जड़ी बूटी और गाय के गोबर से समूह की महिलाएं तैयार कर ही हैं खास लकड़ी, होली में होगा दहन
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इन दिनों जड़ी बूटी और गाय के गोबर का मिश्रण कर होली के लिए लकड़ी तैयार कर रहा है. यह लकड़ी जड़ी बूटी मिलाकर तैयार की जा रही है. जिन्हें होली में दहन करने के लिए बनाया जा रहा है. जिनकी डिमांड आ रही है और इन महिलाओं को भी इसमें अच्छा मुनाफा हो रहा है. महिलाओं की यह लकड़ी खूब बिक रही है. क्योंकि होलिका दहन में लकड़ियों की ज्यादा आवश्यकता रहती है. इसलिए गाय के गोबर से मिश्रित यह लकड़ियां तैयार कर मार्केट में सेल कर रही हैं और इन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है.
मुरादाबादः यूपी के मुरादाबाद में महिलाएं समूह बनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं. तो वहीं बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं. जिन्होंने समूह के माध्यम से अपना स्टार्टअप शुरू कर अच्छा मुनाफा कमाया है. वहीं एक समूह ऐसा है. जो इन दिनों जड़ी बूटी और गाय के गोबर का मिश्रण कर होली के लिए लकड़ी तैयार कर रहा है. यह लकड़ी जड़ी बूटी मिलाकर तैयार की जा रही है.
जिन्हें होली में दहन करने के लिए बनाया जा रहा है. जिनकी डिमांड आ रही है और इन महिलाओं को भी इसमें अच्छा मुनाफा हो रहा है. महिलाओं की यह लकड़ी खूब बिक रही है. क्योंकि होलिका दहन में लकड़ियों की ज्यादा आवश्यकता रहती है. इसलिए गाय के गोबर से मिश्रित यह लकड़ियां तैयार कर मार्केट में सेल कर रही हैं और इन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है.
गाय के गोबर से बनाई लकड़ियां
समूह की अध्यक्ष पूजा यादव ने बताया की उन्होंने गाय के गोबर और जड़ी बूटियां से लकड़ियां तैयार की हैं. यह लकड़ियां नवरात्र में भी इस्तेमाल होती है. इसके अलावा होली पर भी इस्तेमाल की जाती हैं. ताकि बाजार से मोटी-मोटी लकड़ियों की जरूरत ना पड़े और इन लकड़ियों का प्रयोग कर हम होलिका दहन कर सकें. उन्होंने बताया कि गाय के गोबर फूल पत्तियों आम के आमले, तुलसी, हरसिंगार और शामी की लकड़ी से पाउडर बनाकर इसका मिश्रण तैयार किया है. इस मिश्रण को फूलों की पत्तियों के पाउडर के साथ मिलकर लकड़ियां तैयार की गई है.
पर्यावरण के लिए है फायदेमंद
जब इसे जलाया जाएगा तो आम की लकड़ियों की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके साथ ही समूह की महिलाएं जगह-जगह स्टॉल लगाकर अपनी गाय के गोबर की लकड़ियां बेच रही हैं. अन्य कई क्षेत्रों से डिमांड आ रही है. समूह में 12 महिलाएं जुड़ी हुई है. प्रत्येक महिला 20 से 25000 रुपए का मुनाफा आसानी से कमा रही है. उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान करना और पर्यावरण को स्वच्छ रखना है. गाय के गोबर से बनी लकड़ियां न केवल हवन के लिए और होली के लिए उपयुक्त है. बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें