Top 5 most wicket taker bowlers in test: दुनिया के वो 5 गेंदबाज…जिनके नाम दर्ज हैं टेस्ट के सबसे बड़े रिकॉर्ड, एक ने तो तेज गेंदबाजों के दौर में स्पिन को किया जिंदा

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दुनिया के वो 5 गेंदबाज…जिनके नाम दर्ज हैं टेस्ट के सबसे बड़े रिकॉर्ड

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Top 5 most wicket taker bowlers in test: टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में सैकड़ों गेंदबाज आए, लेकिन केवल 5 ऐसे ‘महारथी’ हुए जिन्होंने विकेटों का वो एवरेस्ट खड़ा किया जिसे पार करना नामुमकिन सा लगता है. मुथैया मुरलीधरन के जादुई 800 विकेटों से लेकर जेम्स एंडरसन की स्विंग के कहर तक. ये कहानी है उन 5 दिग्गज गेंदबाजों की जिन्होंने अपनी फिरकी और रफ्तार से दुनिया के महानतम बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.

दुनिया के वो 5 गेंदबाज...जिनके नाम दर्ज हैं टेस्ट के सबसे बड़े रिकॉर्डZoom

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 गेंदबाज.

नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में कई गेंदबाज आए, लेकिन कुछ ऐसे ‘शिल्पकार’ हुए जिन्होंने अपनी उंगलियों के जादू और रफ्तार के कहर से इस खेल की परिभाषा ही बदल दी. टेस्ट क्रिकेट केवल कौशल की नहीं, बल्कि धैर्य और मानसिक मजबूती की सबसे कठिन परीक्षा है. इस सफर में मुथैया मुरलीधरन, शेन वॉर्न, जेम्स एंडरसन, अनिल कुंबले और स्टुअर्ट ब्रॉड ये वो पांच नाम हैं जिन्होंने विकेटों का ऐसा शिखर छुआ है, जिसे पार करना आधुनिक गेंदबाजों के लिए मुश्किल चुनौती है. आइए जानते हैं उन 5 महान गेंदबाजों की कहानी, जिन्होंने अपनी फिरकी और स्विंग से क्रिकेट के मैदान पर स्वर्णिम इतिहास लिखा.

क्रिकेट की दुनिया में अगर कोई रिकॉर्ड ‘अभेद्य’ लगता है, तो वह है श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) के 800 टेस्ट विकेट. साल 1992 से 2010 के बीच मुरलीधरन ने अपनी रहस्यमयी ऑफ-स्पिन और ‘दूसरा’ से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. मुरली के नाम 133 मैचों में रिकॉर्ड 67 बार 5 विकेट लेने का कारनामा दर्ज है. उनके करियर की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि उन्होंने अपने करियर की आखिरी गेंद पर प्रज्ञान ओझा का विकेट लेकर अपना 800वां शिकार पूरा किया और क्रिकेट को अलविदा कहा.

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 गेंदबाज.

शेन वॉर्न ने टेस्ट में किए 708 शिकार
अगर मुरलीधरन रहस्य थे, तो शेन वॉर्न (Shane Warne) एक कलाकार. ऑस्ट्रेलिया के इस लेग-स्पिनर ने उस दौर में स्पिन गेंदबाजी को पुनर्जीवित किया जब तेज गेंदबाजों का बोलबाला था. 1993 की वह ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ (माइक गेटिंग को फेंकी गई गेंद) आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा है. वॉर्न ने 145 टेस्ट मैचों में 708 विकेट चटकाए. वे न केवल एक बेहतरीन गेंदबाज थे, बल्कि एक चतुर रणनीतिकार भी थे जो बल्लेबाज के दिमाग से खेलना जानते थे. उनकी लेग-ब्रेक और फ्लिपर का मिश्रण किसी पहेली से कम नहीं था.

एंडरसन की ताकत गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी कला थी
तेज गेंदबाजी और लंबी उम्र का साथ कम ही दिखता है, लेकिन जेम्स एंडरसन (James Anderson) ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया. इंग्लैंड के इस ‘स्विंग के सुल्तान’ ने 2024 में जब संन्यास लिया, तब उनके नाम 704 विकेट दर्ज थे. वे टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं. एंडरसन की ताकत गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी कला थी. उन्होंने 188 टेस्ट मैच खेले, जो एक तेज गेंदबाज के लिए शारीरिक रूप से लगभग असंभव लगने वाला आंकड़ा है. जिमी ने दिखाया कि अनुशासन और कौशल से आप किसी भी उम्र में दुनिया पर राज कर सकते हैं.

भारत के सबसे बड़े मैच-विजेता खिलाड़ियों में शुमार थे अनिल कुंबले
भारत के सबसे बड़े मैच-विजेता खिलाड़ियों में शुमार अनिल कुंबले (Anil Kumble) इस सूची में चौथे स्थान पर हैं. कुंबले पारंपरिक लेग-स्पिनर नहीं थे; उनकी ताकत उनकी रफ्तार, सटीक लाइन-लेंथ और कभी हार न मानने वाला जज्बा था. कुंबले ने 132 मैचों में 619 विकेट लिए. उनके करियर का सबसे यादगार पल 1999 में दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान पर आया, जब उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में सभी 10 विकेट झटक कर इतिहास रच दिया था. टूटे हुए जबड़े पर पट्टी बांधकर वेस्टइंडीज के खिलाफ गेंदबाजी करना उनके अदम्य साहस की कहानी कहता है.

ब्रॉड-एंडरसन की जोड़ी ने सालों तक विपक्षी टीमों के लिए खौफ का माहौल बनाए रखा
इस प्रतिष्ठित सूची में पांचवां नाम इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad) का है. ब्रॉड और एंडरसन की जोड़ी ने सालों तक विपक्षी टीमों के लिए खौफ का माहौल बनाए रखा. ब्रॉड एक ऐसे गेंदबाज थे जो ‘स्पैल’ में विकेट लेने के लिए जाने जाते थे.अगर उन्हें एक विकेट मिलता, तो वे देखते ही देखते पूरी पारी समेट देते थे. 2015 एशेज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 रन देकर 8 विकेट लेना उनके करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जाता है.उन्होंने 2023 में क्रिकेट से संन्यास लिया और अपने करियर का अंत 604 टेस्ट विकेटों के साथ किया.

About the Author

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

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