जम्मू के फेमस कचालू, डॉक्टर भी देते हैं इसे खाने की सलाह, 70 साल से बेच रहा परिवार

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जम्मू के पुराने शहर में एक परिवार 70 सालों से मशहूर कचालू बेच रहा है. ‘गिरधारी लाल कचालू वाला’ के सूखे और मसालेदार कचालू स्वाद के साथ सेहत का खजाना हैं. पीलिया में फायदेमंद होने के कारण डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं. फास्ट फूड के दौर में भी लोगों के बीच इसकी मांग बरकरार है.

(रिपोर्टः अरुण कुमार) जम्मूः आज के आधुनिक दौर में जहां युवा पीढ़ी और आम लोग फास्ट फूड की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. वहीं जम्मू शहर में एक ऐसी ऐतिहासिक दुकान है जो आज भी लोगों को पारंपरिक और सेहतमंद ‘कचालू’ का स्वाद परोस रही है. जम्मू के पुराने शहर इलाके में स्थित ‘गिरधारी लाल कचालू वाला’ की यह दुकान न केवल अपने चटपटे स्वाद के लिए पहचानी जाती है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए यह आज भी पहली पसंद बनी हुई है.

दुकान के संचालक रामप्रकाश इस व्यवसाय के इतिहास पर रोशनी डालते हुए बताते हैं कि उनका यह काम करीब 70 साल पुराना है. सफर की शुरुआत एक छोटे से खोखे से हुई थी. शुरुआती दिनों में खोखे पर कचालू बेचे जाते थे, लेकिन जैसे-जैसे लोगों की जुबान पर इसका स्वाद चढ़ा, ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी. काम बढ़ा तो खोखे की जगह एक स्थायी दुकान शुरू कर दी गई.

रामप्रकाश बताते हैं कि ग्राहकों के लिए कचालू को अलग-अलग और बेहद खास तरीकों से परोसा जाता है. यहां मुख्य रूप से दो तरह के कचालू मिलते हैं. पहला है ‘सूखा कचालू’, जिसे तैयार करते समय कचालू के टुकड़ों पर अजवाइन, काला नमक, सादा नमक और एक खास मिक्स मसाला छिड़का जाता है, जो इसके स्वाद को बेहतरीन बना देता है. वहीं दूसरा है ‘मसालेदार कचालू’, जिसके लिए पहले से ही एक चटपटी चटनी तैयार की जाती है. इस चटनी में कटे हुए कचालू डालकर अच्छी तरह मिलाए जाते हैं और फिर ग्राहकों को परोसा जाता है.

स्वाद के साथ सेहत का खजाना
यह कचालू सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का भी खजाना है. गर्मियों के मौसम में इसे खाने का अपना अलग ही मजा है और इसकी मांग सबसे ज्यादा रहती है. इसके चमत्कारी औषधीय गुणों के चलते डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं. खासकर पीलिया (जॉन्डिस) जैसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए कचालू बेहद गुणकारी माना जाता है और चिकित्सक रिकवरी के लिए विशेष रूप से इसके सेवन पर जोर देते हैं.

जंक फूड छोड़ कचालू चाव से खाते हैं लोग
यह ताजा कचालू मुख्य रूप से उधमपुर, रियासी और जम्मू जिले के विभिन्न हिस्सों में उगाया जाता है और वहीं से सीधा मार्केट तक पहुंचता है. रामप्रकाश मानते हैं कि फास्ट फूड ने बाजार पर काफी कब्जा जमा लिया है, जिससे नई पीढ़ी में इसका चलन थोड़ा कम जरूर हुआ है. लेकिन, जिन लोगों को कचालू के स्वास्थ्य लाभ पता हैं, वे आज भी जंक फूड छोड़कर इसे ही पूरे चाव से खाते हैं.

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Mahesh Amrawanshi

कहानी सुनने, गुनने और लिखने का शौकीन. शुद्ध कीबोर्ड पीटक. माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से शिक्षा-दीक्षा. द सूत्र, खबरिया न्यूज़, दैनिक नई दुनिया (अखबार) से सीखते हुए हाल मुकाम News18 है. 5 साल से पत्रकार…और पढ़ें

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