बेल के साथ 5 बीघा हल्दी की खेती ने बदली किसान की किस्मत, सात महीने में 700000 लाख की कमाई
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किसान भाई खेतों में आलू की खेती अधिक करना पसंद करते हैं लेकिन कभी कभी उन्हें आलू की अच्छी कीमत नहीं मिल पाती और फिर उसे फेंकना शुरू कर देते हैं.लेकिन हल्दी की खेती ऐसी खेती है जिसमें कभी नुकसान नहीं हो सकता है.इसी को देखते हुए उन्होंने अपने आधे हैक्टेयर बेल के बाग में हल्दी उगाना शुरू किया है. वह पिछले 14 साल से हल्दी की खेती कर रहे हैं.इस खेती को करने के लिए कोई ज्यादा लागत नहीं आती है.सिर्फ बीज की लागत के साथ यह तैयार हो जाती है.
फिरोजाबाद: यूपी के फिरोजाबाद में रहने वाले एक किसान की किस्मत हल्दी की खेती से बदल रही है.जहां एक तरह किसान आलू,मूंग,गेहूं की खेती कर रहे हैं तो वही फिरोजाबाद के इस किसान ने हल्दी उगाना शुरू किया है.यह किसान पिछले कई सालों से बाग में हल्दी को उगा रहा है.सीजन आने पर किसान कच्ची हल्दी को मंडी में ले जाकर बेचता है.इसके अलावा किसान हल्दी से अचार भी तैयार कर रहा है.
किसान बेल के बाग में उगा रहा हल्दी
शिकोहाबाद ब्लॉक के गांव नगला पहुलाल में रहने वाले रघुवीर करौलिया ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए कहा कि किसान भाई खेतों में आलू की खेती अधिक करना पसंद करते हैं लेकिन कभी कभी उन्हें आलू की अच्छी कीमत नहीं मिल पाती और फिर उसे फेंकना शुरू कर देते हैं.लेकिन हल्दी की खेती ऐसी खेती है जिसमें कभी नुकसान नहीं हो सकता है.इसी को देखते हुए उन्होंने अपने आधे हैक्टेयर बेल के बाग में हल्दी उगाना शुरू किया है. वह पिछले 14 साल से हल्दी की खेती कर रहे हैं.इस खेती को करने के लिए कोई ज्यादा लागत नहीं आती है.सिर्फ बीज की लागत के साथ यह तैयार हो जाती है.
15 कुंतल प्रति बीघा की होती है पैदावार,400 रुपए प्रति किलो में बेचकर होती है लाखों की इनकम
किसान ने बताया कि बरसात के सीजन में इसकी बुवाई मेड बनाकर की जाती है.वही इसके बीज की कीमत सौ रुपए प्रति किलो रहती है.इसके बाद खेती में कोई फर्टिलाइजर का इस्तेमाल नहीं किया जाता. लगभग 6 से 7 महीने में कच्ची हल्दी तैयार हो जाती है.वही अगर हल्दी को पकाकर बेचना चाहते हैं तो 9 महीने बाद उसको बेचना शुरू करें.इस खेती से कोई नुकसान नहीं है सिर्फ मुनाफा ही मुनाफा होता है. किसान ने बताया कि उनके 4 बीघा खेतों में हल्दी उगाई जाती है जिसमें 15 कुंतल प्रति बीघा के हिसाब से पैदावार होती है.वही इस हल्दी को वह कई तरह से बेचते हैं. कच्ची हल्दी का अचार बनाकर बेचते हैं तो वही इसका पाउडर भी 400 रु प्रति किलो में बिकता है.किसान ने बताया कि उसकी इस खेती से लाखों की इनकम हो रही है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें