिनेशन से आएगा असली स्वाद
-परफेक्ट मठरी का पहला स्टेप है सही आटा तैयार करना. इसके लिए एक कप मैदा लें. इसमें आधा कप गेहूं का आटा मिलाएं. गेहूं का आटा मठरी को अलग तरह की कुरकुराहट देता है.
-अब इसमें एक चम्मच बेसन और एक चम्मच सूजी मिलाएं. सूजी से मठरी में हल्की क्रंची टेक्सचर आती है और लेयर्स बेहतर बनती हैं.
-साथ में अजवाइन को हाथ से हल्का मसलकर डालें. थोड़ा सा कुटी काली मिर्च डाल सकते हैं, इससे हल्का तीखापन और बढ़िया खुशबू आती है. स्वाद के मुताबिक नमक मिलाएं.
मोयन है असली गेम चेंजर
-अब बारी है सबसे अहम स्टेप की -मोयन. तीन से चार बड़े चम्मच तेल या घी डालें. इसे दोनों हाथों से अच्छी तरह मसलें. आटा जब मुट्ठी में दबाने पर पेड़े की तरह टिक जाए, समझ लीजिए मोयन सही मिला है.
-अगर मोयन कम होगा तो मठरी सख्त बनेगी और लेयर्स नहीं खुलेंगी. इसलिए इस स्टेप को हल्के में न लें.
टाइट आटा ही देगा खस्ता रिजल्ट
-अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथें. ध्यान रखें कि आटा बिल्कुल टाइट होना चाहिए, अगर आटा ढीला हुआ तो मठरी पूड़ी जैसी फूल जाएगी और क्रंच नहीं आएगा.
-आटा गूंथने के बाद ऊपर हल्का सा तेल लगाकर 10 मिनट ढककर रख दें. इस आराम के दौरान सूजी और बाकी चीजें अच्छे से सेट हो जाती हैं.
शेप देने का आसान तरीका
आटे को दो हिस्सों में बांट लें. एक लंबा रोल बनाकर छोटे-छोटे टुकड़े काट लें. हर टुकड़े को हल्का गोल करें और थोड़ा सा चपटा कर दें. बहुत परफेक्ट गोल बनाने की जरूरत नहीं है. हल्की टेढ़ी-मेढ़ी मठरी भी तलने के बाद बेहद सुंदर लगती है. खास बात यह है कि ज्यादा दबाव न डालें, वरना लेयर्स दब जाएंगी.
तलने का सही तरीका
-कढ़ाही में तेल हल्का गर्म करें. तेल इतना गर्म हो कि मठरी डालने पर हल्के बुलबुले आएं.
-फ्लेम हमेशा धीमी रखें. तेज आंच पर मठरी ऊपर से सुनहरी हो जाएगी लेकिन अंदर से कच्ची रह सकती है.
-धीमी आंच पर करीब 8 से 10 मिनट तक तलें. जब मठरी खुद ऊपर तैरने लगे तभी पलटें. दोनों तरफ से सुनहरा रंग आने तक तलें.
कैसे पहचानें कि मठरी परफेक्ट बनी है?
-रंग हल्का गोल्डन हो
-उठाने पर हल्की लगे
-तोड़ने पर साफ परतें दिखें
-खाने पर करारी आवाज आए
अगर ये चारों बातें सही हैं, तो समझ लीजिए आपकी मठरी एकदम बाजार जैसी बनी है.
स्टोरेज टिप
मठरी पूरी तरह ठंडी होने दें. उसके बाद एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें. 15 से 20 दिन तक आराम से चल जाती है.