‘मैं तुम्हें छोड़कर नहीं जाने वाला’, अमिताभ बच्चन को अपनी फिल्मों की आत्मा मानता था डायरेक्टर, देता था लीड रोल
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अमिताभ बच्चन ने ‘कल्कि 2’ के सेट से कई तस्वीरें शेयर कीं, जो तेजी से वायरल हुईं. 83 की उम्र में भी बहुत एक्टिव हैं. लगातार काम कर रहे हैं. अपने 6 दशक लंबे करियर में उन्होंने कई बड़े फिल्ममेकर्स संग काम किया, लेकिन एक डायरेक्टर ऐसे रहे हैं, जो उनके पक्के दोस्त बने. डायरेक्टर अमिताभ को अपनी आत्मा मानते थे. अपनी फिल्मों में लीड रोल देते थे.

अमिताभ बच्चन, मनमोहन देसाई के साथ. (फोटो साभारः आईएएनएस)
मुंबई. अमिताभ बच्चन का फिल्मी करियर लगभग 60 दशक का है. इन दशकों में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के लगभग सभी बड़े डायरेक्टर्स और फिल्ममेकर्स के साथ काम किया. लेकिन एक डायरेक्टर ऐसे थे, जिनसे अमिताभ का तगड़ा याराना था. यह डायरेक्टर भी अमिताभ का इतना बड़ा दीवाना था कि अपनी हर फिल्म में लीड रोल देता था. इस डायरेक्टर का नाम मनमोहन देसाई है. दोनों की हिट जोड़ी मानी जाती थी. दोनों ने साथ में कई फिल्में बनाईं, जो दर्शकों के बीच आज भी यादगार हैं. यही कारण है कि उनके बीच का रिश्ता केवल निर्देशक और अभिनेता का नहीं, बल्कि दोस्ती और विश्वास का भी था.
इस विश्वास की सबसे बड़ी मिसाल है वह पल, जब मनमोहन देसाई ने ‘अमर अकबर एंथनी’ की सफलता की पार्टी में अमिताभ से कहा, ‘तुम मुझे छोड़कर चले जाओ तो पता नहीं, लेकिन मैं तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला.’ 26 फरवरी 1937 को मुंबई में जन्मे मनमोहन देसाई के करियर की शुरुआत एक छोटे से असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में हुई थी. इस दौरान उन्होंने दर्शकों की पसंद को समझा और 70 और 80 के दशक में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. उनकी ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘धरम वीर’, ‘चाचा भतीजा’ और ‘परवरिश’ जैसी फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं.
‘अमर अकबर एंथनी’ की सक्सेस पार्टी में अमिताभ बच्चन के लिए भावुक हुए थे मनमोन देसाई
‘अमर अकबर एंथनी’ अमिताभ बच्चन के साथ उनकी पहली फिल्म थी. इस फिल्म से दोनों के बीच गहरी दोस्ती हुई. फिल्म की सक्सेस पार्टी के दौरान मनमोहन देसाई ने अमिताभ बच्चन से कहा था, ‘अब तुम मुझे छोड़कर चले जाओ तो पता नहीं, लेकिन मैं तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला.’ वह आखिरी तक अपनी इस बात पर बने रहे.
मनमोहन देसाई और अमिताभ बच्चन की फिल्में
मनमोहन की ज्यादातर फिल्मों में अमिताभ ही लीड एक्टर होते थे. दोनों ने साथ में ‘सुहाग’, ‘नसीब’, ‘देश प्रेमी’, ‘कुली’, ‘मर्द’, और ‘गंगा जमुना सरस्वती’ जैसी फिल्में कीं. इनमें से ज्यादातर फिल्में सुपरहिट रहीं. एक इंटरव्यू में देसाई ने कहा था कि अमिताभ उनकी फिल्मों की आत्मा हैं. वहीं, अमिताभ ने भी अक्सर करियर की ऊंचाइयों के लिए देसाई का आभार जताया. मनमोहन देसाई का निधन 1 मार्च 1994 को घर की बालकनी से गिरने से हुआ, लेकिन उनका अमिताभ के साथ बनाया गया बॉन्ड सिनेमा इतिहास में हमेशा जीवित रहा.
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें