Iran SU-24 Shot Down Qatar: ईरान को फाइटर जेट SU-24 क‍िसने द‍िया, ज‍िसे कतर के एयर ड‍िफेंस स‍िस्‍टम ने मार गि‍राया

Share to your loved once


दोहा के आसमान में मंगलवार को जो मंजर दिखा, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. कतर के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी एयरस्‍पेस का उल्लंघन करने वाले ईरानी वायुसेना के Su-24 लड़ाकू विमानों को इंटरसेप्ट किया और उन्हें धूल चटा दी. कतर के विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि इन विमानों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन जब इन्होंने राजधानी दोहा की ओर रुख किया, तो रूल्‍स ऑफ इंगेजमेंट के तहत इन्हें मार गिराना ही एकमात्र विकल्प बचा था. इस घटना ने न केवल ईरान और कतर के रिश्तों में कड़वाहट घोल दी है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ईरानी सेना को Su-24 क‍िसने द‍िया? यह क‍ितना पुराना? ईरान तक पहुंचा कैसे?

ईरान के पास Su-24 विमानों का होना सामान्‍य डील वाली बात नहीं है. इसके पीछे बड़ी कहानी है. यह विमान मूल रूप से सोवियत संघ की देन हैं, लेकिन ईरान के बेड़े में इसकी एंट्री दो अलग-अलग रास्तों से हुई.

रूस से सीधी डील

1990 के दशक की शुरुआत में ईरान-इराक युद्ध के घावों से उबरने की कोशिश कर रहे ईरान ने अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने का फैसला किया. पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के कारण अमेरिका या यूरोप से विमान मिलना नामुमकिन था. ऐसे में ईरान ने सोवियत संघ का दरवाजा खटखटाया और करीब 6 से 12 Su-24MK एक्‍स्‍पोर्ट वर्जन विमानों की सीधी खरीद की.

इराक की मजबूरी और ईरान की चालाकी

Su-24 की सबसे बड़ी खेप ईरान को 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान मिली. जब अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं ने इराक पर ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म शुरू किया और सद्दाम हुसैन के विमानों को चुन-चुनकर निशाना बनाना शुरू किया, तब इराक के कई पायलट अपने बेशकीमती विमानों को बचाने के लिए उड़ान भरकर पड़ोसी देश ईरान चले गए. ईरान ने उन विमानों को शरण तो दी, लेकिन युद्ध खत्म होने के बाद उन्हें कभी वापस नहीं किया. इन विमानों में Su-24 की एक बड़ी संख्या शामिल थी, जिन्हें ईरान ने अपनी वायुसेना के रंग में रंग लिया.

क्यों दिया गया यह विमान?

रूस ने यह विमान ईरान को इसलिए दिया क्योंकि वह मध्य-पूर्व में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना चाहता था. Su-24 एक ‘डीप पेनेट्रेशन’ अटैक एयरक्राफ्ट है. यानी यह दुश्मन की सीमा के बहुत अंदर तक घुसकर भारी तबाही मचाने की क्षमता रखता है. ईरान जैसे देश के लिए, जिसकी स्‍ट्रेटज‍िक डेप्‍थ अधिक है, यह विमान एक रक्षा कवच और हमले का मुख्य जरिया दोनों था.

Su-24 की खूबियां कमाल की

  1. Su-24 Fencer: आसमान का वह योद्धा जो रडार की आंखों में धूल झोंकता है. नाटो ने इस विमान को Fencer नाम दिया है. यह कोई साधारण लड़ाकू विमान नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता बमखाना है.
  2. वेरिएबल-स्वीप विंग: इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके ‘बदलने वाले पंख’ हैं. उड़ान भरते समय यह अपने पंखों को फैला सकता है और तेज रफ्तार पकड़ते समय उन्हें पीछे की ओर सिकोड़ सकता है. यह तकनीक इसे कम ऊंचाई पर भी स्थिरता और जबरदस्त रफ्तार प्रदान करती है.
  3. टेरेन-फॉलोइंग रडार: Su-24 में एक विशेष रडार होता है जो इसे जमीन के उतार-चढ़ाव को समझने में मदद करता है. इसकी मदद से पायलट महज 50-100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है, जिससे दुश्मन के रडार इसे देख नहीं पाते.
  4. मारक क्षमता और रफ्तार : यह विमान अपने साथ 8,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है. इसमें लेजर-गाइडेड बम, एंटी-शिप मिसाइलें और पारंपरिक ‘डम्ब बम’ शामिल हैं. यह विमान समुद्र स्तर पर 1,315 किमी/घंटा (मैक 1.08) की सुपरसोनिक रफ्तार से उड़ सकता है. इसमें पायलट और वेपन सिस्टम ऑफिसर एक साथ ‘साइड-बाय-साइड’ बैठते हैं, जिससे युद्ध के दौरान आपसी तालमेल बेहतर होता है.

कतर का पलटवार: धमकी से नहीं झुकेंगे

कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान के इस दुस्साहस पर जो बयान जारी किया है, वह काफी कुछ बयां करता है. प्रवक्ता ने कहा कि ईरान का यह दावा पूरी तरह गलत है कि खाड़ी देशों पर दबाव बनाकर उन्हें बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है. कतर का आरोप है कि ईरान के ये जेट केवल सैन्य ठिकानों को ही नहीं, बल्कि पूरे देश के नागरिक क्षेत्रों को डराने के इरादे से घुसे थे.

अजेय एयर डिफेंस

कतर ने स्पष्ट किया कि उनकी इंटरसेप्टर मिसाइलों जैसे पैट्रियट और अन्य आधुनिक स‍िस्‍टम का भंडार अभी भरपूर है. ईरान की किसी भी मिसाइल या विमान को कतरी आसमान में टिकने नहीं दिया जाएगा. ईरान ने इन हमलों या विमानों की मूवमेंट के बारे में कतर को कोई जानकारी नहीं दी थी, जिसे कतर ने युद्ध की कार्रवाई के समान माना है.

जिस Su-24 को रूस ने ईरान की सुरक्षा के लिए दिया था, वह आज खाड़ी के देशों के लिए सिरदर्द बन गया है. कतर में इसे मार गिराना बताता है कि अब छोटे देश भी अपनी संप्रभुता के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP