पंड्या का प्रहार, सूर्या की चमक और अर्शदीप का वार; इन ‘5 सूरमाओं’ ने जिम्बाब्वे को किया पस्त, सेमीफाइनल की दहलीज पर टीम इंडिया

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नई दिल्ली. चेपॉक के मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली 72 रनों की इस प्रचंड जीत ने भारतीय प्रशंसकों को झूमने का मौका तो दिया ही है, साथ ही सेमीफाइनल की उम्मीदों को भी जिंदा रखा है. 256 रनों के विशाल स्कोर और फिर अनुशासित गेंदबाजी के पीछे टीम इंडिया के ‘पांच सूरमाओं’ का हाथ रहा. हार्दिक पांड्या, अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि बड़े मैचों में दबाव को कैसे सोख लिया जाता है.

कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने एक बार फिर दिखाया कि क्यों उन्हें टी20 का राजा कहा जाता है. टॉस हारने के बाद जब टीम इंडिया बल्लेबाजी करने उतरी, तो सूर्या ने विपक्षी गेंदबाजों की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और एक कप्तानी पारी खेलते हुए टीम को 250 के पार ले जाने में मुख्य भूमिका निभाई. उनकी आक्रामकता ने ही जिम्बाब्वे को बैकफुट पर धकेल दिया था.

भारत की जीत में इन 5 खिलाड़ियों ने अहम रोल अदा किया.

पावरप्ले के विस्फोटक ‘इंजन’ अभिषेक शर्मा
युवा सनसनी अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने पारी की शुरुआत में ही आग लगा दी. उन्होंने अपनी निडर बल्लेबाजी से जिम्बाब्वे के स्ट्राइक गेंदबाजों को सेट होने का मौका ही नहीं दिया. अभिषेक की तेजतर्रार शुरुआत ने मिडिल ऑर्डर के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया, जहां से बड़े स्कोर की नींव रखी गई. उनकी पारी ने सुनिश्चित किया कि भारत का रन-रेट पहले ओवर से ही 10 के ऊपर बना रहे.

मध्यक्रम की मजबूत ‘रीढ़’ तिलक वर्मा
तिलक वर्मा (Tilak Varma) ने इस मैच में मैच्योरिटी (परिपक्वता) की मिसाल पेश की। जब एक छोर पर विकेट गिर रहे थे या रन गति को बनाए रखने का दबाव था, तब तिलक ने स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा. उनकी सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने सूर्यकुमार यादव को खुलकर खेलने की आजादी दी. तिलक की यह पारी टीम के संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई.

हार्दिक पंड्या का ‘क्लासिक’ ऑलराउंड प्रदर्शन
हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) ने एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर क्यों हैं। बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने अंत में आकर कुछ लंबे छक्के जड़े, जिससे स्कोर 256 तक पहुंच सका. इसके बाद जब गेंद उनके हाथ में आई, तो उन्होंने जिम्बाब्वे के महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर उनकी कमर तोड़ दी. हार्दिक का ‘फिनिशर’ और ‘विकेट टेकर’ वाला अवतार भारत के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट रहा.

डेथ ओवर्स के ‘यॉर्कर किंग’ अर्शदीप सिंह
भले ही ब्रायन बेनेट ने एक छोर से 97 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन अर्शदीप सिंह ने दूसरे छोर से रनों पर लगाम लगाए रखी. अर्शदीप ने अपनी सधी हुई लाइन-लेंथ और सटीक यॉर्कर्स से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया. शुरुआती सफलता दिलाने के साथ-साथ उन्होंने अंतिम ओवरों में रनों की गति को रोककर भारत की 72 रनों की बड़ी जीत सुनिश्चित की.

अभिषेक-पंड्या ने जड़े अर्धशतक, अर्शदीप ने चटकाए तीन विकेट
फॉर्म में वापसी करने वाले ओपनर अभिषेक (55, 30 गेंद, चार छक्के, चार चौके) और पंड्या (नाबाद 50, 23 गेंद, चार छक्के, दो चौके) के धमाकेदार अर्धशतक से भारत ने चार विकेट पर 256 रन बनाए जो टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा और मौजूदा टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर है. पंड्या ने तिलक वर्मा (नाबाद 44, 16 गेंद, चार छक्के, तीन चौके) के साथ पांचवें विकेट के लिए 31 गेंद में 84 रन की अटूट साझेदारी करके टीम का स्कोर 250 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इससे पहले अभिषेक ने संजू सैमसन (24) के साथ पहले विकेट के लिए 48 और इशान किशन (38) के साथ दूसरे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी करने भारत को ठोस मंच दिया. कप्तान सूर्यकुमार यादव (33) ने भी उपयोगी पारी खेली. अर्शदीप सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 24 रन देकर तीन विकेट चटकाए.

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