जिम्बाब्वे को पाकिस्तानी रजा ने बनाया ‘सिकंदर’, दो साल में ऐसे बदल दी पूरी कहानी
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जिम्बाब्वे ने ग्रुप-B के अंतिम लीग मुकाबले में श्रीलंका को हराकर एक बार फिर साबित कर दिया कि ऑस्ट्रेलिया पर उनकी जीत कोई तुक्का नहीं थी. यह टीम अब अपने ग्रुप B की टॉप टीम बनकर सुपर-8 में पहुंची है.

सिकंदर रजा ने जिम्बाब्वे क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया है.
जिम्बाब्वे की टीम वर्ल्डकप 2024 के लिए क्वालीफायर मैच खेल रही थी. तारीख थी 26 नवंबर और साल था 2023. टीम को हर हाल में जीत हासिल करनी थी. सामने थी युगांडा की टीम. जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 136 रन बनाए. टॉप ऑर्डर फेल रहा और मिडिल ऑर्डर भी ज्यादा नहीं चला. युगांडा ने न सिर्फ मैच जीता बल्कि जिम्बाब्वे की वर्ल्डकप खेलने की उम्मीद भी धो दी. यह टीम के लिए शर्मनाक था और हिला देने वाला भी. अफ्रीका रीजन में 3 साल पहले क्वालीफायर हारने वाली वो टीम आज सिकंदर रजा की कप्तानी में वर्ल्ड चैंपियंस टीमों के लिए चुनौती बन गई है.
जिम्बाब्वे ने ग्रुप-B के अंतिम लीग मुकाबले में श्रीलंका को हराकर एक फिर साबित कर दिया कि ऑस्ट्रेलिया पर उनकी जीत कोई तुक्का नहीं थी. यह टीम अब अपने ग्रुप B की टॉप टीम बनकर सुपर-8 में पहुंची है, जहां उसका मुकाबला साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और भारत से होने वाला है. इस वर्ल्डकप में अब तक जिम्बाब्वे ने जिस तरह का खेल दिखाया है, उससे ये साफ हो चुका है कि सुपर-8 में साथी टीमों के लिए उससे पार पाना आसान न होगा.
ये वही टीम है जो आखिरी बार किसी वर्ल्डकप के सुपर सिक्स में 2003 में पहुंची थी, उसके बाद सिर्फ 2022 में टीम सुपर-12 तक पहुंची. 2024 में क्वालीफाई भी नहीं कर पाई और अब ऐसा प्रदर्शन कर रही है जिसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा हो. टीम के हौसले कितने बुलंद थे इसका अंदाजा सहायक कोच डियोन इब्राहिम के बयान से लगाया जा सकता है, जिनका कहना था कि ग्रुप में सभी चार में से चार मैचों में जीतने से सिर्फ बारिश रोक पाई, जिससे आयरलैंड के साथ मैच नहीं हो पाया था.
जिम्बाब्वे के इस करिश्मे के पीछे एक शख्स जिसका सबसे ज्यादा हाथ माना जा रहा है, वह हैं सिकंदर रजा. सिकंदर को जब टीम की कमान दी गई तो बोर्ड फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स से जूझ रहा था. टीम लगातार हार रही थी. ऐसे में सिकंदर टीम की ऐसी रीढ़ बने जिन्होंने अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन से टीम को लड़ना सिखाया.
2023 से 2024 तक दो साल में सिकंदर ने गेंद से 70 विकेट लिए और सैकड़ों रन बनाए. इस बीच सिकंदर को आईसीसी प्लेयर ऑफ द ईयर जैसे अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट हुए. उन्हें दुनिया के व्हाइट बॉल् प्लेयर्स की लिस्ट में जगह भी मिली. सिकंदर ने टीम को अनुशासित बनाया और ये विश्वास दिलाया कि अगर लड़ेंगे तो जीत भी हासिल करेंगे. उन्होंने टीम को वॉरियर मेंटेलिटी दी और जिम्बाब्वे क्रिकेट के पोस्टर बॉय बन गए.
सिकंदर एक वैश्विक सुपरस्टार हैं, वे महान खिलाड़ियों में शामिल हैं. जिम्बाब्वे अब सुपर एट के लिए भारत जा रहा है, यह एक ऐसा मंच है जिस पर पहुंचने के लिए टीम का हर खिलाड़ी बेताब था.
डियोजन इब्राहिम, सहायक कोच, जिम्बाब्वे
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