आईआईसीटी: एनिमेशन, गेमिंग समेत 18 कोर्स, गूगल, एप्पल, मेटा…में इंटर्नशिप, तो फिर नौकरी की क्या टेंशन
नई दिल्ली. अगर युवाओं को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे कोर्स ऐसे संस्थान में करने का मौका मिले, जहां देश के तकनीक की दुनिया में नाम कमा चुके शिक्षक पढ़ाएं. इतना ही नहीं गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, जैसी कंपनियों में इंटर्न करने का मौका मिले. तो ऐसे युवाओं के नौकरी के लिए इंतजार नहीं करना होगा. बड़ी कंपनियां झट से इनको आफर देंगी. तो भला कौन सा युवा ऐसे संस्थान से कोर्स नहीं करना चाहेगा. जी हां यहां बात रहे हैं कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मुंबई में पीपीपी मॉडल के तहत शुरू किए गए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज की. जहां पर उद्घाटन के बाद 18 कोर्स कराए जा रहे हैं.
मौजूदा समय इस इंस्टीट्यूट में 130 युवा कोर्स कर रहे हैं. यहां पर तीन माह से 2 साल तक के कोर्स कराए जा रहे हैं. यहां पर कोर्स करने में युवाओं को 10 से 25 फीसदी तक स्कालरशिप भी मिल रही है. फिलहाल आईआईसीटी -एनएफडीसी मुंबई कैंपस में पहले फेस की शुरुआत हुई. इसमें 4 पूरी तरह तैयार फ्लोर हैं, जिनमें आधुनिक क्लासरूम और एक स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर है. इस सेंटर में अभी 8 इनोवेटिव स्टार्टअप्स को सपोर्ट मिल रहा है.
नामी कंपनियों के साथ समझौता
यहां पर युवाओं अपने अपने क्षेत्र में दक्ष बनाने के लिए गूगल, मेटा, एनवीआईडीआईएस, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, एडोब, डब्ल्यूपीपी समेत 24 कंपनियों के साथ टाइअप है. ये कंपनियां युवाओं को कोर्स पढ़ाने में मदद करने के साथ इंटर्नशिप तक का मौका दे सकती हैं. इस वजह से यहां पढ़ने वाले युवाओं को कोर्स करने के बाद नौकरी की परेशानी नहीं होगी.
क्या बोले छात्र
इस इंस्टीट्यूट में महराष्ट्र के अलावा कई राज्यों के छात्र पढ़ रहे हैं. दो साल का एनिमेशन का कोर्स करने वाले वीर सिंह ने बताया कि जिस तरह कोर्स यहां पर पढ़ाया जा रहा है, वो किसी और इंस्टीट्यूट में संभव नहीं हो सकता है. यहां की फैकल्टी अपने अपने क्षेत्र के कई दिग्गज हैं. तकनीक के साथ प्रैक्टिकल भी कराया जा रहा है. वहीं नागपुर की आशित दहाट और शिवम ने बताया कि यहां पर पढ़ाने का तरीका अपने आप में अलग है. यह इंस्टीट्यूट भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा साधन बनेगा.
इंस्टीट्यूट पर एक नजर
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज 391.15 करोड़ की लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बना है, जिसमें फिक्की और सीआईआई जैसे इंडस्ट्री पार्टनर शामिल हैं. यहां पर हाई-एंड थिएटर भी बनकर तैयार है, जहां प्रोफेशनल स्क्रीनिंग, साउंड डिजाइन और पोस्ट-प्रोडक्शन का काम हो सकता है . ये सब दुनिया के टॉप स्टैंडर्ड के मुताबिक है.भविष्य में इसका स्थायी कैंपस फिल्म सिटी, गोरेगांव में 10 एकड़ जमीन पर बनेगा. वहां एक शानदार इमर्सिव स्टूडियो होगा, जहां छात्र ट्रेनिंग ले सकेंगे. यह कैंपस भारत की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बीच में ही होगा.