दिव्यांगों के अधिकारों की जागरूकता फैलाने का मिशन
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वासु, एक शारीरिक रूप से दिव्यांग युवक, अपनी साइकिल यात्रा के जरिए दो महत्वपूर्ण मिशनों को पूरा कर रहे हैं—प्रदूषण को कम करने और दिव्यांगों के अधिकारों की जागरूकता फैलाने का. 2 जून 2025 से शुरू हुई उनकी यात्रा 2028 तक चलेगी, जिसमें वह देश के 28 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेंगे. वासु की यह यात्रा केवल साहस और कठिनाई से निपटने की मिसाल नहीं है, बल्कि यह समाज को प्रदूषण से बचाने और दिव्यांगों के अधिकारों के लिए एक मजबूत संदेश भी देती है.
महराजगंज. हमारे देश में जहां ज्यादातर लोग छोटी-छोटी समस्याओं के सामने हार मान लेते हैं, वहीं बहुत से लोग ऐसी परिस्थितियों में भी साहस और मजबूत इरादों के उदाहरण प्रस्तुत करते हैं. ऐसा ही एक युवा है वासु, जो अपनी दृढ़ इच्छा और विश्वास के कारण पूरे देश की साइकिल यात्रा कर रहे हैं. वासु शारीरिक रूप से 55% दिव्यांग हैं, लेकिन उनका साहस इसको पीछे छोड़ देता है. हाथों और पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वासु ने हार नहीं मानी, बल्कि मजबूती के साथ खड़े होकर साइकिल से भारत की यात्रा पर निकल पड़े हैं. उनकी यह यात्रा लोगों के लिए साहस और विश्वास का स्रोत बन रही है. उन्होंने जो लक्ष्य तय किया है, वह आसान नहीं है, लेकिन उनके साहस और कठिन परिश्रम के सामने यह बड़ा लक्ष्य भी छोटा नजर आता है.
स्टॉप पॉल्यूशन, सेव अर्थ और राइट्स फॉर डिसेबल्ड पीपल्स यात्रा का मिशन
वासु ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वह 2 जून 2025 से साइकिल यात्रा पर निकले हैं, और उनकी यह यात्रा 2028 तक लगातार जारी रहेगी। वह अपनी साइकिल यात्रा के दौरान दो मुख्य मिशन लेकर चल रहे हैं. पहला मिशन है—”स्टॉप पॉल्यूशन, सेव अर्थ”, जिसके तहत वह प्रदूषण को कम करने के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं और युवाओं को यह संदेश दे रहे हैं कि प्रदूषण में कमी लानी जरूरी है. हमारे बड़े बुजुर्ग बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं, और जो बच्चे पैदा हो रहे हैं, वे बड़ी संख्या में अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. उनका दूसरा मिशन है—”राइट्स फॉर डिसेबल्ड पीपल्स”, जिसमें वह दिव्यांग लोगों के अधिकारों की बात कर रहे हैं. उनकी यह यात्रा सिर्फ एक साधारण साइकिल यात्रा नहीं है; यह यात्रा दिव्यांग लोगों के अधिकारों और प्रदूषण को कम करने तथा धरती को बचाने की जागरूकता का संदेश देती है.
28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा करेंगे
वासु ने बताया कि उन्होंने बहुत चुपके-चुपके इस साइकिल यात्रा की शुरुआत की थी. एक पुरानी साइकिल के साथ उन्होंने आठ सौ किलोमीटर से अधिक की यात्रा की, और बाद में उन्हें एक अच्छी साइकिल स्पॉन्सर से मिली. वह अब अपनी साइकिल से देश के 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा करना चाहते हैं, ताकि वहां की संस्कृतियों और सभ्यताओं को समझ सकें. वासु अपनी साइकिल यात्रा के साथ-साथ प्रदूषण को कम करने और धरती को बचाने के साथ ही दिव्यांग लोगों के अधिकारों की बात भी कर रहे हैं, जो उनकी यात्रा को और भी खास बनाता है.
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