19 साल की लड़की दिल्ली के लड़के के जाल में कैसे फंसी? कहानी उस ‘बुलबुल’ की, जिससे हिला पूरा देश | gurugram horror story tripura biotech 19 year girl student with boyfriend love thriller haryana police investigation
गुरुग्राम. त्रिपुरा की 19 की साल की एक लड़की के साथ गुरुग्राम में जो घटना घटी है, उसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है. पुलिस जांच कर रही है कि यह घटना क्यों और कैसे हुई? पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो जानकारी मिली है, वह हैरान करने वाले हैं. यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन इसका हर हिस्सा कड़वा और खौफनाक सच है. यह कहानी है त्रिपुरा की एक 19 वर्षीय छात्रा की, जिसने अपनी आंखों में बायोटेक इंजीनियर बनने का सपना संजोया था. लेकिन उसे क्या पता था कि जिस साइबर सिटी गुरुग्राम को वह अपने सपनों का शहर मान रही थी, वहीं उसकी जिंदगी का सबसे भयानक ‘हॉरर चैप्टर’ शुरू होने वाला है. सितंबर महीने में लड़की की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक लड़के से दोस्ती हुई और फरवरी महीने में ही उसका दर्दनाक अंत हो गया.
गुरुग्राम पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन एप पर दोनों की बातचीत शुरू हुई. दोनों में पहले सिर्फ हाय-हैलो हुआ फिर लेकिन धीरे-धीरे बातचीत लंबी होती चली गई. लड़की नॉर्थ ईस्ट के त्रिपुरा से थी और गुरुग्राम के नामी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी. वहीं, लड़का दिल्ली के नरेला इलाके का था. दोनों एक ही उम्र के थे. ऐसे में दोस्ती जल्द ही नजदीकियों में बदल गई. मुलाकातें बढ़ीं और फिर दोनों ने गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया. यहां तक की दोनों परिवारों तक इसकी बात पहुंची और दोनों की शादी की चर्चा भी होने लगी. सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन अचानक लड़के को लड़की पर शक होने लगा. इसके बाद दोनों में टकराव शुरू हो गया.
सितंबर में दोस्ती और फरवरी में उसका खौफनाक अंत
शक की एक हल्की सी चिंगारी ने शिवम के भीतर के राक्षस को जगा दिया. सस्पेंस तब गहराया जब युवती ने बाहरी दुनिया से संपर्क करना बंद कर दिया. पिछले 3 दिनों से उसे एक कमरे में बंधक बना लिया गया था. शिवम ने उस पर हमला किया, उसे पीटा और उसे हर पल मौत का अहसास कराया. कमरे के भीतर जो हो रहा था, उसकी भनक पड़ोसियों तक को नहीं थी.
गुरुग्राम में हॉरर की वो रात
16 फरवरी की रात इस कहानी का सबसे वीभत्स मोड़ लेकर आई. शिवम की सनक इस कदर बढ़ गई कि उसने युवती के शरीर पर ज्वलनशील सैनिटाइजर छिड़क दिया. इससे पहले कि युवती कुछ समझ पाती, उसने उसके प्राइवेट पार्ट्स में आग लगा दी. युवती दर्द से चीखती रही, लेकिन आरोपी शिवम रहम दिखाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से इस पूरी हैवानियत का वीडियो बना रहा था. वह इस मंजर का आनंद ले रहा था जैसे वह कोई फिल्म शूट कर रहा हो.
एक फोन कॉल पर एक्शन
लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. रात करीब 10 बजे, जब शिवम थोड़ी देर के लिए कमरे से बाहर गया, युवती ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को फोन लगाया. हजारों किलोमीटर दूर त्रिपुरा में बैठी मां ने जब बेटी की थरथराती आवाज सुनी. ‘मां, वह मुझे मार डालेगा, उसने मुझे जला दिया है, बचा लो मां…’ तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लड़की ने बंगाली भाषा में मां से यह सारी बातें की.
बंग्ला ने बचा ली जान
मां ने बिना समय गंवाए त्रिपुरा पुलिस और फिर गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी. दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और जैसे ही पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, अंदर का मंजर देखकर अनुभवी अफसरों की भी रूह कांप गई. युवती अधजली हालत में फर्श पर तड़प रही थी और आरोपी वहीं छिपा हुआ था. आरोपी शिवम फरार हो गया लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
पीड़िता को तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां वह गंभीर हालत में अपनी जिंदगी के लिए लड़ रही है. पुलिस ने शिवम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया है. वह वीडियो भी पुलिस के हाथ लग गया है, जो इस दरिंदगी का सबसे बड़ा सबूत बनेगा. इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ऑनलाइन दुनिया के पीछे छिपे चेहरों की पहचान करना कितना जरूरी है. एक मां की सजगता और पुलिस की तत्परता ने एक जान तो बचा ली, लेकिन उस मासूम के मन पर लगे जख्म शायद कभी नहीं भर पाएंगे.