Employing 150 women, handicrafts exemplify empowerment; Jaipur’s felt art shines at Delhi Fair 2026: Uttar Pradesh News
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Delhi Fair 2026 : ग्रेटर नोएडा में आयोजित दिल्ली फेयर 2026 के 61वें एडिशन में जयपुर की परंपरा एक्सपोर्ट ने अपने फेल्ट उत्पादों और टेक्सटाइल स्कल्पचर से खास पहचान बनाई. पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक डिजाइन के संगम ने देश-विदेश के खरीदारों को आकर्षित किया. विशेष रूप से फेल्ट से बना विशाल हाथी स्टॉल का मुख्य आकर्षण रहा.

ग्रेटर नोएडा : आयोजित दिल्ली फेयर 2026 के 61वें एडिशन में इस बार भारतीय हस्तशिल्प की रचनात्मकता खास आकर्षण का केंद्र रही. इसी क्रम में जयपुर की परंपरा एक्सपोर्ट ने अपने अनोखे फेल्ट उत्पादों और टेक्सटाइल स्कल्पचर के माध्यम से देश-विदेश से आए खरीदारों और आगंतुकों का ध्यान खींचा. पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन का यह संगम प्रदर्शनी की विशेष पहचान बना.
परंपरा और आधुनिकता का संगम
करीब 26 वर्षों से हस्तशिल्प क्षेत्र में सक्रिय परंपरा एक्सपोर्ट ने इस प्रदर्शनी में परंपरा और नवाचार का शानदार मेल प्रस्तुत किया. कंपनी फेल्ट से तैयार क्रिसमस डेकोरेशन, वॉल डेकोरेशन, टॉयज और रूम डेकोरेशन उत्पादों के लिए जानी जाती है. इस बार बड़े आकार के फैब्रिक स्कल्पचर विशेष आकर्षण रहे. फेल्ट से तैयार हाथी का विशाल मॉडल स्टॉल का मुख्य केंद्र बना, जहां विजिटर्स तस्वीरें लेते और उत्पादों की बारीकी को नजदीक से देखते नजर आए.
इंटीग्रेटेड उत्पादन मॉडल की खासियत
कंपनी प्रतिनिधियों के अनुसार उनकी पूरी उत्पादन प्रक्रिया एक इंटीग्रेटेड मॉडल पर आधारित है. रॉ वूल की प्रोसेसिंग से लेकर फेल्ट निर्माण, डिजाइनिंग, स्टिचिंग और फिनिशिंग तक सभी कार्य एक ही फैक्ट्री परिसर में किए जाते हैं. इस समेकित प्रक्रिया के कारण उत्पादों में एक विशिष्ट ह्यूमन टच और प्रीमियम फिनिश दिखाई देती है. हस्तनिर्मित वस्तुओं के पारखी खरीदारों के लिए यह विशेष आकर्षण का कारण बनता है.
महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल
परंपरा एक्सपोर्ट की सामाजिक भूमिका भी उल्लेखनीय है. कंपनी में लगभग 150 महिलाएं कार्यरत हैं, जो इस कारीगरी के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं. पिछले 25 वर्षों में कंपनी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5000 से 6000 परिवारों तक रोजगार पहुंचा चुकी है. कई कार्य होम बेस्ड मॉडल पर भी संचालित किए जाते हैं, जिससे महिलाएं घर से ही काम कर आय अर्जित कर पाती हैं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ संतुलन बनाए रखती हैं.
फेल्ट की प्राचीन विरासत और आधुनिक पहचान
फेल्ट को मानव इतिहास का सबसे प्राचीन मानव निर्मित फैब्रिक माना जाता है. प्राकृतिक ऊन को दबाव और नमी की प्रक्रिया से तैयार किया जाने वाला यह कपड़ा टिकाऊ होने के साथ सौम्य टेक्सचर प्रदान करता है. इसी पारंपरिक तकनीक को आधुनिक डिजाइन सोच के साथ जोड़कर परंपरा एक्सपोर्ट ने टेक्सटाइल स्कल्पचर की एक विशिष्ट पहचान बनाई है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग स्थान बना रही है.
वैश्विक बाजार में बढ़ती संभावनाएं
दिल्ली फेयर में देश-विदेश से आए खरीदारों ने कंपनी के स्टॉल में गहरी रुचि दिखाई. हस्तनिर्मित और सस्टेनेबल उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग के बीच ऐसे प्रोडक्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जिनमें सांस्कृतिक स्पर्श और हाथ की मेहनत झलकती हो. प्रदर्शनी में मिले सकारात्मक प्रतिसाद ने यह संकेत दिया कि भारतीय फेल्ट कारीगरी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं.