न हीरो बचा न हीरोइन, विलेन की मौत के साथ खत्म हुई जंग, 30 अवॉर्ड जीतने वाली इस फिल्म ने हिला दिया बॉक्स ऑफिस
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बॉलीवुड में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ पर्दे पर नहीं चलतीं, बल्कि इतिहास रच देती हैं. साल 2012 में आई एक ऐसी ही एक्शन-ड्रामा फिल्म ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए थे. करीब 30 से ज्यादा अवॉर्ड्स अपने नाम करने वाली इस फिल्म का अंत इतना दर्दनाक था कि किसी की भी आंखें नम हो जाएं. फिल्म के क्लाइमैक्स में हीरो और विलेन दोनों की मौत हो जाती है और अंत तक हीरोइन भी नहीं बचती. इसके बावजूद, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई.
नई दिल्ली. फिल्मों में अक्सर हम देखते हैं कि अंत में हीरो, विलेन को मारकर अपनी हीरोइन के साथ खुशी-खुशी रहने लगता है. लेकिन बॉलीवुड में एक ऐसी फिल्म बनी जिसने इस घिसे-पिटे फॉर्मूले को तोड़ दिया. हम बात कर रहे हैं साल 2012 में आई सुपरहिट फिल्म अग्निपथ की. यह फिल्म 1990 में आई अमिताभ बच्चन की इसी नाम की फिल्म का रीमेक थी, लेकिन इसके नए कलेवर और खौफनाक विलेन ने इसे एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया.
जब ‘अग्निपथ’ रिलीज हुई, तो इसने ओपनिंग डे पर ही रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी. ऋतिक रोशन ने विजय दीनानाथ चौहान के किरदार में जो जान फूंकी, उसे देख लोग पुराने विजय (अभिताभ बच्चन) को कुछ पल के लिए भूल गए. फिल्म ने न केवल अपनी लागत वसूली, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश कर दी. (फोटो साभार: IMDb)
इसे उस साल की सबसे सफल फिल्मों में गिना गया और इसने देश-विदेश में कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स जीते. इस फिल्म की कामयाबी के पीछे एक बड़ी वजह थे संजय दत्त, जिन्होंने कांचा चीना का किरदार निभाया था. बिना भौंहों वाला बाल्ड लुक और डरावनी मुस्कान वाले कांचा को देखकर थिएटर में बच्चे तो क्या, बड़े भी डर गए थे. (फोटो साभार: IMDb)
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प्रियंका चोपड़ा ने काली के किरदार में अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत लिया था. ऋषि कपूर का रऊफ लाला वाला किरदार भी फिल्म की जान था. इस फिल्म का असली दम इसके आखिरी 20 मिनटों में था. अक्सर दर्शक उम्मीद करते हैं कि हीरो जीतेगा और सब ठीक हो जाएगा. लेकिन यहां डायरेक्टर करण मल्होत्रा ने एक अलग ही रास्ता चुना. (फोटो साभार: IMDb)
फिल्म के अंत में विजय (ऋतिक रोशन) अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए कांचा (संजय दत्त) से भिड़ता है. लड़ाई इतनी भीषण होती है कि दोनों के शरीर लहूलुहान हो जाते हैं. विजय अंत में कांचा को उसी बरगद के पेड़ पर लटका देता है जहां उसके पिता को मारा गया था. लेकिन, विजय खुद भी अपनी चोटों और जज्बातों के बोझ से नहीं उभर पाता और अपनी मां की गोद में दम तोड़ देता है. (फोटो साभार: IMDb)
फिल्म का अंत और भी दुखद तब लगा जब इससे पहले ही फिल्म की हीरोइन काली (प्रियंका चोपड़ा) की भी एक हमले में मौत हो जाती है. यानी अंत में न हीरो बचा, न विलेन और न ही हीरोइन. इस फिल्म ने साबित किया कि अगर कहानी में दम हो और एक्टिंग दमदार हो, तो दुखद अंत वाली फिल्में भी सुपरहिट हो सकती हैं. (फोटो साभार: IMDb)
फिल्म के गाने खासकर ‘अभी मुझमें कहीं’, आज भी लोगों को भावुक कर देता हैं. अपनी रिलीज के समय इस फिल्म ने अवॉर्ड फंक्शनंस में करीब दो दर्जन से ज्यादा अवॉर्ड्स अपनी झोली में डाले थे, जो इसकी क्वालिटी और पॉपुलैरिटी का बड़ा सबूत है. (फोटो साभार: IMDb)
करण जौहर के बैनर तले बनी ‘अग्निपथ’ ने भारत में 159.72 करोड़ रुपये का ताबड़तोड़ बिजनेस किया था और दुनियाभर में इसकी कमाई 190.26 करोड़ रुपये रही. फिल्म ने रिलीज के बाद टोटल 30 अवॉर्ड जीते थे और इसे 48 नॉमिनेशन मिले थे. इस मूवी में जरीना वहाब, राजेश टंडन, ओम पुरी और देवेन भोजनानी जैसे सितारे नजर आए थे. कैटरीना कैफ के ‘चिकनी चमेली’ गाने पर डांस ने दिल जीत लिया था. (फोटो साभार: IMDb)