परिवार के साथ होली मनाना चाहता है नीतीश कटारा कांड का गुनहगार विकास यादव, सुप्रीम कोर्ट ने दे दी 7 दिन की फरलो

Share to your loved once


होमताजा खबरदेश

परिवार के साथ होली मनाना चाहता है विकास यादव, SC ने दी 7 दिन की फरलो

Last Updated:

Supreme Court on Vikas Yadav: नीतीश कटारा हत्याकांड का दोषी विकास यादव 25 साल की सजा काट रहा है. उत्तर प्रदेश के नेता डी पी यादव का पुत्र है. उसके चचेरे भाई विशाल यादव को भी कटारा के अपहरण और हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी.

ख़बरें फटाफट

परिवार के साथ होली मनाना चाहता है विकास यादव, SC ने दी 7 दिन की फरलोZoom

नीतीश कटारा हत्याकांड का दोषी विकास यादव 25 साल की सजा काट रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव की याचिका स्वीकार करते हुए उसे 7 दिन की फरलो को मंजूरी दे दी. विकास यादव 25 साल की सजा काट रहा है, जिसमें किसी तरह की रिहाई का प्रावधान नहीं है. विकास यादव उत्तर प्रदेश के नेता डी पी यादव का पुत्र है. उसके चचेरे भाई विशाल यादव को भी कटारा के अपहरण और हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने कहा कि विकास यादव अब तक 23 साल जेल में बिता चुका है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा, ‘फरलो इस आधार पर मांगी गई है कि याचिकाकर्ता होली के दौरान परिवार के साथ समय बिताना चाहता है. मामले के गुण-दोष में जाए बिना हम याचिकाकर्ता को 7 मार्च तक फरलो पर रिहा करने की अनुमति देते हैं.’

क्या होता है फरलो?

‘फरलो’ से तात्पर्य जेल से अस्थायी रिहाई है, न कि पूरी सजा का निलंबन या माफी. यह आमतौर पर, लंबी अवधि की जेल की सजा काट रहे उन कैदियों को दी जाती है, जिन्होंने अपनी सजा का एक हिस्सा कारागार में बिता लिया है.

‘क्या उसे फांसी पर लटकाना चाहते हैं’

अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष की आपत्तियों को सख्ती से खारिज कर दिया. बेंच ने टिप्पणी की, ‘क्या आप उसे फांसी पर लटकाना चाहते हैं? 23 साल बाद भी आप चीजों को छोड़ना नहीं चाहते. हमें भी कभी-कभी आगे बढ़ना होता है.’ सुनवाई के दौरान जस्टिस सुंदरेश ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि इस तरह की राहत कई बार दोषी के सुधार में सहायक हो सकती है.

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 11 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने विकास यादव की 21 दिन की फरलो की मांग को खारिज कर दिया था. हाई कोर्ट ने कहा था कि वह ‘गंभीर अपराध’ में दोषी है और दिल्ली जेल नियम, 2018 के तहत फरलो के लिए ‘वैधानिक रूप से अयोग्य’ है. हाई कोर्ट ने जेल प्रशासन के 29 अक्टूबर 2025 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें उसकी फरलो याचिका खारिज की गई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को नीतीश कटारा के अपहरण और हत्या के मामले में 25-25 साल की सजा सुनाई थी. यह अपराध 16-17 फरवरी 2002 की रात एक शादी समारोह से कटारा के अपहरण के बाद किया गया था. इस मामले में एक अन्य दोषी सुखदेव यादव को 20 साल की सजा सुनाई गई थी. (पीटीआई इनपुट के साथ)

About the Author

Saad Omar

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP