होली पर मेहमान पूछेंगे सीक्रेट, ऐसी ठंडाई जो पहले घूंट में दिल जीत ले, सीखें होली स्पेशल पारंपरिक ठंडाई की रेसिपी
Holi Special Thandai Recipe: होली का दिन हो और घर में ठंडाई की खुशबू न फैले, ऐसा शायद ही कभी होता है. रंग खेलने से पहले हो या बाद की थकान उतारने के लिए, एक गिलास ठंडी-ठंडी ठंडाई पूरे माहौल को उत्सव में बदल देती है. खास बात यह है कि यह सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि परंपरा, मेहमाननवाजी और अपनापन का हिस्सा है. कई लोग बाजार से तैयार ठंडाई ले आते हैं, लेकिन जो स्वाद घर में भिगोए मेवों और ताजे मसालों से तैयार ठंडाई में आता है, वह अलग ही सुकून देता है. आज की तेज जिंदगी में भी लोग त्योहारों पर पुराने स्वाद को दोहराना चाहते हैं, ताकि बच्चों को भी वही असली होली का अनुभव मिल सके, अगर आप भी इस बार होली पर कुछ खास परोसना चाहते हैं, तो घर पर स्पेशल ठंडाई बनाना एक शानदार और दिल जीतने वाला विकल्प है.
होली में ठंडाई की परंपरा क्यों है खास
भारत में मौसम और त्योहारों का रिश्ता हमेशा गहरा रहा है. होली बसंत से गर्मी की ओर बढ़ते मौसम का संकेत देती है, जब शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों की जरूरत होती है. ऐसे में मेवे, मसाले और दूध से बनी ठंडाई शरीर को संतुलित रखने में मदद करती है. पुराने समय में घरों में बड़े पैमाने पर ठंडाई बनती थी, जिसे रिश्तेदारों और पड़ोसियों में बांटा जाता था. यह सिर्फ पेय नहीं, सामाजिक मेलजोल का जरिया भी था. आज भी कई घरों में होली की सुबह ठंडाई पीना शुभ माना जाता है.
स्पेशल ठंडाई बनाने की सामग्री
1 लीटर ठंडा दूध
8–10 बादाम
6–8 काजू
10–12 पिस्ता
2 बड़े चम्मच खरबूजे के बीज
1 बड़ा चम्मच खसखस
4–5 हरी इलायची
1 छोटा टुकड़ा दालचीनी
5–6 काली मिर्च
कुछ केसर के धागे
स्वादानुसार चीनी
सूखी गुलाब की पंखुड़ियां
घर पर ठंडाई बनाने की आसान विधि
1. मेवों को सही तरह तैयार करें
सबसे पहले बादाम, काजू, पिस्ता, खसखस और खरबूजे के बीज को 3–4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. यह कदम बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे मेवे नरम हो जाते हैं और उनका स्वाद दूध में अच्छी तरह घुलता है. भीगे बादाम का छिलका उतारने से ठंडाई का रंग और टेक्सचर बेहतर होता है.
2. मसाले और मेवों का स्मूद पेस्ट बनाएं
भीगे हुए मेवों को हरी इलायची, काली मिर्च और दालचीनी के साथ मिक्सर में डालें. थोड़ा-सा दूध मिलाकर इन्हें बारीक और क्रीमी पेस्ट में पीस लें. ध्यान रखें कि पेस्ट जितना स्मूद होगा, ठंडाई उतनी ही रिच लगेगी.
3. दूध में मिलाएं और स्वाद संतुलित करें
एक बड़े बर्तन में ठंडा दूध लें और उसमें तैयार पेस्ट मिलाएं. अब स्वादानुसार चीनी डालकर अच्छी तरह घोलें ताकि मिठास बराबर फैल जाए. केसर को हल्के गुनगुने दूध में भिगोकर डालने से ठंडाई का रंग हल्का सुनहरा और खुशबूदार हो जाता है.
4. ठंडा करें और परोसें
तैयार मिश्रण को छलनी से छान लें, ताकि ठंडाई एकदम स्मूद हो जाए. फिर इसे 1–2 घंटे के लिए फ्रिज में ठंडा होने रखें. परोसते समय ऊपर से कटे पिस्ता, बादाम और गुलाब की पंखुड़ियां डालें. ठंडी-ठंडी ठंडाई का पहला घूंट ही त्योहार की थकान मिटा देता है.
ठंडाई को और खास बनाने के टिप्स
घर की ठंडाई की खूबी यही है कि इसे स्वाद के अनुसार बदला जा सकता है. कुछ लोग इसमें गुलकंद मिलाते हैं, जिससे हल्की मिठास और गुलाब की खुशबू बढ़ती है, अगर आप ज्यादा क्रीमी स्वाद चाहते हैं, तो थोड़ा कंडेंस्ड मिल्क भी मिला सकते हैं. कई घरों में चीनी की जगह मिश्री का उपयोग होता है, जो स्वाद को पारंपरिक बनाता है. आजकल हेल्थ-कॉन्शस लोग लो-शुगर या खजूर से मीठी ठंडाई भी बनाते हैं. यानी एक ही बेस रेसिपी से कई तरह की ठंडाई तैयार की जा सकती है. यही वजह है कि यह पेय हर पीढ़ी में पसंद किया जाता है.
त्योहार में स्वाद के साथ सेहत भी
ठंडाई सिर्फ स्वाद के लिए नहीं जानी जाती. मेवे, बीज और मसाले शरीर को ऊर्जा देने, ठंडक पहुंचाने और पाचन में मदद करने के लिए भी पहचाने जाते हैं. होली के दिन जब लोग मीठा, तला और मसालेदार खाना ज्यादा खाते हैं, तब ठंडाई संतुलन बनाने में मदद करती है. यही कारण है कि इसे पारंपरिक एनर्जी ड्रिंक भी कहा जाता है.
होली के रंग, मिठाइयां और पकवान अपनी जगह खास हैं, लेकिन ठंडाई के बिना त्योहार का स्वाद अधूरा लगता है. घर पर बनी ठंडाई में सिर्फ मेवे और मसाले नहीं, बल्कि अपनापन और परंपरा भी घुली होती है. इस होली आप भी बाजार की बजाय घर की ठंडाई बनाकर मेहमानों को परोसें, यकीन मानिए तारीफ जरूर मिलेगी.