सरसों तेल की खुशबू और धीमी आंच का जादू! ऐसे बनाएं बिहारी स्टाइल चंपारण चिकन, देहाती स्वाद का मिलेगा मजा
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Bihari Style Champaran Chicken Recipe: होली पर कुछ खास और देसी बनाने के लिए बिहारी स्टाइल चंपारण चिकन एक बेहतरीन विकल्प है. सरसों तेल की खुशबू, धीमी आंच पर दमदार पकने की विधि और मसालों का संतुलन इसे खास बनाता है. दही और मसालों में मैरीनेट किया गया चिकन हांडी में बिना पानी डाले पकाया जाता है, जिससे यह बेहद रसदार बनता है. धीमी आंच पर पकने से इसका स्वाद गहरा और सुगंध लाजवाब हो जाती है. रोटी, पराठा या चावल के साथ यह डिश हर किसी को खूब पसंद आती है.
होली का त्योहार रंगों, खुशियों और स्वादिष्ट पकवानों के बिना अधूरा माना जाता है. राजस्थान हो या बिहार, इस मौके पर घरों में कुछ खास और पारंपरिक बनाने की तैयारी पहले से शुरू हो जाती है. अगर आप इस होली कुछ अलग, देसी और जबरदस्त स्वाद वाला पकवान बनाना चाहते हैं, तो बिहारी स्टाइल चंपारण चिकन एक बेहतरीन विकल्प है. इसका देहाती स्वाद, सरसों तेल की खुशबू और धीमी आंच पर पकने की विधि इसे खास बना देती है.
चंपारण चिकन की खासियत यह है कि इसमें ज्यादा तामझाम नहीं होता. न ज्यादा टमाटर, न भारी ग्रेवी, सिर्फ मसालों और चिकन का असली स्वाद रहता है. इस डिश की शुरुआत होती है मैरीनेशन से. चिकन को दही, नमक, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा, अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च और सरसों तेल के साथ अच्छी तरह मिलाकर 1 से 2 घंटे के लिए मैरीनेट किया जाता है. अगर समय हो तो इसे रातभर के लिए छोड़ना स्वाद को और गहरा बना देता है.
इसके बाद हांडी या मोटे तले की कढ़ाही में बचा हुआ सरसों तेल गर्म किया जाता है. जब तेल से हल्का धुआं निकलने लगे तो उसमें तेजपत्ता, दालचीनी और इलायची डाल दी जाती है. इन खुशबूदार मसालों से तेल महक उठता है और चंपारण चिकन की खास सुगंध तैयार होती है. इसी चरण पर रसोई में फैली खुशबू से ही अंदाजा लग जाता है कि डिश कितनी स्वादिष्ट बनने वाली है.
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अब इसमें कटे हुए प्याज डाले जाते हैं. ध्यान रहे कि चंपारण चिकन में प्याज को ज्यादा ब्राउन नहीं किया जाता, बल्कि हल्का नरम और खुशबूदार होने तक ही भूनना पर्याप्त होता है. इसके बाद मैरीनेट किया हुआ चिकन सीधे हांडी में डाल दिया जाता है. इसमें अलग से पानी डालने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि चिकन और दही से ही पर्याप्त रस निकल आता है. धीमी आंच पर पकाते हुए मसालों को अच्छे से मिलाया जाता है, जिससे चिकन अंदर तक मसालों का स्वाद सोख लेता है. यही तरीका चंपारण चिकन को खास और बेहद रसदार बनाता है.
चिकन को ढककर धीमी आंच पर करीब 40 से 45 मिनट तक पकाया जाता है. बीच-बीच में चलाते रहना जरूरी होता है ताकि चिकन तले में न लगे और मसाले बराबर पकते रहें. इसी धीमी आंच और दमदार पकने की प्रक्रिया से चंपारण चिकन का असली स्वाद निखरकर सामने आता है. जब चिकन पूरी तरह गल जाए और ऊपर तेल नजर आने लगे, तब समझिए कि डिश लगभग तैयार है. इस स्टेज पर इसकी खुशबू और रंग देखकर ही मुंह में पानी आ जाता है. सही समय और धैर्य से पकाया गया यह चिकन बेहद नरम, रसदार और स्वाद से भरपूर बनता है.
आखिरी चरण में चिकन में गरम मसाला और काली मिर्च डालकर 5 से 10 मिनट के लिए दम दिया जाता है. इस दौरान ढककर रखने से मसालों की खुशबू और स्वाद पूरी तरह चिकन में समा जाता है. यही वह खास पल होता है जब चंपारण चिकन अपने परफेक्ट फ्लेवर और सुगंध पर पहुंचता है. धीमी आंच पर दिया गया यह दम डिश को और ज्यादा स्वादिष्ट, मुलायम और रसदार बना देता है. अंत में ऊपर से हरा धनिया डालकर परोसें. गरमागरम चंपारण चिकन रोटी, पराठा या चावल के साथ बेहद लाजवाब लगता है और हर किसी को इसका अनोखा स्वाद खूब भाता है.