झांसी एक्सपो में ‘मिलेट इट’ ने छोटे अनाज से सेहत की नई सोच दिखाई

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उज्जैन के ‘मिलेट इट’ ने झांसी एक्सपो में छोटे अनाज का पंडाल लगाया, जहां लोगों को रागी, ज्वार, बाजरा और कोदो जैसी पोषक चीज़ों के फायदे समझाए गए. किसान, महिलाएं और बच्चे सब इस पहल से जुड़े, स्वास्थ्य, स्वाद और पारंपरिक भोजन की नई सोच अपनाने के लिए प्रेरित हुए.

झांसी. मध्य प्रदेश के उज्जैन से आए मिलेट इट ने झांसी एक्सपो में अपना पंडाल लगाया, यहां लोगों को सेहत से जुड़ी नई सोच दिखाई गई. किसान परिवार से जुड़े इस समूह ने छोटे अनाज से बने खाने की ताकत समझाई, स्टॉल पर रंगीन सजावट थी. दीवारों पर छोटे अनाज की तस्वीरें लगी थी. मिलेट इट की टीम ने बताया कि छोटे अनाज में भरपूर पोषण होता है. यह शरीर को ताकत देता है, रोज के खाने में इसे शामिल करने से परिवार स्वस्थ रहता है. रागी, ज्वार, बाजरा, कुटकी, कोदो से बने लड्डू, बिस्कुट, नमकीन, खिचड़ी, दलिया दिखाए बच्चों के लिए मीठा स्वाद भी रखा गया था ताकि वे खुशी से चखें.
स्टॉल पर आने वाले हर उम्र के लोग सवाल पूछ रहे थे, टीम सरल भाषा में जवाब दे रही थी. टीम ने कहा कि यह अनाज कम पानी में उगता है किसान को सहारा मिलता है. मिट्टी भी सुरक्षित रहती है गांव की महिलाएं इनसे घर पर कई तरह के पकवान बना सकती हैं. इससे घर की आय बढ़ सकती है, समूह ने यह भी बताया कि छोटे अनाज पुरानी परंपरा का हिस्सा हैं. दादी नानी के समय से इनका उपयोग होता रहा है. अब लोग फिर से इन्हें अपना रहे हैं क्योंकि जीवन शैली बदल रही है. लोग जंक फूड से दूर जाना चाहते हैं, इस पहल का मकसद लोगों को सादा खाना अपनाने के लिए प्रेरित करना है.

छोटे अनाज मधुमेह, मोटापा जैसी समस्या में सहायक
पंडाल में एक छोटा मंच भी बनाया गया था, जहां पर रोज दो बार चर्चा होती थी. डॉक्टर, पोषण विशेषज्ञ, किसान प्रतिनिधि बारी बारी से अपने अनुभव साझा करते थे. वे बताते थे कि छोटे अनाज मधुमेह, मोटापा जैसी समस्या में सहायक हैं. नियमित सेवन से शरीर हल्का महसूस करता है साथ ही ऊर्जा बनी रहती है. कई आगंतुकों ने वहीं पर खरीदारी की,  कुछ ने बीज के बारे में जानकारी ली. ताकि वे अपने खेत में बो सकें टीम ने संपर्क नंबर पंजीकरण पत्र दिया. जिससे आगे भी जानकारी मिल सके.

लोगों ने कहा कि ऐसा आयोजन हर शहर में होना चाहिए, इससे स्थानीय किसान को बाजार मिलता है. युवाओं को नया काम मिलता है, महिलाएं स्व सहायता समूह बनाकर उत्पादन कर सकती हैं. इस प्रयास से गांव से शहर तक सेहत की लहर फैल सकती है. मिलेट टीम ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में छोटे अनाज हर रसोई तक पहुंचेंगे, लोग अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन देंगे. किसान खुशहाल होंगे देश मजबूत बनेगा यह पंडाल सिर्फ व्यापार नहीं था यह पंडाल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति बेहतर सोच रखने का भी रास्ता दिखाया. मिले टीम ने लोगों से अधिक से अधिक इससे जुड़े उत्पाद खरीद कर खाने की अपील गीता की लोग स्वस्थ रहें.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

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