पिज्जा की तरह ऑनलाइन बिक रही हैं लड़कियां, धड़ल्ले से चल रहा गंदा धंधा, रिपोर्ट में खौफनाक खुलासा!

Share to your loved once


Last Updated:

एक दहला देने वाली रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इंटरनेट पर महिलाओं को ‘पिज्जा’ की तरह ऑर्डर देकर खरीदा जा रहा है. पिम्पिंग वेबसाइट्स पर हजारों महिलाओं की तस्करी और शोषण सरेआम हो रहा है, जिसे रोकने के लिए अब सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है.

पिज्जा की तरह ऑनलाइन बिक रही हैं लड़कियां, धड़ल्ले से चल रहा गंदा धंधा!Zoom

सांकेतिक तस्वीर (Canva AI Generated)

इंटरनेट की दुनिया जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही अंधेरी और डरावनी भी होती जा रही है. हाल ही में आई ‘इंडिपेंडेंट एंटी-स्लेवरी कमिश्नर (IASC)’ की एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आज के डिजिटल युग में हजारों महिलाओं को ‘पिज्जा’ की तरह ऑनलाइन वेबसाइट्स पर बेचा जा रहा है. ये वेबसाइट्स अपराधियों के लिए एक ऐसा हथियार बन गई हैं, जहां वे बिना किसी डर के महिलाओं का सौदा करते हैं और उनके दुख से करोड़ों रुपये कमाते हैं. सबसे डरावनी बात यह है कि इन ‘पिम्पिंग वेबसाइट्स’ पर बच्चों की पहुंच को रोकने के लिए कोई कड़े इंतजाम नहीं हैं, जिससे मासूमों पर भी खतरा मंडरा रहा है. कमिश्नर एलेनोर लियोन ने अपनी जांच में पाया कि ये वेबसाइट्स पूरी तरह से शोषण का अड्डा बन चुकी हैं.

एक पीड़िता ने अपना दर्द शेयर करते हुए बताया, “मैंने अपने शरीर पर टैटू इसलिए बनवाए, ताकि अगर कोई ग्राहक मुझे मार डाले, तो कम से कम मेरे शरीर की पहचान तो हो सके.” वहीं एक अन्य महिला ने कहा कि यह समाज के लिए शर्म की बात है कि पुरुष बाहर जाकर महिलाओं को वैसे ही खरीद रहे हैं जैसे वे पिज्जा ऑर्डर करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, कमिश्नर के कार्यालय ने 12 ऐसी वेबसाइट्स पर करीब 63,000 विज्ञापनों का विश्लेषण किया और पाया कि 10 में से 6 विज्ञापनों में तस्करी और शोषण के साफ संकेत मिल रहे थे. इन वेबसाइट्स पर अपराधी कई महिलाओं को एक साथ कंट्रोल करते हैं. ग्राहक अपनी पहचान छुपाकर यहां पहुंचते हैं और महिलाओं को एक ‘प्रोडक्ट’ की तरह चुनते हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि केवल एक महीने में इन 12 वेबसाइट्स पर 4 करोड़ से ज्यादा लोग पहुंचे.

कई मामलों में तो अपराधी खुद महिलाओं के नाम पर ग्राहकों से बात करते हैं और सौदा तय करते हैं, जबकि उन महिलाओं को यह तक नहीं पता होता कि उनके नाम पर क्या-क्या वादे किए जा रहे हैं. पीड़ितों ने बताया कि इन प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है. अगर कोई महिला किसी ग्राहक से मिलने से मना करती है, तो उसे रेप और जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं. पिछले साल से ही इन वेबसाइट्स को बंद करने की मांग उठ रही है. यूके की सुरक्षा मंत्री जेस फिलिप्स ने चेतावनी देते हुए कहा था, “हम जानते हैं कि ये साइट्स क्या कर रही हैं और हम अब इनके पीछे आ रहे हैं.” संसद में ऐसे कानून लाए जा रहे हैं जिससे अदालतें इन वेबसाइट्स को सस्पेंड कर सकेंगी. मिया डे फाओइट नाम की एक सर्वाइवर ने बताया कि यह एक ‘आधुनिक गुलाम बाजार’ है, जहां आप अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी उम्र या नस्ल की महिला को ‘सुपरमार्केट’ की तरह चुन सकते हैं.

तस्करी की शिकार महिलाओं की मदद करने वाली ग्लासगो की एक संस्था ‘तारा (TARA)’ का कहना है कि इन वेबसाइट्स पर विज्ञापन देने वाली महिलाएं अक्सर बेघर और सदमे में होती हैं. वे कभी इस धंधे से मुनाफा नहीं कमातीं, बल्कि सारा पैसा बिचौलियों और अपराधियों की जेब में जाता है. कमिश्नर ने अब सरकार से मांग की है कि इन साइट्स पर उम्र की जांच अनिवार्य की जाए, ऑनलाइन सुरक्षा कानूनों को और सख्त किया जाए और जो लोग इस धंधे से मुनाफा कमा रहे हैं, उनकी जवाबदेही तय की जाए. ब्रिटिश सरकार ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यौन शोषण एक अभिशाप है, चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन. प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि टेक कंपनियों को अब 48 घंटे के भीतर ऐसी आपत्तिजनक तस्वीरों और विज्ञापनों को हटाना होगा जो बिना सहमति के साझा किए गए हैं.

About the Author

Niranjan Dubey

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP