‘कॉन्ट्रोवर्सी क्यों?’ दीपिका की 8 घंटे डिमांड पर अनुभव सिन्हा का साफ जवाब, ‘अगर आपको ठीक नहीं लगता तो…’
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अनुभव सिन्हा ने दीपिका पादुकोण की कथित 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड पर साफ कहा कि अगर किसी अभिनेता की शर्तें आपको ठीक नहीं लगतीं, तो उनके साथ काम न करें. उनके मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री आपसी सहमति पर चलती है और शेड्यूल जैसे मुद्दों को निजी स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि पेशेवर मतभेदों को अनावश्यक विवाद में बदलना गलत है.

फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने 8 घंटे की शिफ्ट पर बात की.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में फिक्स्ड वर्किंग आवर्स को लेकर बहस फिर से गरम हो गई है. फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने पिछले साल दीपिका पादुकोण की मदरहुड के बाद छोटी शिफ्ट्स की मांग पर हुए विवाद को ‘ओवरब्लोन’ यानी किसी बात को बेवजह बढ़ाने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को एक्टर्स और फिल्ममेकर्स के बीच प्राइवेटली सॉल्व करना चाहिए, न कि पब्लिक डिस्प्यूट बनाना चाहिए.
शुभंकर मिश्रा के साथ हाल ही में हुई बातचीत में फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने एक्टर्स द्वारा बाउंड्रीज सेट करने पर अपना साफ-सुथरा नजरिया रखा. उन्होंने कहा, ‘अगर कोई एक्टर दिन में 6 घंटे काम करना चाहता है और आपको ठीक नहीं लगता, तो उस एक्टर के साथ काम मत कीजिए. इतना ही सिंपल है.’ उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कोलैबोरेशन को म्यूचुअल एग्रीमेंट पर आधारित बताया.
जब जिद्द पर अड़े ऋषि कपूर
2018 की फिल्म ‘मुल्क’ में ऋषि कपूर के साथ काम करने का एक्सपीरियंस याद करते हुए फिल्ममेकर ने बताया कि कैसे फ्लेक्सिबिलिटी और डायलॉग से कॉन्फ्लिक्ट अवॉइड हुआ. ऋषि ने स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद नाइट शूट न करने की बात कही थी. उन्होंने कहा, चिंटू जी ने कहा कि वे नाइट शूट नहीं करना चाहते. मैंने कहा कि नाइट सीन जरूरी हैं. हमने नेगोशिएट किया. उन्होंने 4 नाइट शूट्स के लिए हामी भरी. शूटिंग के दौरान यह 5 हो गया, लेकिन हमने मैनेज कर लिया.’ उन्होंने जोड़ा कि ऋषि को फिल्म में चाहते थे, इसलिए शेड्यूल एडजस्टमेंट कोई समस्या नहीं थी. काम करना डिलाइटफुल था.
‘प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स के पास हमेशा चॉइस होती है’
दीपिका की रिपोर्टेड 8-घंटे शिफ्ट रिक्वेस्ट पर अनुभव ने कहा कि वे गॉसिप में विश्वास नहीं करते और उनके साथ कभी क्लोजली काम नहीं किया. लेकिन जिन लोगों ने उनके साथ काम किया, उनसे बात करने पर सिर्फ पॉजिटिव फीडबैक मिला. उन्होंने कहा कि दीपिका काम करने के लिए डिलाइटफुल एक्ट्रेस हैं. अनुभव ने आगे तर्क दिया कि अगर किसी एक्टर की डिमांड्स अनरीजनेबल लगती हैं, तो प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स के पास हमेशा चॉइस होती है कि आगे न बढ़ें. ‘कॉन्ट्रोवर्सी क्यों बनाई जाए?’ उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल डिसएग्रीमेंट्स को घरेलू मुद्दों से कंपेयर किया जो पब्लिकली ब्रॉडकास्ट करने की जरूरत नहीं. एक्टिंग की फिजिकल डिमांड्स पर उन्होंने कहा कि परफॉर्मर्स बड़े सिनेमाई स्क्रीन्स पर दिखते हैं, जहां थकान के छोटे संकेत भी नजर आ जाते हैं. ऐसे कंसर्न्स प्रैक्टिकल हैं, विवादास्पद नहीं.
कैसे शुरु हुआ था विवाद?
आपको बता दें कि दीपिका-संदीप रेड्डी वांगा और 8-घंटे शिफ्ट को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब दीपिका ने प्रभास स्टारर पैन-इंडिया फिल्म ‘स्पिरिट’ से एग्जिट कर लिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिएटिव टर्म्स और 8-घंटे वर्कडे की रिक्वेस्ट पर असहमति हुई. उनकी जगह तृप्ति डिमरी ने ली, जिससे प्रोफेशनलिज्म, वर्क-आवर लिमिट्स और हाई-बजट प्रोजेक्ट्स में रेमुनरेशन पर ऑनलाइन डिबेट छिड़ गया. दीपिका ने बाद में कहा कि कई मेल सुपरस्टार्स सालों से 8 घंटे काम करते हैं, लेकिन यह कभी हेडलाइंस नहीं बनता.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें