‘हमारे लोग सुरक्षित रहने चाहिए’, ईरान-इजरायल युद्ध के बीच जयशंकर की ‘फोन डिप्लोमेसी’, 6 देशों से की बात
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ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में छिड़े महायुद्ध के बीच भारत ने मोर्चा संभाल लिया है. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इजरायल, ईरान, कुवैत, कतर, यूएई और बहरीन के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की. भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने और वहां रहने वाले लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है.

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों और पलटवार ने मिडिल ईस्ट को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है. इस संकट के बीच भारत अपनी ‘बैलेंसिंग एक्ट’ कूटनीति के साथ मैदान में उतर गया है. भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पिछले 24 घंटों में एक के बाद एक 6 देशों के विदेश मंत्रियों से बात की है. भारत की सबसे बड़ी चिंता खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय कामगारों की सुरक्षा है. जयशंकर ने साफ किया है कि तनाव बढ़ने से न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था बल्कि मानवीय सुरक्षा पर भी गहरा असर पड़ेगा.
इजरायल और ईरान से सीधी बात: बातचीत ही एकमात्र रास्ता
खाड़ी देशों से भारतीयों की सुरक्षा का मिला भरोसा
भारतीय विदेश मंत्री ने कुवैत, बहरीन, कतर और यूएई के अपने समकक्षों से भी लंबी चर्चा की. इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है. जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर और कतर के पीएम व विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान से वहां के ताजा हालात की जानकारी ली. बहरीन और यूएई के मंत्रियों ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे. भारत के लिए यह कूटनीतिक जीत है कि संकट के समय सभी प्रमुख खाड़ी देश उसके साथ खड़े दिख रहे हैं.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें