मुंबई की गलियों वाला स्वाद अब आपकी रसोई में, ऐसे बनाएं परफेक्ट रगड़ा पट्टीज, ये रेसिपी बना देगी आपको स्ट्रीट फूड फैन
Last Updated:
Ragda Pattice Recipe: शाम के वक्त अगर कुछ गरमागरम, मसालेदार और हल्का-सा चटपटा खाने का मन हो तो दिमाग सबसे पहले चाट की तरफ ही जाता है. खासकर मुंबई की सड़कों पर मिलने वाली रगड़ा पट्टीज़ का नाम सुनते ही स्वाद जैसे यादों में लौट आता है. सफेद मटर की मसालेदार ग्रेवी और बाहर से कुरकुरी आलू की टिक्की-यह कॉम्बिनेशन इतना लोकप्रिय है कि हर उम्र का इंसान इसे पसंद करता है. इस रेसिपी में हम आपको आसान तरीके से रगड़ा पट्टीज़ बनाना बताएंगे, जिसमें स्वाद, टेक्सचर और परोसने का अंदाज़-सब कुछ बिल्कुल स्ट्रीट स्टाइल जैसा लगेगा.
रगड़ा पट्टीज़: मुंबई का दिल जीतने वाला स्ट्रीट फूड मुंबई की गलियों में चाट के ठेले पर खड़े लोग अक्सर एक ही चीज़ का इंतज़ार करते दिखते हैं गरमागरम रगड़ा पट्टीज़. सफेद मटर को मसालों के साथ पकाकर बनाई गई गाढ़ी रगड़ा और तवे पर सेककर तैयार की गई आलू पट्टीज़ का मेल ऐसा है जो पेट भी भरता है और स्वाद भी देता है. यही वजह है कि यह सिर्फ स्नैक नहीं बल्कि कई लोगों के लिए पूरा मील बन जाता है. दिलचस्प बात यह है कि अलग-अलग शहरों में इसे थोड़ा अलग अंदाज़ में बनाया जाता है. कहीं इसमें प्याज ज्यादा डाला जाता है, तो कहीं मीठी चटनी का स्वाद प्रमुख होता है. लेकिन बेसिक स्वाद वही रहता है-मसालेदार, हल्का खट्टा-मीठा और ऊपर से कुरकुरी सेव का क्रंच.
रगड़ा बनाने का सही तरीका रगड़ा यानी सफेद मटर की मसालेदार ग्रेवी इस डिश की आत्मा है. इसे सही टेक्सचर में पकाना सबसे जरूरी स्टेप होता है.
सफेद मटर की तैयारी सफेद मटर को कम से कम 7–8 घंटे या रातभर पानी में भिगोना जरूरी है. इससे मटर जल्दी गलते हैं और स्वाद भी बेहतर आता है. उबालते समय नमक, हल्दी और एक चुटकी बेकिंग सोडा डालने से मटर जल्दी नरम हो जाते हैं. जब मटर अच्छे से पक जाएं तो उन्हें हल्का-सा मैश किया जाता है. इससे ग्रेवी गाढ़ी बनती है और रगड़ा पट्टीज़ पर डालने पर टिक्की में अच्छी तरह समा जाती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
आलू पट्टीज़: बाहर से कुरकुरी, अंदर से सॉफ्ट रगड़ा पट्टीज़ की असली पहचान उसकी टिक्की होती है. घर पर वही स्ट्रीट-स्टाइल कुरकुरापन पाने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातें ध्यान रखना जरूरी है.
टिक्की का मिश्रण उबले आलू को कद्दूकस करना मैश करने से बेहतर रहता है, क्योंकि इससे मिश्रण हल्का रहता है और टिक्की सॉफ्ट बनती है. इसमें नमक, अदरक, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाने से हल्का-सा ताज़ा स्वाद आता है.
तवे पर सेकने की तकनीक पट्टीज़ को मध्यम आंच पर तेल में सेकना चाहिए. तेज आंच पर टिक्की जल्दी ब्राउन हो जाती है लेकिन अंदर से सही टेक्सचर नहीं बनता. धीरे-धीरे सेकने से बाहर की परत कुरकुरी और अंदर का हिस्सा नरम रहता है-जो स्ट्रीट फूड वाली असली पहचान है.
परोसने का अंदाज़ ही बनाता है खास रगड़ा पट्टीज़ का मज़ा सिर्फ स्वाद में नहीं बल्कि उसकी लेयरिंग में भी होता है. पहले प्लेट में गरम रगड़ा डाला जाता है, फिर उसके ऊपर दो टिक्की रखी जाती हैं. इसके बाद हरी चटनी, इमली की मीठी चटनी, चाट मसाला, लाल मिर्च, भुना जीरा, काला नमक और हरा धनिया डाला जाता है.<br />ऊपर से बारीक सेव और चाहें तो प्याज डालने से टेक्सचर और फ्लेवर दोनों बढ़ जाते हैं. यही वजह है कि हर बाइट में अलग-अलग स्वाद महसूस होता है-कभी मीठा, कभी तीखा, कभी खट्टा.
घर की रसोई से ठेले जैसा स्वाद कई लोग सोचते हैं कि स्ट्रीट फूड का स्वाद घर पर नहीं आ सकता, लेकिन सच यह है कि सही मसाले और टेक्सचर पर ध्यान दिया जाए तो वही स्वाद मिल सकता है. उदाहरण के तौर पर, अगर टिक्की में थोड़ा कॉर्नफ्लोर या ब्रेड क्रम्ब्स मिलाया जाए तो डीप-फ्राई स्टाइल कुरकुरापन भी पाया जा सकता है.<br />आजकल कई घरों में यह डिश शाम के नाश्ते या वीकेंड स्पेशल के रूप में बनने लगी है. बच्चों को भी यह काफी पसंद आती है क्योंकि इसमें आलू का स्वाद प्रमुख होता है और ऊपर से चटनी का मीठा-तीखा संतुलन उन्हें अच्छा लगता है.