सिलेंडर सप्लाई का काम कर बेटे को बनाया क्रिकेटर, संघर्षों से भरा रहा रिंकू सिंह के पिता का जीवन, कोच ने बताई हकीकत
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अलीगढ़ के क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता के निधन से परिवार और खेल जगत में शोक है. कोच मसूद अमीनी ने बताया कि वे संघर्षशील और सादगी पसंद इंसान थे, जो गैस सिलेंडर सप्लाई का काम करते थे. सीमित संसाधनों में बच्चों को आगे बढ़ाया. कैंसर से जूझते हुए नोएडा के यथार्थ अस्पताल में उनका इंतकाल हुआ. बेटे की शादी देखने की इच्छा अधूरी रह गई. परिवार गहरे दुख में है.
अलीगढ़. अलीगढ़ के उभरते भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. उनके पिता खचंद्र सिंह के निधन से परिवार, करीबी लोगों और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. इस कठिन समय में रिंकू सिंह के कोच मसूद अमीनी ने उनके पिता के संघर्षपूर्ण जीवन, सादगी भरे स्वभाव और बेटे की सफलता में निभाई गई अहम भूमिका को याद करते हुए गहरा दुख जताया है.
खेल जगत में शोक
जानकारी देते हुए रिंकू सिंह के कोच मसूद अमीनी ने बताया कि यह बेहद दुखद खबर है कि भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के वालिद साहब का निधन हो गया है. सुबह मिली जानकारी के अनुसार उनके पिता का इंतकाल हो गया, जिससे परिवार के साथ-साथ उनके चाहने वालों और पूरे देश में शोक की लहर है. इस समय रिंकू सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम के साथ जुड़े हुए हैं, ऐसे में यह व्यक्तिगत क्षति उनके लिए बेहद कठिन और भावनात्मक दौर है.
संघर्षों से भरा रहा उनका जीवन
उन्होंने कहा कि रिंकू सिंह के पिता का जीवन संघर्षों से भरा रहा. उन्होंने बेहद मेहनत और मेहनतकश जिंदगी जीते हुए अपने बच्चों की परवरिश की. वह गैस हॉकर के रूप में काम करते थे और गोबला गैस सर्विस में गैस सिलेंडर सप्लाई करने का काम करते थे. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने परिवार को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी. उनकी मेहनत और त्याग का ही नतीजा है कि आज उनका बेटा देश के लिए क्रिकेट खेलकर नाम रोशन कर रहा है.
सादगी पसंद और मिलनसार इंसान थे
रिंकू सिंह के कोच का कहना है कि आर्थिक स्थिति बेहतर होने के बाद भी उनके स्वभाव और व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया था. वह बेहद सादगी पसंद और मिलनसार इंसान थे तथा सभी लोगों से अपनापन बनाए रखते थे. उनमें किसी तरह का घमंड नहीं था और मोहल्ले व जानने वालों के बीच उनकी खास इज्जत थी.
वह अपने बेटे की शादी नहीं देख पाए
हाल ही में रिंकू सिंह की मंगनी हुई थी और परिवार में शादी की तैयारियों को लेकर खुशी का माहौल था. उनके पिता इस रिश्ते को लेकर बहुत खुश थे और मंगनी समारोह में भी शामिल हुए थे. हालांकि शादी बार-बार टलती रही और इसी बीच उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई. उन्हें नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह कैंसर से जूझ रहे थे और आखिरकार उनका इंतकाल हो गया. परिवार के लिए यह सबसे बड़ी दुख इस बात का है कि वह अपने बेटे की शादी नहीं देख पाए.
उन्होंने कहा कि पिता के इंतकाल के बाद पूरा परिवार गहरे शोक में है. शादी अब जरूर होगी, लेकिन इस दुखद घटना के कारण कुछ समय के लिए टलना स्वाभाविक है. परिवार और चाहने वाले यही दुआ कर रहे हैं कि अल्लाह मरहूम को जन्नत अता करे और परिवार को सब्र दे.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें