एक कप्तान जिसने खुदको वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से पहले किया था बाहर
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श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान दिनेश चांदीमल को टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान के तौर पर याद किया जाता है. टूर्नामेंट के लिए उनको कप्तान बनाया गया था लेकिन सेमीफाइनल से पहले उन्होंने खुद को बाहर बिठाने का फैसला लिया. लसित मलिंगा को कप्तानी मिली और टीम ने भारत को हराकर 2014 में ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.

श्रीलंका का पूर्व कप्तान दिनेश चांदीमल ने खराब फॉर्म की वजह से खुद को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर लिया था
नई दिल्ली. इस बार के आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप को भारत के साथ मिलकर श्रीलंका होस्ट कर रहा है. 2014 के टूर्नामेंट की विजेता टीम ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को हराकर ग्रुप स्टेज से बाहर का रास्ता दिखाया. श्रीलंका ने पिछले कुछ सालों में फिर से अपनी खोई चमक हासिल की है. इसके पीछे पूर्व कप्तान सनत जयसूर्या का योगदान है. उन्होंने बतौर कोच टीम को संवारा और वापस से खड़ा किया.इस टीम के कप्तानों का इतिहास बेहद शानदार रहा है. एक ऐसे ही कप्तान की बात हम यहां करेंगे जिसने टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाने के लिए बीच टूर्नामेंट में खुद बाहर बैठने का फैसला लिया.
साल 2014 का टी20 वर्ल्ड कप बांग्लादेश में खेला गया था. 2013 में श्रीलंका ने चंडीमल को वनडे और टी20 दोनों में कप्तान बनाया. कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने, लसिथ मलिंगा, तिलकरत्ने दिलशान, एंजेलो मैथ्यूज, रंगना हेराथ जैसे बड़े और सीनियर खिलाड़ी के होते हुए उनको कप्तान बनाना हैरानी भरा फैसला था. दुर्भाग्यवश टेस्ट क्रिकेट में रन बनाने वाले चंडीमल का फॉर्म छोटे फॉर्मेट में पूरी तरह से खराब रहा. वर्ल्ड कप से पहले चंडीमल ने चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ दो टी20 मैचों में 18 और 3 रन बनाए. टूर्नामेंट की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 12 रन बनाए, नीदरलैंड्स के खिलाफ बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, और इंग्लैंड के खिलाफ टॉप छह में बल्लेबाजी नहीं की.
2014 के टूर्नामेंट में क्या हुआ था
श्रीलंका ने 189-4 का स्कोर बनाया. इंग्लैंड ने चार गेंद रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. लेकिन कट-ऑफ टाइम के बाद. चंडीमल को पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टी20 मैच में ओवर कम फेंकने पर सजा मिल चुकी थी. दूसरी गलती पर उन्हें जुर्माना और एक मैच का बैन मिला. श्रीलंका को अगला मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ जीतना था, लेकिन चंडीमल के बिना. श्रीलंका ने उनकी जगह लाहिरू थिरिमाने को टीम में लिया. मलिंगा की कप्तानी में श्रीलंका ने सिर्फ 119 रन बनाए, लेकिन हेराथ (5-3) ने न्यूजीलैंड को सिर्फ 60 रन पर आउट कर दिया और टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई, जहां वेस्टइंडीज से मुकाबला था.