कभी ₹1 में बेचते थे फ्राई लिट्टी, आज 10 हुई कीमत, देसी स्वाद से चटोरों के दिल पर राज करते हैं ‘पंडित जी लिट्टी वाले’
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Jamshedpur Famous Litti Shop: सबिर सिंह ने कई तरह के काम करने के बाद फ्राई लिट्टी और चूड़ा-दही की दुकान शुरू की. उन्होंने बिहार का देसी स्वाद जमशेदपुर में परोसा और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लायी. आज पूरे शहर में “पंडित जी लिट्टी वाले” के नाम से उनकी पहचान है.
जमशेदपुर. संघर्ष, मेहनत और देसी स्वाद जब एक साथ मिलते हैं, तो एक ऐसी कहानी बनती है जो मिसाल बन जाती है. ऐसी ही कहानी है सबिर सिंह की, जो सन 1996 में रोजगार की तलाश में बिहार से निकलकर जमशेदपुर पहुंचे थे. उस समय उनके पास न बड़ी पूंजी थी और न कोई मजबूत सहारा, बस मेहनत करने का जज्बा था.
ऐसे शुरू हुआ काम
जमशेदपुर आने के बाद काफी कोशिशों के बावजूद जब उन्हें कोई स्थायी काम नहीं मिला, तो उन्होंने छोटा सा कारोबार शुरू करने का फैसला किया. शुरुआत में उन्होंने पान की दुकान लगाई. कुछ समय बाद चाय का काम भी किया, लेकिन मन में हमेशा कुछ अलग करने की चाह बनी रही. तभी उन्हें अपने बिहार के देसी स्वाद की याद आई.
बिहार की खास लिट्टी, जमशेदपुर में
उनके दिमाग में विचार आया कि क्यों न बिहार की मशहूर फ्राई लिट्टी यहां के लोगों को खिलाई जाए. वे बताते हैं कि आज हर जगह लिट्टी मिल जाती है, लेकिन बिहार में खास तौर पर लिट्टी को गरम तेल में तलकर बनाया जाता है, जिसे फ्राई लिट्टी कहा जाता है. इसका स्वाद साधारण लिट्टी से अलग और ज्यादा चटपटा होता है. उन्हें भरोसा था कि जमशेदपुर के लोग इस स्वाद को जरूर पसंद करेंगे.
दूर-दूर से खाने आते हैं लोग
शुरुआत आसान नहीं थी. जब उन्होंने फ्राई लिट्टी बनानी शुरू की, तब इसकी कीमत सिर्फ 1 रुपये प्रति पीस थी. धीरे-धीरे लोगों को स्वाद पसंद आने लगा और आज वही फ्राई लिट्टी 10 रुपये प्रति पीस बिकती है. इसे आलू-चना की सब्जी के साथ परोसा जाता है, जो स्वाद को और बढ़ा देती है. उनकी दुकान सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक लगती है और लोग दूर-दूर से लिट्टी खाने पहुंचते हैं.
सबिर सिंह साफ-सफाई को लेकर बेहद सजग रहते हैं. उनकी दुकान हमेशा साफ-सुथरी रहती है. इसी वजह से ग्राहक उन्हें प्यार से “पंडित जी लिट्टी वाले” कहने लगे हैं. पेड़ की छांव में सजी उनकी सादी सी दुकान से उठती गरमागरम फ्राई लिट्टी की खुशबू राह चलते लोगों को भी आकर्षित करती है.
साधारण शुरुआत बन सकती है खास
फ्राई लिट्टी के अलावा यहां बिहार का मशहूर चूड़ा-दही भी मिलता है. कई ग्राहक कहते हैं कि जमशेदपुर में ऐसा स्वाद कहीं और नहीं मिलता. बाहर से आने वाले लोग भी जब शहर में आते हैं, तो यहां का देसी स्वाद जरूर चखते हैं. आज उनकी दुकान टाटा मोटर्स के CRS गेट के पास लगती है. सबिर सिंह की कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, ईमानदारी और अपने हुनर पर भरोसा हो, तो साधारण शुरुआत भी बड़ी पहचान बना सकती है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें