ईरान पर हमले की हलचल के बीच भारत के पड़ोस में गरजे F-16, इजरायल को है सब खबर, गैंग ऑफ 8 को मिला खुफिया प्लान
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US Iran War News: अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की आशंका चरम पर है. इसी बीच भारत के पड़ोस में भी अमेरिका के फाइटर जेट F-16 गरज रहे हैं. ऐसा तब हो रहा है, जब पीएम इजरायल के दौरे पर हैं. सवाल ये उठ रहा है कि अमेरिका का प्लान का क्या है, क्या जेनेवा वार्ता के फेल होते ही ईरान उसके रेडार पर आ जाएगा.

डिएगो गार्सिया में एफ-16 तैनात. (Credit- Reuters)
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हलचलें तेज हो गई हैं. एक तरफ तो ईरान-अमेरिका के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बातचीत होनी है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका घात लगाकर ईरान को घेरे बैठा है. समंदर में जहां उसके बाहुबली एयरक्राफ्ट कैरियर गश्त मार रहे हैं, वहीं दुनिया के सबसे एडवांस अमेरिकी फाइटर जेट ईरान के पश्चिमी मोर्चे पर तैनात हैं. पीएम मोदी इजरायल के दौरे पर हैं और यहां भी अमेरिका ने अपने F-2 एयरक्राफ्ट्स की फ्लीट खड़ी कर रखी है.
इन सबसे बीच हैरानी की बात ये है कि इजरायल जहां भारत की मेजबानी कर रहा है, वहीं अमेरिकी फाइटर जेट F-16 भारत के पड़ोस में उड़ान भर रहे हैं. अमेरिकी फाइटर जेट्स की गरज भारत से महज 1,800 किलोमीटर की दूरी पर सुनी जा रही है. आप सोच रहे होंगे कि भला ईरान-अमेरिका की लड़ाई में अमेरिकी जेट्स को यहां तक पहुंचने की क्या जरूरत पड़ी? चलिए आपको बताते हैं कि ये कौन सी जगह है, जो भारत के इतनी नजदीक है लेकिन अमेरिका के कब्जे में है.
डिएगो गार्सिया में गरजे F-16
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 2003 के इराक युद्ध के बाद मध्य पूर्व में सबसे बड़ी सैन्य तैनाती की है. एफ-22 लड़ाकू विमानों को इजरायल में फॉरवर्ड बेस पर भेजा गया है. इसके अलावा एफ-16 फाइटर जेट्स को हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया में तैनात किया गया है.
- डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में ब्रिटेन के नियंत्रण वाले ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी का हिस्सा है, लेकिन यहां अमेरिकी सेना का बड़ा एयर और नेवल बेस है. ये भारत से सिर्फ 1800 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है.
- यह बेस रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है क्योंकि यहां से मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और अफ्रीका तक लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाई संभव है.
- इराक और अफगानिस्तान युद्ध के दौरान भी अमेरिका ने इसी ठिकाने से बमवर्षक विमान और युद्धपोत संचालित किए थे. अब यहां एफ-16 की तैनाती का मकसद हिंद महासागर क्षेत्र में संभावित ईरानी गतिविधियों पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर तुरंत जवाब देना है.
अमेरिका ने ‘कोर मेंबर्स’ को दी खुफिया जानकारी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सांसदों के विशेष समूह गैंग ऑफ 8 को गोपनीय ब्रीफिंग दी है. यह ब्रीफिंग आमतौर पर तब दी जाती है जब कोई बड़ा और संवेदनशील सैन्य फैसला सामने हो. इससे पहले भी 5 जनवरी को ऐसी ही ब्रीफिंग के बाद अमेरिका ने वेनेजुएला पर कार्रवाई की थी, ऐसे में ईरान पर हमले की अटकलें बढ़ गई हैं.
Following today’s classified briefing on Iran by Secretary of State Marco Rubio to members of the Gang of Eight, Senate Minority Leader Chuck Schumer, (D-NY), stated to reporters, “This is serious, and the administration has to make its case to the American people.” pic.twitter.com/VWv76XdO9N