होली पर ‘कटहल की तरकारी’ नहीं खाई, तो क्या ही खाया! मटन फेल है इसके आगे, नोट कर लें यूपी-बिहार की ये रेसिपी
Holi special Recipe: होली का हुड़दंग हो और थाली में ‘कटहल की तरकारी’ न हो, तो यूपी-बिहार वालों के लिए त्योहार का रंग फीका ही रहता है. खड़े मसालों के साथ धीमी आंच पर पकने वाला यह देसी जायका किसी भी मांसाहारी व्यंजन को कड़ी टक्कर देता है. इसे ‘शाकाहारियों का मटन‘ भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी गाढ़ी ग्रेवी और रेशेदार बनावट बिल्कुल शाही एहसास देती है. मालपुआ और पूरियों के साथ इसका मेल अद्भुत होता है. अगर आप भी इस होली मेहमानों का दिल जीतना चाहते हैं, तो नोट कर लें यह पारंपरिक रेसिपी, क्योंकि असली होली वही, जिसमें कटहल की खुशबू पूरे घर में महके!
असली होली वही, जिसमें कटहल की खुशबू पूरे घर में महके!
जरूरी सामग्री (Ingredients)-
सब्जी: कच्चा कटहल (500-600 ग्राम, कटा हुआ).
तड़का: सरसों तेल (4-5 बड़े चम्मच), जीरा (1 चम्मच), छोटी इलायची (2), बड़ी इलायची (1), दालचीनी (1 इंच), लौंग (3-4), सूखी लाल मिर्च (1-2).
मसाले: प्याज (2 बड़े, बारीक कटे), साबुत लहसुन की कलियां (8-10 छिलके उतरी हुई), नमक, हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, किचन किंग या चिकन मसाला (स्वादानुसार).
गेला मसाला पेस्ट: अदरक (1 इंच), लहसुन (4-5 कलियां), काली मिर्च (1 चम्मच), साबुत धनिया (1 चम्मच), तेजपत्ता (1).
कटहल की तरकारी बनाने की विधि (Step-by-Step Method)-
1.सबसे पहले अपने हाथों और चाकू पर थोड़ा तेल लगा लें ताकि कटहल का चिपचिपा दूध हाथों पर न लगे. कटहल को टुकड़ों में काटें. एक कड़ाही में सरसों तेल गरम करें और कटहल को 5 से 7 मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भूनकर निकाल लें.
2.बचे हुए तेल में जीरा, इलायची, दालचीनी, लौंग और सूखी लाल मिर्च डालें. जैसे ही तड़का चटकने लगे, इसमें बारीक कटे प्याज और साबुत लहसुन की कलियां डालें. इसे मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक प्याज पूरी तरह से ‘कैरामलाइज्ड’ यानी गहरे भूरे रंग का न हो जाए.
3. अब अदरक, लहसुन, काली मिर्च और धनिया के ‘गेला मसाला’ पेस्ट को प्याज में डालें. इसके साथ ही नमक, हल्दी और अन्य सूखे मसाले मिलाएं. इसे तब तक पकाएं जब तक मसाला तेल न छोड़ दे.
View this post on Instagram