शराब के नशे में बता दी ऐसी बात, खौल गया पड़ोसी का खून, दोस्त के साथ मिलकर कर दी हत्या
क्राइम न्यूज. दिल्ली के आदर्श नगर थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज नाबालिग हत्या मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार यह हत्या पुरानी दुश्मनी और बदले की भावना में की गई थी. मामले में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी भी बरामद कर ली गई है.
पुलिस को 12 फरवरी 2026 की सुबह करीब 8.30 बजे पीसीआर कॉल मिली थी, जिसमें मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास जंगल इलाके में आग लगने और एक बच्चे का शव पड़े होने की सूचना दी गई थी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. वहां मेट्रो की दीवार के पास एक जला हुआ और पहचान से बाहर शव मिला. इसके बाद पुलिस ने शव की पहचान के लिए जांच शुरू की.
कुछ समय बाद मृतक के पिता भगवान और परिवार के अन्य सदस्य बीजेआरएम मोर्चरी पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान अपने 17 वर्षीय बेटे के रूप में की. मृतक अशोक विहार फेज-2 के जेलर वाला बाग इलाके का रहने वाला था. पुलिस ने परिवार के बयान दर्ज कर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी.
16 फरवरी को मृतक की बहन रोशनी का बयान लिया गया. उसने बताया कि उसका भाई पिछले कुछ समय से आजादपुर इलाके में गलत संगत में पड़ गया था और अगस्त 2025 में दीपक नाम के युवक की हत्या के मामले में शामिल रहा था. उस केस में उसे जुवेनाइल होम भेजा गया था और 31 जनवरी 2026 को जमानत पर रिहा किया गया था. परिवार के अनुसार रिहाई के बाद वह काफी डरा और परेशान रहने लगा था तथा गौरव उर्फ कालिया नाम का युवक उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था.
जांच के दौरान पुलिस ने कई तकनीकी और स्थानीय सुराग जुटाए. 17 फरवरी को गुप्त सूचना के आधार पर विनय नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की गई. पूछताछ में विनय ने अपने साथी गौरव उर्फ कालिया का नाम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस जांच में सामने आया कि गौरव, दीपक का पड़ोसी था और उसे अपने चाचा जैसा मानता था. 11 फरवरी की रात शराब पीने के दौरान मृतक ने कथित तौर पर दीपक की हत्या में अपनी भूमिका की बात कबूल की और गौरव को भी मारने की धमकी दी. इससे गुस्साए गौरव ने विनय के साथ मिलकर बदला लेने की साजिश रची.
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने उसी रात करीब 10.45 बजे नाबालिग पर पत्थर से कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई. पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने पेट्रोल डालकर शव को आग लगा दी और मौके से फरार हो गए.
इस मामले की जांच इंस्पेक्टर अश्विनी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने की, जिसकी निगरानी एसएचओ लव अत्रेय और एसीपी योगेंद्र खोखर कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है.
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं था. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही केस से जुड़े बाकी पहलुओं का भी खुलासा किया जाएगा.