गुलकंद के फायदे और बनाने की आसान विधि गर्मियों के लिए.
गुलकंद भारतीय आयुर्वेद में एक ठंडक देने वाला, मीठा और पौष्टिक मिष्ठान माना जाता है. यह मुख्य रूप से गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी से बनाया जाता है. गर्मियों में शरीर को शीतलता देने और पाचन को सुधारने के लिए यह बेहद फायदेमंद है.
सामग्री
देसी गुलाब/पिंक रोज़ की ताज़ी पंखुड़ियां – 2 कप
चीनी – 1 कप
इलायची पाउडर – ½ चम्मच (ऐच्छिक)
शहद – 1 बड़ा चम्मच (ऐच्छिक)
चुटकीभर केसर (ऐच्छिक)
कांच का जार – धूप में रखने के लिए
गुलकंद बनाने की विधि
1. गुलाब की पंखुड़ियों को साफ करें
पंखुड़ियों को हल्के हाथों से धोकर कपड़े पर फैलाकर सुखा लें. पंखुड़ियां बिल्कुल सूखी होनी चाहिए, वरना गुलकंद जल्दी खराब हो सकता है.
2. पंखुड़ियों को मैश करें
सूखी पंखुड़ियों को हाथ से हल्का-सा मसलें या बहुत हल्का पीस लें ताकि उनकी खुशबू और रस निकल सके.
3. परतें लगाना शुरू करें
एक साफ, सूखे कांच के जार में
पहले गुलाब की पंखुड़ियों की परत,
फिर उस पर चीनी की परत बिछाएं.
इसी तरह सभी परतें लगाकर जार भर लें.
4. इलायची और केसर डालें
अधिक सुगंध और रंग के लिए इलायची पाउडर और कुछ केसर के रेशे ऊपर डाल दें.
5. जार को धूप में रखें
जार को अच्छी तरह बंद करके 10–12 दिनों तक धूप में रखें.
हर दिन जार को हिलाएं या चम्मच से हल्का मिलाएँ ताकि पंखुड़ियां और चीनी अच्छी तरह मिश्रित हो जाएं.
धीरे-धीरे चीनी पिघलकर गुलाब के रस में बदल जाती है और गुलकंद तैयार होता है.
6. तैयार गुलकंद स्टोर करें
10–12 दिनों में गुलकंद गाढ़ा, सुगंधित और चिपचिपा हो जाएगा. इसे फ्रिज में रखकर 6 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है.
गुलकंद के फायदे
1. शरीर को ठंडक पहुंचाता है
गुलकंद का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर की गर्मी कम करता है. लू, एसिडिटी और सिरदर्द में राहत देता है.
2. पाचन सुधारता है
यह पेट की जलन, गैस और कब्ज में फायदेमंद है. रोज रात को 1–2 चम्मच गुलकंद लेने से पाचन बेहतर होता है.
3. त्वचा के लिए लाभकारी
गुलकंद खून साफ करता है और त्वचा में नेचुरल ग्लो लाता है. मुहांसों और दाग-धब्बों में भी मदद करता है.
4. थकान और तनाव कम करता है
इसकी प्राकृतिक सुगंध मन को शांत करती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है.
5. मुंह की बदबू दूर करता है
गुलकंद माउथ फ्रेशनर की तरह भी काम करता है और दांत–मसूड़ों की सेहत के लिए अच्छा है.