Masala Bafla Bati recipe। खस्ता बाफला बाटी रेसिपी
Masala Bafla Bati Recipe: दाल-बाफला बाटी का नाम सुनते ही देसी घी की खुशबू और सोंधा स्वाद याद आ जाता है. राजस्थान और मध्य प्रदेश की यह क्लासिक थाली सिर्फ खाना नहीं, बल्कि एक अनुभव है-जहां कुरकुरे बाफले, गाढ़ी मसालेदार दाल और घी का मेल दिल जीत लेता है. अक्सर लोगों को लगता है कि बाफला बनाना मुश्किल है या घर पर वैसा खस्ता नहीं बन पाता जैसा होटल या ढाबे में मिलता है. यहीं पर शेफ रणवीर बरार की खास रेसिपी काम आती है. उन्होंने मसालेदार तड़का मोयन और पकाने के दो आसान तरीके बताकर इस डिश को घर के किचन तक आसान बना दिया है.
उनकी रेसिपी की खास बात है कि बाफले अंदर से जालीदार और बाहर से कुरकुरे बनते हैं, जबकि मूंगफली-तिल वाली दाल पूरे स्वाद को नए स्तर पर ले जाती है. अगर आप भी दाल-बाफला के शौकीन हैं और चाहते हैं कि घर पर ही परफेक्ट खस्ता बाफले बनें, तो यह तरीका आपके लिए बिल्कुल काम का है.
मसाला बाफला के लिए आटा और तड़का मोयन
खस्ता बाफला का बेस सही आटा और मोयन होता है. एक परात में 2 कप गेहूं का थोड़ा दरदरा आटा लें और उसमें लगभग ⅓ कप सूजी मिला दें. इससे बाफले का टेक्सचर बढ़िया आता है. अब मोयन के लिए सीधा घी डालने की जगह तड़का तैयार करें. एक छोटे पैन में घी गरम करें, उसमें जीरा, सौंफ, चुटकी हींग, हल्दी और थोड़ा लाल मिर्च पाउडर डालें. यह मसालेदार घी जब आटे में डाला जाता है तो हर कण में खुशबू भर देता है. यही शेफ का खास ट्रिक है जिससे बाफले का स्वाद साधारण से अलग हो जाता है.
दही-सोडा से नरम और जालीदार टेक्सचर
मोयन मिलाने के बाद नमक और चुटकी चीनी डालें. अब आधा चम्मच बेकिंग सोडा और लगभग 1 कप ताजा दही मिलाएं. दही और सोडा का मेल बाफले को हल्का और अंदर से जालीदार बनाता है. ध्यान रखें कि सूजी पानी सोखती है, इसलिए आटा थोड़ा नरम गूंथें. इसे ढककर 15–20 मिनट रख दें ताकि ग्लूटेन सेट हो जाए और लोइयां बनाते समय दरार न आए.
बाफला पकाने के दो आसान तरीके
आटा तैयार होने के बाद मध्यम आकार की लोइयां बनाएं. अब इन्हें पकाने के दो तरीके हैं:
1. उबालने का तरीका
एक बड़े बर्तन में पानी गरम करें. उसमें नमक, थोड़ी लाल मिर्च और अदरक डालें. पानी हल्का उबलने लगे तो बाफले डालें. जब वे ऊपर तैरने लगें, समझ लें पक गए.
2. स्टीम करने का तरीका
अगर उबालना न चाहें तो स्टीमर या ढक्कन वाले बर्तन में भाप में पकाएं. यह तरीका भी उतना ही असरदार है और बाफले टूटते नहीं.दोनों तरीकों में बाफले अंदर से पक जाते हैं और बाद में भूनने के लिए तैयार हो जाते हैं.
मूंगफली-तिल वाली स्पेशल दाल
-दाल-बाफला का असली मजा उसकी दाल में है. कुकर में थोड़ा तेल और घी गरम करें. उसमें जीरा, तेजपत्ता, लौंग और सूखी मिर्च डालें. बारीक कटा प्याज सुनहरा होने तक भूनें. अब हल्दी, धनिया और लाल मिर्च पाउडर डालकर मसाला पकाएं. फिर टमाटर और अदरक डालें और तब तक चलाएं जब तक मसाले से घी अलग न दिखे. भीगी हुई चना दाल और अरहर दाल डालें.
सीक्रेट फ्लेवर:
एक पैन में मूंगफली और सफेद तिल भूनकर दरदरे पीस लें. यह पाउडर दाल में डालने से गाढ़ापन और नटी स्वाद आता है. कुकर में पानी डालकर दाल नरम होने तक पकाएं. आखिर में घी, जीरा और लाल मिर्च का तड़का डालें-दाल तैयार.
बाफला भूनने और परोसने का तरीका
उबले या स्टीम किए बाफलों को कपड़े पर सुखा लें. अब इन्हें दो तरीकों से भून सकते हैं. कढ़ाही में घी गरम करके डीप फ्राई करें
या जाली पर धीमी आंच पर सेकें. जब बाफले सुनहरे और कुरकुरे हो जाएं तो हल्के दबाकर घी में डुबो दें. इससे वे बाहर से क्रिस्प और अंदर से सॉफ्ट रहते हैं. गरम दाल, आम का अचार और कटा प्याज के साथ परोसें-पूरा देसी स्वाद तैयार.