खंजर गाजियाबाद का, साजिश पाकिस्तान की! क्या सरहद पार से आई थी सलीम वास्तविक की मौत की सुपारी? इंस्टा पर पहले दी धमकी, फिर किया जानलेवा हमला

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YouTuber Salim Wastik Attack: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत लोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तविक पर हुए जानलेवा हमले ने अब एक अंतरराष्ट्रीय और बेहद खौफनाक मोड़ ले लिया है. शुरुआती जांच में जो मामला आपसी रंजिश या स्थानीय विवाद नजर आ रहा था, उसके तार अब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से जुड़ते दिख रहे हैं. खुफिया एजेंसियों और पुलिस की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सलीम वास्तविक की हत्या की स्क्रिप्ट सरहद पार पाकिस्तान में लिखी गई थी.

पाकिस्तानी यूट्यूबर मोहम्मद अहमद बरकती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर इस हमले की सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी ली है. चौंकाने वाली बात यह है कि हमले से ठीक दो दिन पहले बरकती ने एक वीडियो के जरिए सलीम को जान से मारने की सीधी धमकी दी थी. इतना ही नहीं, साजिश को अंजाम देने के लिए एक और वीडियो जारी किया गया जिसमें सलीम वास्तविक के घर और दफ्तर का सटीक पता सार्वजनिक किया गया था, ताकि हमलावरों को निशाना साधने में कोई चूक न हो.

खुफिया विभाग की रडार पर ‘बरकती’ का वीडियो
जैसे ही सलीम पर हमला हुआ, भारतीय खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं. जांच के दौरान वे वीडियो हाथ लगे हैं जिनमें बरकती जहर उगलता नजर आ रहा था. हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार और उच्च अधिकारियों के संज्ञान लेने के बाद इन विवादित वीडियो को सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया गया है, लेकिन एजेंसियों ने इनके साक्ष्य सुरक्षित कर लिए हैं. मोहम्मद अहमद बरकती के बारे में अब गहन जानकारी जुटाई जा रही है कि उसके संबंध किन आतंकी या कट्टरपंथी संगठनों से हैं और भारत में उसके स्लीपर सेल कौन हैं, जिन्होंने इस आदेश पर हमला किया.

शुक्रवार की वो ‘खूनी सुबह’, दफ्तर में घुसकर किया हमला
घटना शुक्रवार सुबह की है, जब लोनी के अली गार्डन इलाके में स्थित अपने कार्यालय में सलीम वास्तविक रोज की तरह बैठे थे. तभी बाइक पर सवार होकर दो नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे. चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने हेलमेट लगा रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके. वे दिल्ली के रास्ते लोनी बॉर्डर होते हुए गाजियाबाद में दाखिल हुए थे.

हमलावर सीधे सलीम के केबिन में घुसे. उन्होंने न तो कोई बात की और न ही कोई बहस की. बिना किसी चेतावनी के हमलावरों ने बड़े छुरे और चाकू निकालकर सलीम के गले और पेट पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए. हमला इतना भीषण था कि सलीम को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे चंद सेकंडों में ही खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े. वारदात को अंजाम देकर हमलावर उसी रास्ते (लोनी बॉर्डर) से वापस दिल्ली की ओर फरार हो गए.

अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग
लहूलुहान हालत में सलीम को तुरंत लोनी के 50 शैय्या अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल रेफर कर दिया. सलीम की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है. डॉक्टरों के अनुसार, उनके गले पर गहरा जख्म था, जिसका ऑपरेशन कर दिया गया है. हालांकि, पेट में हुए गहरे घावों के कारण आंतरिक रक्तस्राव का खतरा बना हुआ है, जिसके लिए एक और बड़ी सर्जरी होनी. वहीं, उनके समर्थक और परिजन अस्पताल के बाहर उनकी सलामती की दुआएं मांग रहे हैं.

सलीम वास्तविक क्यों बने कट्टरपंथियों के दुश्मन?
सलीम वास्तविक कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर एक जाना-माना नाम हैं. वे ‘सलीम वास्तविक 0007’ नाम से अपना यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसके हजारों सब्सक्राइबर्स हैं. सलीम ने खुद को ‘एक्स-मुस्लिम’ घोषित किया था और वे अक्सर धार्मिक कुरीतियों, हलाला, और मदरसों की शिक्षा व्यवस्था पर बेबाकी से प्रहार करते थे.

वे अक्सर सवाल उठाते थे कि समाज में नफरत क्यों फैलाई जा रही है? उनकी इसी बेबाकी ने उन्हें कट्टरपंथी संगठनों की आंखों की किरकिरी बना दिया था. उन्हें लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं कि वे इन विषयों पर बोलना बंद करें, लेकिन सलीम ने झुकने से इनकार कर दिया. यही वैचारिक लड़ाई अब हिंसक हमले में बदल गई है.

बेटे की तहरीर पर FIR, स्थानीय नेताओं के नाम आए थे सामने
सलीम के बेटे उस्मान ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया था और पुलिस पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी. उस्मान की शिकायत पर गाजियाबाद पुलिस ने भाटी बिल्डर, AIMIM नेता अजगर, अशरफ, शाहरुख और सोनू के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन स्थानीय लोगों का पाकिस्तान में बैठे बरकती से कोई संपर्क था? क्या इन लोगों ने ही हमलावरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट और सलीम की लोकेशन मुहैया कराई थी?

विधायक नंदकिशोर गुर्जर का बड़ा बयान, ‘यह सुनियोजित आतंकी कृत्य’
वहीं, इस घटना पर लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी घटनास्थल और अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने इस हमले को एक सामान्य अपराध मानने से इनकार कर दिया है. विधायक ने कहा,

यह हमला कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी प्लानिंग है. सलीम सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर राष्ट्रहित में बात करते थे. इस हमले के जरिए कट्टरपंथी ताकतों ने एक खौफनाक संदेश देने की कोशिश की है. इसमें स्थानीय लोगों की भूमिका संदिग्ध है और दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा.

विधायक ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मुख्य साजिशकर्ता नहीं पकड़े गए तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.

सीएम योगी आदित्यनाथ सख्त, ‘अराजकता फैलाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे’
इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) और गाजियाबाद पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी संदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश की धरती पर अराजकता और आतंक के लिए कोई स्थान नहीं है. कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी. पुलिस की टीमें हमलावरों के भागने के रूट और सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही हैं.

क्या यह ‘लोन वुल्फ’ अटैक था?
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी (ACP लोनी, सिद्धार्थ गौतम) के मुताबिक, हमलावरों की पहचान के लिए कई टीमें गठित की गई हैं. यह भी जांचा जा रहा है कि क्या यह कोई ‘लोन वुल्फ’ अटैक था जिसे पाकिस्तान से ऑनलाइन रेडिकलाइज (कट्टरपंथी) करके अंजाम दिलवाया गया? चश्मदीदों ने बताया कि हमलावर वारदात से 10 मिनट पहले आसपास के लोगों से सलीम का पता पूछ रहे थे. इससे साफ है कि हमलावरों को इलाके की ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन उन्हें ‘टारगेट’ की पहचान अच्छे से कराई गई थी. हेलमेट पहनकर हमला करना और दिल्ली के रास्ते फरार होना यह दर्शाता है कि हमलावरों ने पहले से रेकी की थी.

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