बदलापुर कांड: महिला कितनी बार कर सकती है एग डोनेट?
Last Updated:
महाराष्ट्र के बदलापुर में एक महिलाओं से अंडाणु दान करवाने वाले एक अवैध रैकेट का खुलासा हुआ. यहां एक महिला से 33 बार एग डोनेशन कराकर मौत के मुंह में धकेला गया. आइए डॉक्टर से जानते हैं कि कोई महिला जीवन में कितने बार एग दान कर सकती है, क्या कहती है मेडिकल साइंस.

एक महिला जीवन में कितने बार एग डोनेट कर सकती है?
मां बनना सबसे सुखद अहसासों में आता है लेकिन कई बार यह अहसास एक के लिए खुशी तो दूसरों के लिए नासूर बन जाता है.ऐसा ही हुआ है महाराष्ट्र के बदलापुर में, जहां गांवों की भोली -भाली महिलाओं को पैसे का लालच देकर उन्हें एग डोनेशन (EGG Donation) के लिए तैयार किया और फिर एक महिला के शरीर से 33 बार अंडाणु निकालकर उसे मौत के मुंह में धकेल दिया गया. इस अवैध रैकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब एक महिला इसकी शिकायत लेकर स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची.
अंडाणु दान को लेकर अक्सर महिलाओं को ये गलतफहमी रहती है कि हर महीने ओवरी में बनने वाले अंडे वैसे भी तो पीरियड के माध्यम से बाहर निकलकर वेस्ट हो जाते हैं, अगर इन्हें निकालकर डोनेट किया जाए और इनसे बच्चे जन्म ले लेंगे तो बेहतर ही होगा, लेकिन शायद उन्हें ही क्या, दादी-मम्मियों को भी नहीं पता होगा कि अंडाणु दान करना इतना आसान नहीं है. इसके लिए बाकायदा गाइडलाइंस हैं और रिस्क इतने ज्यादा हैं कि मेडिकल साइंस भी इसकी अनुमति ऐसे ही नहीं देता.
तो आइए इसकी एक्सपर्ट और गुरुग्राम के मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स की ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनकोलॉजी में क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. पल्लवी वसाल से जानते हैं कि एक महिला अपने जीवन काल में कितने बार एग दान कर सकती है? अगर वो इससे ज्यादा बार करती है तो उसे क्या खतरा हो सकता है?
एक महिला कितने बार कर सकती है अंडे दान?
डॉ. पल्लवी वसाल कहती हैं, हमारे देश में एग डोनेशन या अंडाणु दान करने को लेकर बाकायदा कानून हैं और ये कानून मेडिकल साइंस की कसौटी पर फायदे-नुकसान को मापकर ही बनाए गए हैं. कोई भी 18 साल से 45 साल तक की महिला जो एग फ्रीज कराती है वह बचे हुए अंडों को डोनेट कर सकती है. हालांकि ये अंडे 30 साल तक की उम्र तक डोनेट हो जाएं तो उनकी क्वालिटी बेहतर होती है. मेडिकल साइंस के अनुसार कोई भी महिला जीवन में सिर्फ एक बार ही एग डोनेट कर सकती है या एग फ्रीज करा सकती है, इससे ज्यादा बार नहीं.
ये हैं जरूरी बातें
- . एग डोनेशन करने से पहले मरीज की पूरी मेडिकल और कारणों की जांच की जाती है, उसके बाद ही वह एग फ्रीज करा सकती है, जिनमें से स्वेच्छा से एग डोनेट कर सकती है.
. 18 से 45 साल की महिलाएं ही एग फ्रीज करा सकती हैं या डोनेट कर सकती हैं, उनमें भी 20 के बाद और 30 से पहले के अंडाणुओं की क्वालिटी बेहतर होती है.
. अगर किसी महिला के जबरन एग निकाले जाते हैं और कई बार निकाले जाते हैं तो उस महिला को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. अगर महिला या लड़की कम उम्र की है तो उसकी फर्टिलिटी पर भी असर पड़ सकता है.
. यह प्रक्रिया ट्रेंड डॉक्टरों और मल्टीस्पेशलिटी सुविधाओं की मौजूदगी में की जाती हैं, अगर कहीं भी कमी है तो यह महिला के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और नुकसान का कारण बन सकती है.बता दें कि एग डोनेशन वैध रूप से एक बार ही हो सकता है, अगर कहीं अवैध रूप से यह किया जाता है तो वह कानून के अनुसार अपराध की श्रेण्री में आता है. वैध रूप से एग फ्रीज कराने वाली महिलाएं ही एग डोनेट करती हैं. या फिर स्वेच्छा से भी एग डोनेशन हो सकता है लेकिन उसके भी कारण और उद्धेश्य तय होने चाहिए .
About the Author
प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीनियर हेल्थ रिपोर्टर काम कर रही हैं. इन्हें पिछले 14 साल से फील्ड में रिर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है. इससे पहले ये हिंदुस्तान दिल्ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें