मंजूषा महोत्सव में लेना है भाग, 9 मार्च से शुरू होगा आयोजन, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
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भागलपुर में मंजूषा महोत्सव लगने जा रहा है. यह महोत्सव 9 मार्च से शुरू होकर 11 मार्च तक चलेगा. लेकिन इसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू हो गयी है. सम्बंधित कलाकार इसमें रजिस्ट्रेशन कराकर उसके बाद भाग ले पाएंगे.
अंग की लोककला को बचाने के लिए तरह तरह के प्रोग्राम होते रहते हैं. ऐसे में एक बार फिर इसको लेकर मंजूषा महोत्सव लगने जा रहा है. यह महोत्सव 9 मार्च से शुरू होकर 11 मार्च तक चलेगा. लेकिन इसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू हो गयी है. सम्बंधित कलाकार इसमें रजिस्ट्रेशन कराकर उसके बाद भाग ले पाएंगे. ऐसे महोत्सव से यहां की लोककला मंजूषा को बढ़वा मिलेगा. जिला प्रशासन और कला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित की जा रही है.
इसमें क्या होगा खास
आपको बता दें अंग की लोककला मंजूषा है. जिससे तरह तरह के चीजों पर पेंटिंग उकेरी जा रही है. इसको लेकर जब कला संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान मंजूषा जन जागरूकता अभियान, प्रदर्शनकला, दृश्य कला प्रतियोगिता और मंजूषा प्रदर्शनी जैसे प्रमुख आकर्षण होंगे. बाल, किशोर, युवा और वरिष्ठ वर्ग के कलाकारों के लिए विशेष चित्रकला प्रतियोगिता होंगी. जिसमें चयनित कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा. स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे.
ऑनलाइन करें आवेदन
आपको बता दें कला संस्कृति विभाग भागलपुर के ऑनलाइन पोर्टल पर आप आवेदन कर सकते हैं. महोत्सव की संगीत संध्या और अन्य गतिविधियों में केवल वही कलाकार भाग ले सकेंगे जिन्होंने कला एवं संस्कृति विभाग के पंजीयन पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है. आप विभाग के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन कर सकते हैं.
क्या है मंजूषा कला
दरअसल आपको बता दें मंजूषा एक कला है. जो बिहुला विषहरी से ही जुड़ा हुआ है. कुछ लोग 5 तो कुछ लोग तीन रंगों से इसको तैयार करते हैं. मुख्य रूप से पीला, हरा व नारंगी रंग का प्रयोग होता है. इसको बढ़ावा देने के लिए छोटे छोटे चीजो पर उकेर कर भी बेचा जा रहा है. यह एक बड़ा मंच होगा जब एक साथ कई कलाकार अपनी कलाकारी को दिखाएंगे. कपड़े पर भी मंजूषा उकेरी जाती है.