किसकी वजह से ड्रेसिंग रूम में डरी बैठी रही टीम इंडिया, प्रैक्टिस का समय बदल दिया गया, मामला ‘चंद्र ग्रहण’ का या कुछ और ?
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एक रिपोर्ट के अनुसार, टीम ने चंद्र ग्रहण को लेकर प्रचलित मान्यता का सम्मान करते हुए अपने ट्रेनिंग सत्र की शुरुआत में बदलाव किया. हिंदी में चंद्र ग्रहण को ‘चंद्र ग्रहण’ कहा जाता है और कई लोग इसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानते. वैसे भी भारतीय खिलाड़ी टोटके को बहुत मानते है इसीलिए वो कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहते थे जिससे उनके अभियान में कोई बाधा पड़े.

चंद्र ग्रहण की वजह से भारतीय टीम ने बदला प्रैक्टिस का समय
नई दिल्ली. मुंबई में सेमीफाइनल से पहले भारतीय टीम का हर कदम सुर्खियों में है. रणनीति, प्लेइंग इलेवन और नेट्स पर तैयारी सब कुछ बारीकी से देखा जा रहा है. लेकिन मंगलवार को एक दिलचस्प वजह से टीम का अभ्यास सत्र चर्चा का विषय बन गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने चंद्र ग्रहण के कारण अपना अभ्यास समय टाल दिया, ताकि किसी भी तरह की ‘अशुभ’ शुरुआत से बचा जा सके.
एक रिपोर्ट के अनुसार, टीम ने चंद्र ग्रहण को लेकर प्रचलित मान्यता का सम्मान करते हुए अपने ट्रेनिंग सत्र की शुरुआत में बदलाव किया. हिंदी में चंद्र ग्रहण को ‘चंद्र ग्रहण’ कहा जाता है और कई लोग इसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानते. वैसे भी भारतीय खिलाड़ी टोटके को बहुत मानते है इसीलिए वो कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहते थे जिससे उनके अभियान में कोई बाधा पड़े.
वानखेड़े में था शाम 6 से 9 बजे तक अभ्यास
भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार को होने वाले अहम सेमीफाइनल से पहले मंगलवारको मुंबई के प्रतिष्ठित Wankhede Stadium में शाम 6 बजे से 9 बजे तक अभ्यास करना था लेकिन उसी दिन दोपहर 3:20 बजे से चंद्र ग्रहण शुरू हो गया, जो शाम 6:47 बजे तक चला. रिपोर्ट के मुताबिक, टीम को जब पता चला कि अभ्यास सत्र चंद्र ग्रहण के दौरान शुरू होगा, तो इस पर चर्चा हुई. सूत्र के हवाले से पता चला कि , “टीम को पता चला कि चंद्र ग्रहण के दौरान कोई शुभ काम शुरू नहीं करना चाहिए. चूंकि भारत इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेलने जा रहा है, इसलिए टीम सकारात्मक शुरुआत करना चाहती थी. कई लोगों का मानना था कि 6:40 बजे तक किसी गतिविधि से बचना चाहिए. टीम मैनेजमेंट ने इस पर सहमति जताई और अभ्यास सत्र को एक घंटे के लिए टाल दिया गया.
सकारात्मक ऊर्जा के साथ शुरुआत की कोशिश
सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले से पहले खिलाड़ी मानसिक रूप से भी खुद को तैयार करते हैं. ऐसे में टीम ने यह सुनिश्चित करना चाहा कि तैयारी की शुरुआत किसी भी तरह की नकारात्मक मान्यता के साये में न हो. भले ही यह वैज्ञानिक दृष्टि से अंधविश्वास माना जाए, लेकिन खेल में विश्वास और मनोबल का महत्व कम नहीं होता. अब नजरें गुरुवार के मुकाबले पर हैं, जहां भारत और इंग्लैंड के बीच हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल खेला जाएगा. तैयारी का समय भले एक घंटे आगे बढ़ गया हो, लेकिन टीम का लक्ष्य वही है मजबूत प्रदर्शन और फाइनल में जगह.