पड़ोसी लड़के से दोस्‍ती पड़ी भारी, 17 साल की किशोरी अचानक हुई लापता, 6 महीने बाद आई यह खबर

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दिल्ली पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने 17 साल की लापता किशोरी को छह महीने बाद दरियागंज से बरामद किया. लड़की पड़ोसी लड़के से दोस्ती के कारण घर छोड़कर गई थी. पुलिस ने काउंसलिंग की व्यवस्था की.

पड़ोसी लड़के से दोस्‍ती पड़ी भारी, लापता हुई 17 साल की किशोरी, 6 माह बाद..Zoom

क्राइम न्‍यूज. दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए छह महीने से लापता 17 साल की नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया है. यह लड़की 25 अगस्त 2025 से बुराड़ी इलाके से गायब थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसी दिन बुराड़ी थाने में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत एफआईआर दर्ज किया था.

पुलिस के अनुसार, लड़की के अचानक लापता होने से परिवार काफी परेशान था. चूंकि मामला एक नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए इसे संवेदनशील मानते हुए दिल्ली पुलिस की नोडल एजेंसी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने जांच अपने हाथ में ली. इस टीम में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एसआई विशाल गुप्ता और हेड कांस्टेबल अमित शामिल थे. पूरी कार्रवाई एसीपी एएचटीयू सुरेश कुमार की निगरानी में की गई.

जांच के दौरान पुलिस टीम ने लड़की के परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से विस्तार से पूछताछ की. साथ ही तकनीकी सर्विलांस और मैनुअल इनपुट्स के आधार पर सुराग जुटाए गए. कई संभावित स्थानों पर छापेमारी भी की गई. लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि लड़की दिल्ली के दरियागंज इलाके में मौजूद है. इसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बरामद कर लिया.

पुलिस जांच में सामने आया कि लड़की के पड़ोस में रहने वाले एक लड़के से उसकी दोस्ती हो गई थी. जब परिवार को इस दोस्ती के बारे में पता चला तो उन्होंने उसे डांटा-फटकारा. इसी बात से नाराज होकर लड़की गुस्से में घर छोड़कर चली गई थी और किसी को इसकी जानकारी नहीं दी थी. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में अपहरण जैसी कोई बात सामने नहीं आई है, हालांकि मामले की आगे की कानूनी जांच जारी है.

बरामद की गई नाबालिग को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुराड़ी थाने के जांच अधिकारी को सौंप दिया गया है. अब आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी. पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि लड़की को काउंसलिंग और आवश्यक सहायता मिले, ताकि वह सामान्य जीवन में लौट सके.

क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस पंकज कुमार (आईपीएस) के अनुसार, नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस विशेष सतर्कता बरतती है और ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि परिवारों को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि ऐसी परिस्थितियां पैदा न हों.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें

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