गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा से लेकर लखनऊ तक.. जानें यूपी में कितने बजे दिखाई देगा रेड मून

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लखनऊ : यूपी चंद्र ग्रहण 2026 (UP Chandra Grahan 2026) कुछ देर में लगने वाला है. यूं तो देशभर में अलग-अलग जगह पर चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से लगेगा और करीब शाम 7 बजे तक रहेगा. लेकिन यूपी के अलग अलग शहरों में ये चंद्रग्रहण कितने बजे लगेगा और खत्‍म होगा, ये आपके लिए जानना जरूरी है. यूपी के प्रमुख शहरों की बात करें तो लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्‍या, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर से लेकर राज्‍य के सभी शहरों में इसकी अलग-अलग टाइमिंग है.

वैसे चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है, लिहाजा सूतक काल सुबह में 6 बजकर 23 मिनट से ही शुरू हो गया था. सूतक काल में वाराणसी, प्रयागराज से लेकर अयोध्या में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं. अयोध्‍या में रामलला के दर्शन के समय में बदलाव किया गया है. वहीं वाराणसी में आरती के समय भी बदलाव किया गया है. आज शाम को चंद्र ग्रहण के समय आसमान में ब्लड मून का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा. यह दुर्लभ पूर्ण चंद्र ग्रहण देश और दुनिया के कई हिस्सों में नजर आएगा. यूपी के किस शहर में कब लगेगा चंद्रग्रहण जानिए…

यूपी के प्रमुख शहरों में चंद्र ग्रहण का समय (Lunar Eclipse Timings in Major Cities of UP)

-लखनऊ में चंद्र ग्रहण का समय – 06:12 PM से 06:46 PM
-वाराणसी में चंद्र ग्रहण का समय – 06:04 PM से 06:46 PM
-कानपुर में चंद्र ग्रहण का समय – 06:14 PM से 06:46 PM
-आगरा में चंद्र ग्रहण का समय – 06:23 PM से 06:46 PM
-प्रयागराज में चंद्र ग्रहण का समय – 06:08 PM से 06:46 PM
-नोएडा में चंद्र ग्रहण का समय – 06:26 PM से 06:46 PM
-मेरठ में चंद्र ग्रहण का समय – 06:24 PM से 06:46 PM
-अयोध्या में चंद्र ग्रहण का समय – 06:06 PM से 06:46 PM
-गाजियाबाद में चंद्र ग्रहण का समय – 06:25 PM से 06:46 PM

Sitapur Chandra Grahan Timing : सीतापुर में शक्तिपीठ के कपाट भी बंद
सीतापुर में भी सूतक काल के चलते शक्तिपीठ के कपाट बंद कर दिए गए. सुबह 6:20 पर शक्तिपीठ मां ललिता देवी मंदिर को बंद किया गया. दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा, जोकि शाम 6:45 पर खत्‍म होने के बाद शक्तिपीठ के कपाट खोले जाएंगे. श्रद्धालु यहां मां ललिता देवी के दर्शन कर सकेंगे. सीतापुर के नैमिषारण्य में स्थित है शक्तिपीठ ललिता देवी मंदिर.

Varanasi Chandra Grahan Timing : वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर को छोड़कर सभी मंदिरों के कपाट बंद
चंद्रग्रहण की वजह से वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर को छोड़कर सभी मंदिरों के कपाट नौ बजे बंद कर दिए गए. महावीर मंदिर, महादेव, हनुमान जी, राम दरबार, देवी मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए. काशी विश्वनाथ धाम के कपाट चंद्रग्रहण से डेढ़ घंटे पहले बंद किए जाएंगे. चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर लगेगा. मगर काशी में चंद्रोदय 5 बजकर 58 मिनट पर होगा, इसलिए परंपरा के मुताबिक विश्वनाथ मंदिर के कपाट 4 बजकर 30 मिनट पर बंद किए जाएंगे. चंद्रग्रहण पूरा होने के बाद विश्वनाथ मंदिर समेत सभी मंदिर 7 बजकर 15 मिनट पर साफ-सफाई के बाद फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे.

Ayodhya Chandra Grahan Update : अयोध्‍या के सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद
चंद्रग्रहण की वजह से अयोध्या के सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट आज बंद हैं. आज इस साल का पहला चंद्र ग्रहण है. ग्रहण से ठीक 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू होने की वजह से अयोध्या में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए. रामजन्मभूमि, हनुमानगढ़ी कनक भवन समेत अयोध्या के सभी मंदिरों के कपाट बंद किए गए हैं. सुबह आरती और भोग के बाद कपाट बंद किए गए. मंदिर बंद होने से पहले राम भक्तों ने बड़ी तादाद में रामलाल के दर्शन किए, लेकिन रामनगरी में श्रद्धालुओं जगह-जगह राम नाम संकीर्तन कर रहे हैं. श्रृंगार आरती और मंगला आरती के बाद रामभक्‍तों के लिए सुबह 7:00 बजे रामलला का द्वार खोला गया था. उड़ीसा से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने 8 दिन का धार्मिक अनुष्ठान किया.

Prayagraj Chandra Grahan Live Update : प्रयागराज में सूतक से पहले हुई मंगला आरती
प्रयागराज में भी सूतक काल शुरू होने की वजह से पूजा अर्चना के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए. सूतक काल से पहले मंदिर में मंगला आरती की गई, जिसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालु शामिल हुए. सनातन धर्म की मान्यताओं में ग्रहण काल के दौरान मंदिरों में मूर्तियों का स्पर्श और दर्शन वर्जित होता है. संगम के बंधवा में बड़े हनुमान जी मंदिर के कपाट भी विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद बंद कर दिए गए. मंगलवार होने की वजह से श्रद्धालु मंदिर के बाहर ही दर्शन पूजन कर रहे हैं. संगम में स्नान कर मंदिर के बाहर बैठकर मंत्रों का जाप, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं.

सूतक काल प्रभावी होने से पहले मंदिर में मंगला आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. सनातन धर्म की मान्यताओं में ग्रहण काल के दौरान मंदिरों में मूर्तियों का स्पर्श और दर्शन वर्जित होता है. चंद्र ग्रहण की समाप्ति और शुद्धि के बाद भगवान का विशेष श्रृंगार होगा. इसके बाद मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट फिर से खोल दिए जाएंगे, जिससे भक्त हनुमान जी के दर्शनों का पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे.

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