Chaitra Navratri 2026 Date March: 3 शुभ योग में होगा चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ, कलश स्थापना के लिए 2 मुहूर्त, नोट कर लें तारीख, घटस्थापना समय
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Chaitra Navratri Kab Hai 2026 Date: इस बार की चैत्र नवरात्रि मार्च में है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं. इस बार की चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 3 शुभ योग में हो रहा है. ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से जानते हैं कि कब शुरू होगी चैत्र नवरात्रि? इसकी तारीख और कलश स्थापना मुहूर्त कौन-कौन से हैं?

कब शुरू होगी चैत्र नवरात्रि 2026?
Chaitra Navratri 2026 Date March: चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, चैत्र नवरात्रि मार्च या फिर अप्रैल में आती है. इस साल चैत्र नवरात्रि मार्च में शुरू हो रही है, इस वजह से इसे लोग मार्च की नवरात्रि कह रहे हैं. होली का समापन होने के बाद चैत्र नवरात्रि बड़ा पर्व आ रहा है. इसमें कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के 9 स्वरुपों की पूजा होती है. पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं. इस बार चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 3 शुभ योगों में हो रहा है. आइए जानते हैं कि इस बार कि चैत्र नवरात्रि कब शुरू हो रही है? चैत्र नवरात्रि पर कौन से शुभ योग बन रहे हैं? चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?
कब शुरू होगी चैत्र नवरात्रि 2026?
हिंदू पंचांग के आधार पर देखा जाए तो 19 मार्च दिन गुरुवार को सुबह 6:52 बजे चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का शुभारंभ हो रहा है. इस तिथि का समापन अगले दिन 20 मार्च शुक्रवार को तड़के 4:52 एएम पर होगा.
व्रत के लिए उदयातिथि की मान्यता है. इस आधार पर चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च गुरुवार से होगी. उस दिन कलश स्थापना के साथ चैत्र नवरात्रि का पहला व्रत रखा जाएगा.
3 शुभ योग में चैत्र नवरात्रि 2026
इस साल की चैत्र नवरात्रि पर 3 शुभ योग शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. ये तीनों ही योग शुभ फलदायी होते हैं.
- शुक्ल योग: 19 मार्च, प्रात:काल से लेकर देर रात 01:17 ए एम तक
- ब्रह्म योग: 19 मार्च, देर रात 1:17 ए एम से 20 मार्च को रात तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: 20 मार्च, 4:05 ए एम से सुबह 6:25 ए एम तक
चैत्र नवरात्रि 2026 कलश स्थापना मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी.
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जम्मू के ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार 19 मार्च से शुरू होने वाली चैत्र नवरात्रि के कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं. घटस्थापना के लिए सुबह में 50 मिनट और दोपहर में 48 मिनट का शुभ मुहूर्त है. सुबह में कलश स्थापना कर लें तो बहुत अच्छा है, लेकिन उस समय न कर पाएं तो दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में कर लें. कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त भी अच्छा माना गया है.
- पहला मुहूर्त: सुबह 6:52 बजे से लेकर 7:43 बजे तक
- दूसरा मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक
चैत्र नवरात्रि 2026 पहले दिन के शुभ मुहूर्त
- चैत्र नवरात्रि के पहले दिन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:51 बजे से 05:39 ए एम तक रहेगा.
- प्रातः सन्ध्या का मुहूर्त सुबह 05:15 ए एम से 06:26 ए एम तक है.
- उस दिन का विजय मुहूर्त दोपहर में 02:30 पी एम से 03:18 पी एम तक है.
- गोधूलि मुहूर्त शाम को 06:29 पी एम से 06:53 पी एम तक रहेगा.
- सायाह्न सन्ध्या का समय शाम 06:32 पी एम से 07:43 पी एम तक है.
- अमृत काल रात में 11:32 पी एम से देर रात 01:03 ए एम तक है.
- उस दिन का निशिता मुहूर्त देर रात 12:05 ए एम से लेकर 12:52 ए एम तक है.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. डिजि…और पढ़ें