खब्बू बल्लेबाज डुबो रहे लुटिया! भारत के फ्लॉप हो रहे बैटिंग ऑर्डर की वजह क्या?
कैफ की ये बात सच भी नजर आती है. असल में भारत के खब्बू बल्लेबाजों के खिलाफ विरोधी टीमों के ऑफ स्पिनर कमाल कर रहे हैं. राइट-आर्म ऑफ-स्पिन की वजह से भारत के बल्लेबाज परेशान हो रहे हैं और कोलेप्स हो जा रहे हैं.
टीम में बैलेंस लाने के लिए राइट हैंड बैट्समैन संजू सैमसन को मौका देना चाहिए, क्योंकि ऐसा न करके अब विरोधी टीमों को मौका दे रहे हैं. ज्यादा लेफ्ट हैंडर होने से विरोधी टीमों को अतिरिक्त तैयारी नहीं करनी पड़ रही.
मोहम्मद कैफ
———————-
सूर्य कुमार यादव को नंबर-3 पर प्रमोट करना चाहिए, ताकि तीन लेफ्ट-हैंडर्स लगातार न आएं. टॉप थ्री में तीन लेफ्ट-हैंडर्स की मोनोटोनी ब्रेक करनी चाहिए. ज्यादा चेंज मत करो, लेकिन बैलेंस तो लाओ.
इरफान पठान
भारतीय क्रिकेटर स्पिन बढ़िया खेलते हैं, मगर इस विश्वकप में खिलाड़ियों को ऑफ स्पिनर के सामने परेशानी हो रही है. दरअसल फिंगर स्पिन की वजह से खिलाड़ियों का मिस क्यू और एलबीडब्ल्यू का खतरा बढ़ जाता है. भारत की टीमें लगातार इसे टारगेट कर रही हैं. नामीबिया से लेकर नीदरलैंड तक सबने भारत को इससे परेशान किया.
पाकिस्तान ने स्पिनर्स से ही भारत के खिलाफ 18 ओवर कराए थे. इसके अलावा कुछ पिच भी स्लो हैं, जिससे स्पिन गेंदबाजी को मदद मिल रही है और खब्बू बल्लेबाज उनका शिकार हो रहे हैं. वे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाते हैं और उनके गलती कराते हैं. भारत के असिस्टेंट कोच रेयान टेन ने भी अफ्रीका के साथ मैच के बाद कहा था कि टीमें हमारे खिलाफ लेफ्ट हैंडर्स की वजह से फिंगर स्पिन फेंक रही है. हमें इसके खिलाफ तैयारी करनी होगी.
भारतीय टीम मैनेजमेंट को बाएं हाथ के बल्लेबाजों का पैटर्न बदलना होगा
अभिषेक शर्मा : अभिषेक शर्मा अब तक के अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं, वह टूर्नामेंट में 5 में से 4 मैच खेले हैं और इसमें 3 बार 0 पर आउट हुए हैं. अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने एक दो अच्छे शॉट लगाए, मगर तेज रन बनाने के चक्कर में जानसन की गेंद पर कोर्बिन बॉश को कैच करा बैठे.
ईशान किशन: ग्रुप मैचों में किशन ने अच्छी बल्लेबाजी की थी, खास तौर से पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन उनकी यादगार पारी थी, इसके अलावा नामीबिया के खिलाफ भी उन्होंने बढ़िया खेल दिखाया था. मगर अफ्रीका के खिलाफ वह 0 पर आउट हो गए. वह भारत के लिए रन बनाने वालों में इस टूर्नामेंट में दूसरे बल्लेबाज हैं, पहले पर सूर्य कुमार यादव हैं.
तिलक वर्मा : तिलक वर्मा को नंबर 3 पर उतारा जा रहा है, उन्होंने अपने बल्लेबाजी से अब तक उस तरह से कंट्रीब्यूट नहीं किया, जैसा कि उनसे उम्मीद लगाई जाती है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी वह महज 1 रन के निजी स्कोर पर ही आउट हो गए थे.
दक्षिण अफ्रीका ने भारत को सुपर 8 मैच में हराकर उसकी सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर दी.
शिवम दुबे : शिवम दुबे अकेले ऐसे खब्बू बल्लेबाज हैं, जो पिछले 4 मैचों से लगातार रन बना रहे हैं, यूएसए के खिलाफ जरूर वह 0 पर आउट हुए थे, लेकिन उसके बाद 23, 27,66 और 42 रन बनाकर टीम के लिए योगदान दे चुके हैं.
रिंकू सिंह: रिंकू सिंह 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आ रहे हैं, वह जब तक मैदान पर आते हैं, तब तक भारत मैच से बाहर हो चुका होता है या फिर पारी के एक या दो ओवर ही बचे होते हैं, वह एक दो शॉट को अच्छे लगाते हैं, मगर तब तक पारी ही समाप्त हो जाती है, अफ्रीका के खिलाफ रिंकू के पास मौका था, मगर वह कुछ खास नहीं कर सके.
टीम सेलेक्शन में आप ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश कर रहे हैं. अगर सामने वाली टीम में ज्यादा लेफ्ट-हैंडर्स हैं तो ऑफ-स्पिनर चाहिए, लेकिन अक्षर का लेफ्ट-हैंडर्स के खिलाफ रिकॉर्ड बहुत अच्छा है. उन्हें मौका मिलना चाहिए था.
आजिंक्य रहाणे