बिना गेंद फेंके गिर गए 10 विकेट, पहले विकेट लिए हुई 192 रनों की साझेदारी, फिर टीम हो गई ऑलआउट, इतिहास का अनोखा मैच

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नई दिल्ली. कल्पना कीजिए, एक बल्लेबाज क्रीज पर आता है, अंपायर से गार्ड लेता है, लेकिन इससे पहले कि गेंदबाज गेंद फेंके, वह वापस पवेलियन की ओर चल देता है फिर दूसरा आता है, और वह भी यही करता है. देखते ही देखते बिना एक भी गेंद अतिरिक्त डाले पूरी टीम पवेलियन लौट जाती है.  सुनने में यह किसी गली-मोहल्ले के मैच का मजाक लग सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर हकीकत में ऐसा ही ‘तमाशा’ हुआ है.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की महिला टीमों के बीच हुआ यह मुकाबला क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक में किसी रहस्यमयी पहेली की तरह दर्ज हो गया है, जहाँ रणनीति ने खेल के पारंपरिक रोमांच को पीछे छोड़ दिया.

मैच का पूरा लेखा-जोखा: क्या था वो अजीब मंजर?

यह ऐतिहासिक और अनोखी घटना ‘एसीसी विमेंस टी20 चैंपियनशिप’ के दौरान देखने को मिली.  यूएई की टीम बल्लेबाजी कर रही थी और उनकी शुरुआत किसी सपने जैसी रही.  सलामी बल्लेबाजों ने कतर के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की. देखते ही देखते 16.2 ओवरों में स्कोर बिना किसी नुकसान के 192 रन पहुंच गया.  ईशा ओझा और उनकी साथी खिलाड़ी क्रीज पर सेट थीं और एक विशाल स्कोर की ओर बढ़ रही थीं.
लेकिन तभी आसमान में काले बादल छाने लगे, बारिश का अंदेशा था और यूएई की टीम को डर था कि अगर बारिश हुई और मैच रद्द हुआ या ओवर कम हुए, तो नेट रन रेट (NRR) के समीकरण बिगड़ सकते हैं.

नियमों की दीवार और अनोखा रास्ता

यूएई की टीम अपनी पारी वहीं रोकना चाहती थी ताकि कतर को बल्लेबाजी के लिए बुलाया जा सके और डकवर्थ लुईस नियम के तहत मैच का नतीजा उनके पक्ष में रहे लेकिन क्रिकेट के टी20 नियमों के मुताबिक, आप टेस्ट क्रिकेट की तरह वनडे और टी-20 में पारी ‘घोषित’ नहीं कर सकते. यहीं से शुरू हुआ रणनीति का असली खेल.  यूएई की कप्तान और कोच ने फैसला किया कि वे नियमों की खामियों का फायदा उठाएंगे.  स्कोर जब 192 रन था, तो सेट बल्लेबाज क्रीज छोड़कर ‘रिटायर्ड आउट’ होकर वापस आ गए. इसके बाद जो भी खिलाड़ी मैदान पर उतरा, उसने एक भी गेंद का सामना नहीं किया और अंपायर को सूचित किया कि वे ‘रिटायर्ड आउट’ हो रहे हैं.

शून्य गेंद पर 10 विकेट!

एक-एक करके यूएई के 10 खिलाड़ी पवेलियन लौट गए स्कोरकार्ड पर नजर डालने वाले लोग दंग थे टीम का स्कोर 16.2 ओवर में 192 रन था, लेकिन विकेटों का कॉलम ‘ऑल आउट’ (10 विकेट) दिखा रहा था.  खास बात यह थी कि आखिरी के 10 विकेट गिरने के दौरान कतर की टीम को एक भी गेंद नहीं फेंकनी पड़ी. क्रिकेट के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला वाकया था जब किसी टीम ने रणनीतिक बढ़त लेने के लिए खुद को इस तरह आउट किया.

नतीजा और विवाद

यूएई की यह ‘अजीब’ रणनीति काम कर गई  कतर की टीम जब 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो यूएई की घातक गेंदबाजी के सामने वे ताश के पत्तों की तरह ढह गए.  पूरी कतर की टीम महज 29 रनों पर ऑल आउट हो गई और  यूएई ने यह मैच 163 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया.
क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है, लेकिन यूएई और कतर के बीच हुए इस मैच ने साबित कर दिया कि यहाँ केवल गेंद और बल्ले से नहीं, बल्कि दिमाग और नियमों की बारीक समझ से भी इतिहास रचा जा सकता है.  बिना गेंद फेंके 10 विकेट गिरना, क्रिकेट की उन कहानियों में गिना जाएगा जिसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा हैरत से सुनेंगी.

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