‘डर लगता है? फिक्र मत करना’, कोटद्वार वाले मोहम्मद दीपक से मुलाकात में राहुल गांधी ने क्या-क्या पूछा?
Last Updated:
मोहम्मद दीपक वाला यह विवाद तब शुरू हुआ था, जब गणतंत्र दिवस के दिन कुछ लोगों ने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से अपनी दुकान का नाम बदलने की मांग की थी. इस पर दीपक ने सामने आकर साहस से उनका मुकाबला किया. राहुल गांधी को उनका समर्थन मिला है. दिल्ली में हुई इस मुलाकात का राहुल की ओर से वीडियो जारी किया गया है.

राहुल गांधी ने मोहम्मद दीपक से मुलाकात का वीडियो किया जारी किया.
कोटद्वार/नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी जिम ट्रेनर दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ से हुई अपनी मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर पब्लिक किया है. जनवरी में बजरंग दल से जुड़े लोगों की भीड़ का विरोध करने से चर्चा में आए दीपक दिल्ली में राहुल से मिलने आए थे. इस दौरान राहुल ने दीपक से विस्तार से बात की और पूरा घटनाक्रम जाना. साथ ही उन्होंने दीपक के परिवार से फोन पर बात की और पूछा कि आपको डर तो नहीं लग रहा, इस पर जवाब था कि बाहर निकलने में थोड़ा बहुत तो लगता है.. लेकिन राहुल ने उनकी हिम्मत बंधाते हुए कहा कि डरने की जरूरत नहीं है, ये कायर लोग हैं. ये कुछ नहीं करेंगे.
वीडियो के साथ शेयर संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि ‘देश में करोड़ों लोगों के दिलों में प्यार और सद्भाव की भावना है, लेकिन उनके मन में डर भी बैठा हुआ है. दीपक ने अपने साहस से उस डर को तोड़ने का रास्ता दिखाया है. उन्होंने कहा कि जो लोग नफरत फैलाकर समाज को डराने की कोशिश करते हैं, वो दरअसल कायर होते हैं- उनसे कभी भी डरो मत. दीपक ने हमारे तिरंगे और संविधान की रक्षा की है. नफरत के सामने डटकर खड़ा हुआ, कमजोर की हिफाजत की, इससे बड़ी देशभक्ति नहीं होती.
दरअसल, 26 जनवरी को हुई घटना के दौरान दीपक ने पास की दुकान चलाने वाले वकील अहमद का साथ दिया था. दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द होने पर बजरंग दल वालों ने आपत्ति जताई गई थी. वीडियो में दीपक राहुल गांधी से बातचीत में बताते हैं कि जब हिंदूवादी संगठनों के इन कथित लोगों ने उनसे उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया. उनका कहना था कि इसके जरिये वह यह जताना चाहते थे कि वे सबसे पहले हिंदुस्तानी हैं, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी उनकी पहचान का हिस्सा हैं.
मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. दीपक और उनके साथ आए दोस्तों ने दावा किया कि भीड़ के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि दीपक को ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इस पर गांधी ने सवाल किया कि आखिर उनकी गलती क्या थी और उन्हें क्यों हिरासत में रखा गया.
जब रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने दीपक से पूछा कि सैकड़ों लोगों के सामने खड़े होने की ताकत उन्हें कहां से मिली, तो उन्होंने अपनी मां का जिक्र किया, जो चाय की दुकान चलाती हैं. इसके बाद गांधी ने दीपक की मां से फोन पर बात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि डर फैलाने वाले लोग कमजोर हिम्मत के होते हैं और कुछ नहीं कर पाएंगे.
About the Author
Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें